CJP प्रोटेस्ट के बाद जंतर-मंतर पर कितना कूड़ा छोड़ गए Gen Z?
Jantar Mantar Protest: दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहा प्रदर्शन खत्म हो चुका है. आइए जानते हैं कि इस विरोध प्रदर्शन के बाद GenZ वहां कितना कचरा छोड़ गया.

- दिल्ली के जंतर-मंतर पर 36 दिन का विरोध प्रदर्शन समाप्त हुआ।
- प्रदर्शन स्थल पर लगभग 60 मीट्रिक टन कचरा जमा हो गया था।
- GenZ स्वयंसेवकों, NDMC ने मिलकर बड़ा सफाई अभियान चलाया।
- कचरा हटाने के साथ दीवारों, फुटपाथों की व्यापक मरम्मत की गई।
Jantar Mantar Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में 36 दिनों तक चला विरोध प्रदर्शन अब खत्म हो चुका है. लेकिन इसके बाद उस इलाके में हाल के सालों के सबसे बड़े सफाई अभियान में से एक चलाया गया. रिपोर्ट्स के मुताबिक विरोध प्रदर्शन के दौरान लगभग 60 मीट्रिक टन कचरा जमा हो गया था. हालांकि इसके बाद एक अनोखा नजारा भी देखने को मिला. GenZ प्रदर्शनकारी साफ सफाई करने के लिए वहीं पर रुक गए और नई दिल्ली म्युनिसिपल काउंसिल ने भी बड़े पैमाने पर बहाली का अभियान चलाया.
लगभग 60 मीट्रिक टन कचरा जमा हुआ
न्यू दिल्ली म्युनिसिपल काउंसिल और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 36 दिनों के विरोध प्रदर्शन के दौरान लगभग 60 मीट्रिक टन कचरा जमा हुआ. रिपोर्ट्स के मुताबिक विरोध प्रदर्शन वाली जगह पर हर दिन औसतन लगभग 15 टन कचरा जमा होता था. जमा हुए कचरे में प्लास्टिक की बोतल, पेपर कप, खाने के पैकेट, विरोध प्रदर्शन के बैनर, पोस्टर, पत्थर, निर्माण कार्य का मलबा और दूसरी तरह का ठोस कचरा शामिल था.

सफाई अभियान में शामिल हुए GenZ वॉलिंटियर्स
सफाई का काम पूरी तरह से नगर निकाय अधिकारियों पर छोड़ने के बजाय GenZ छात्र और प्रदर्शनकारी विरोध प्रदर्शन खत्म होने के बाद भी जंतर मंतर पर ही रुक रहे और उन्होंने इलाके को ठीक करने में काफी मदद की. दस्ताने, झाड़ू और कचरे के बड़े बैग से लेकर सैकड़ों वालंटियर सड़कों और सार्वजनिक जगहों की सफाई में शामिल हुए. सोशल मीडिया पर इस पहल की सराहना की गई और कई लोगों ने इस संदेश को भी दिखाया कि जो लोग सार्वजनिक जगह पर कचरा फैलाते हैं उन्हें साफ सफाई करने में भी मदद करनी चाहिए.
बड़े पैमाने पर बहाली अभियान शुरू
वालंटियर के साथ-साथ न्यू दिल्ली म्युनिसिपल काउंसिल ने 24 घंटे चलने वाले बड़े पैमाने पर सफाई और बहाली अभियान को भी शुरू किया. कचरा हटाने के काम को तेज करने के लिए नगर निकाय ने प्रभावित हुए इलाकों में आठ ऑटो टिपर, दो भारी ट्रक, एक एक्सकेवेटर, तीन प्रेशर जेटिंग मशीन, मैकेनिकल रोड स्वीपर और सफाई टीम तैनात की. जेटिंग मशीनों का इस्तेमाल करके जंतर मंतर के आसपास की सड़कों को धोया गया और इसी के साथ सफाई कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन वाली जगह से मिला-जुला कचरा और निर्माण कार्य का मलबा इकट्ठा किया.

कचरा हटाने के अलावा दूसरे काम
नगर निकाय का काम सिर्फ कचरा हटाने तक ही सीमित नहीं था. टीम ने इलाकों को उनकी पुरानी हालत में लाने के लिए विरोध प्रदर्शन के नारों को मिटाने के लिए दीवारों को फिर से रंगना, टूटे हुए फुटपाथ और कर्बस्टोन की मरम्मत करना और सार्वजनिक जगहों की सफाई करना शुरू कर दिया है. सफाई अभियान में सिर्फ जंतर-मंतर ही नहीं बल्कि आसपास की सड़क भी शामिल थीं. इनमें टॉल्स्टॉय रोड, संसद मार्ग, जय सिंह रोड, जनपथ और कनॉट प्लेस का इलाका शामिल था.
इतना कचरा क्यों जमा हुआ?
दरअसल लगातार सफाई का काम बाधित हुआ क्योंकि दिल्ली पुलिस की बैरिकेडिंग की वजह से एनडीएमसी की गाड़ियां विरोध प्रदर्शन वाली जगह पर नहीं जा पा रही थी. यही वजह है कि बड़े पैमाने पर सफाई अभियान शुरू होने से पहले कई हफ्तों तक सड़कों और फुटपाथ पर कचरा और मलबा जमा होता रहा.
यह भी पढ़ेंः युवाओं पर पैलेट गन, पुलिस वालों को कितनी हो सकती है सजा?
चौबिसों घंटे कचरा हटाने का काम चलता रहा
एनडीएमसी अधिकारियों के मुताबिक शनिवार रात तक लगभग 40 मीट्रिक टन कचरा हटाया जा चुका था और साथ ही रविवार सुबह 12 मीट्रिक टन और कचरा हटाया गया. इसके बाद उस समय तक कुल हटाए गए कचरे का लगभग 52 मीट्रिक टन हो चुका था. अधिकारियों के मुताबिक कुल कचरे की मात्रा 60 मीट्रिक टन तक होगी. नगर निकाय ने यह भी बताया कि रात भर 75 सफाई कर्मचारियों को तैनात किया गया था. इसी के साथ रविवार सुबह अधिकारियों की देखरेख में 35 और कर्मचारियों ने अभियान जारी रखा. सफाई अभियान की शुरुआत में शुक्रवार को लगभग 27 मीट्रिक टन मिला जुला कचरा हटाया गया था और उसे पिछले दिन लगभग 15 मीट्रिक टन कचरा हटाया गया था.
सरकार की कार्रवाई के बाद विरोध प्रदर्शन खत्म
कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में यह विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से छात्रों द्वारा नीट पेपर लीक के मुद्दे पर आयोजित किया गया था. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और सरकार द्वारा दूसरी मांगों को मान लेने के बाद विरोध प्रदर्शन को वापस ले लिया गया है. विरोध प्रदर्शन के खत्म होने के बाद सुरक्षा के लिए किए गए सभी अस्थायी इंतजाम जिनमें जंतर मंतर के आसपास लगाए गए पुलिस वॉच टावर, सीसीटीवी कैमरे और केबल शामिल थे, सब कुछ हटा दिया गया है. कनॉट प्लेस और उसके आसपास के मेट्रो स्टेशन के गेट, जो विरोध प्रदर्शन के दौरान बंद कर दिए गए थे, अब जनता के लिए दोबारा खोल दिए गए हैं.
यह भी पढ़ेंः रोजाना रात में 3 बजे क्यों टूटती है नींद? आज जान लें असली वजह
























