India Road Accidents: भारत में हर दिन सड़क हादसे में चली जाती है इतने लोगों की जान, आंकड़ा सुनकर नहीं होगा यकीन
India Road Accidents: भारत में सड़क दुर्घटना में हर साल लाखों मौत हो जाती हैं. आइए जानते हैं पूरे आंकड़े.

- भारत में सड़क हादसे चिंताजनक, प्रतिदिन 502 मौतें दर्ज हुईं।
- रोजाना 1400+ दुर्घटनाएं, दुपहिया-पैदल यात्री प्रमुख रूप से शिकार।
- तमिलनाडु में सर्वाधिक हादसे, उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा मौतें हुईं।
India Road Accidents: सड़क दुर्घटना भारत की सबसे बड़ी सार्वजनिक सुरक्षा चुनौती में से एक बनी हुई है. इसमें मरने वालों की संख्या चिंताजनक रूप से काफी ज्यादा है. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक देशभर में हर दिन औसतन 502 लोग सड़क हादसे में अपनी जान गवा देते हैं. दूसरे शब्दों में कहें तो हर घंटे लगभग 21 लोग मरते हैं.
क्या कहते हैं आंकड़े?
संसद में प्रस्तुत आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक 2025 में पूरे भारत में 5.13 लाख से ज्यादा सड़क दुर्घटना हुई. इसमें 1,83,382 मौतें हुईं. आंकड़े बेहतर सड़क सुरक्षा, यातायात नियम को सख्ती से लागू करने और व्यापक जन जागरूकता की तत्काल जरूरत को दर्शाते हैं.
हर रोज 1400 से ज्यादा सड़क दुर्घटना
रिपोर्ट्स से यह पता चलता है कि भारत में हर रोज 1400 से ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं होती हैं. औसतन हर घंटे लगभग 59 दुर्घटनाएं होती हैं. इससे सड़क दुर्घटना देश में आकस्मिक मौत के प्रमुख कारणों में से एक बन जाती हैं.
सड़क बुनियादी ढांचे और वाहन प्रौद्योगिकी में सुधार के बावजूद असुरक्षित ड्राइविंग प्रथा और यातायात नियम के उल्लंघन की वजह से दुर्घटना की संख्या एक बड़ी चिंता बनी हुई है.
किसे सबसे ज्यादा खतरा?
सभी सड़क उपयोगकर्ताओं में से दोपहिया सवारों और पैदल चलने वालों की मृत्यु की संख्या सबसे ज्यादा है. मोटरसाइकिल चालकों को अक्सर सड़क पर रहने की वजह से ज्यादा जोखिम का सामना करना पड़ता है.कई इलाकों में खराब क्रॉसिंग सुविधा और सुरक्षित यातायात स्थिति की वजह से पैदल यात्री खतरे में रहते हैं.
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तमिलनाडु में सबसे ज्यादा सड़क दुर्घटना
अगर राज्य वार आंकड़ों की बात करें तो 2025 के दौरान तमिलनाडु में 71,387 दुर्घटनाओं के साथ देश में सबसे ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं. राज्य में लगातार बड़ी संख्या में दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं. यह इसके व्यापक सड़क नेटवर्क और भारी यातायात आवाजाही दोनों को दर्शाता है. इसी के साथ दुर्घटनाओं की संख्या काफी ज्यादा बनी हुई है.
उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा मौत
वैसे तो तमिलनाडु में सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं, उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा मौत देखने को मिली हैं. साल के दौरान सड़क दुर्घटनाओं में 27,550 लोगों की जान चली गई. आंकड़े बताते हैं कि मौत को कम करने के लिए न सिर्फ दुर्घटनाओं को रोकने की जरूरत है बल्कि आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली, आघात देखभाल और यातायात कानून को लागू करने में भी सुधार करना होगा.
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