किस राज्य में हुए हैं अब तक सबसे ज्यादा पेपर लीक, जानें सभी आंकड़े?
Paper Leak Statistics India: धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है. इसी बीच आइए जानते हैं कि भारत के किस राज्य में सबसे ज्यादा पेपर लीक की घटना होती है.

- पेपर लीक भारत की भर्ती-शिक्षा व्यवस्था की बड़ी चुनौती।
- यूपी, राजस्थान, मध्य प्रदेश में सर्वाधिक मामले दर्ज हुए।
- पिछले 12 सालों में 116 से अधिक लीक हुए।
- नीट यूजी सहित राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएं भी प्रभावित हुईं।
Paper Leak Statistics India: नीट पेपर लीक के बाद दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा एक बड़ा प्रदर्शन किया गया. इसके बाद धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया. परीक्षा के पेपर लीक होना भारत की भर्ती और शिक्षा व्यवस्था के सामने एक बड़ी चुनौती बन गया है. पिछले दशक में कई राज्य और राष्ट्रीय स्तरीय की परीक्षाएं पेपर लीक और दूसरी गड़बड़ी से प्रभावित हुई हैं. इससे भर्ती प्रक्रिया में रुकावट आई है और लाखों उम्मीदवार प्रभावित हुए हैं. आइए जानते हैं क्या कहते हैं 2014 से 2024 और 2026 तक के आंकड़े.
आधिकारिक पेपर लीक मामलों की सूची में उत्तर प्रदेश सबसे ऊपर
रिपोर्ट्स के मुताबिक उत्तर प्रदेश में पेपर लीक की 11 बड़ी घटनाएं सामने आई हैं. कुछ प्रमुख मामलों में पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा शामिल है, जिससे लगभग 48 लाख उम्मीदवार प्रभावित हुए थे और साथ ही यूपीटीईटी और आरओ/एआरओ परीक्षाएं भी शामिल हैं. भर्ती परीक्षाओं के बार-बार रद्द होने और टलने से नौकरी के कई उम्मीदवार प्रभावित हुए हैं और भर्ती प्रक्रिया में देरी हुई है.
राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी कई घोटाले
मध्य प्रदेश में पेपर लीक के 9 बड़े मामले सामने आए हैं. इनमें व्यापम घोटाला देश के सबसे बड़े परीक्षा घोटाले में से एक रहा है. इस विवाद ने भर्ती और प्रवेश परीक्षा में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों को दिखाया है. इसी तरह राजस्थान में भी 9 बड़े मामले दर्ज किए गए हैं. इनमें रीट 2021, सब इंस्पेक्टर भर्ती और कांस्टेबल भर्ती परीक्षा से जुड़े पेपर लीक शामिल हैं.
दूसरे राज्यों में भी परीक्षा पेपर लीक की घटना
महाराष्ट्र में पेपर लीक की 6 बड़ी घटनाएं देखने को मिली हैं. खासकर तकनीकी और स्वास्थ्य विभाग की भर्ती परीक्षा में. गुजरात में पांच बड़े मामले दर्ज किए गए हैं. इनमें जूनियर क्लर्क और दूसरे सरकारी भर्ती परीक्षाओं से जुड़े विवाद शामिल हैं. बिहार में बीपीएससी शिक्षक भर्ती, 67वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा और कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर भर्ती से जुड़े पेपर लीक के मामलों ने बार-बार लोगों का ध्यान खींचा है.
देश भर में पेपर लीक के 100 से ज्यादा मामले
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बीते 12 सालों में पूरे भारत में आधिकारिक तौर पर पेपर लीक के 116 से ज्यादा मामले देखने को मिले हैं. इनमें परीक्षा रद्द होने, देरी और गड़बड़ियों से लगभग 7.5 करोड़ छात्र और नौकरी के उम्मीदवार प्रभावित हुए हैं.
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नेशनल लेवल की परीक्षाएं भी प्रभावित
यह समस्या सिर्फ राज्य स्तर की भर्ती परीक्षा तक ही सीमित नहीं रही. केंद्रीय एजेंसी द्वारा आयोजित कई परीक्षाओं में भी पेपर लीक या फिर गड़बड़ी के आरोप लगे हैं. स्टाफ सिलेक्शन कमिशन, यूनियन पब्लिक सर्विस कमिशन, केंद्रीय विद्यालय संगठन, और हाल ही में हुई नीट यूजी परीक्षा जैसी संस्थाओं द्वारा आयोजित परीक्षाएं भी शामिल हैं.
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