किस देश के पास है दुनिया की सबसे महंगी सबमरीन, जानें कितनी है इसकी कीमत?
Most Advanced Submarine: पूरी दुनिया में आधुनिक सबमरीन के लिए होड़ मची है. चलिए आपको बताते हैं कि दुनिया के किस देश के पास है सबसे आधुनिक सबमरीन और इसको कौन सा देश इस्तेमाल करता है.

Most Advanced Submarine In The World: पहले के जमाने में युद्ध तीर, तलवार और तोप से लड़े जाते थे. लेकिन आज के दौर में युद्ध की परिभाषा बदल गई है. आज जंग के मैदान में आपकी ताकत आधुनिक मिसाइलें, फाइटर जेट, मिसाइल डिफेंस सिस्टम, टैंक, युद्धपोत और सबमरीन तय करते हैं. अगर इसे सरल शब्दों में समझा जाए तो आपकी नौसेना, थल सेना और वायुसेना कितनी ताकतवर है यह तय करती है कि आप दुश्मन के सामने कब तक टिक पाएंगे, आप हारेंगे या जीतेंगे.
उदाहरण के लिए हम रूस और यूक्रेन के जंग को देख सकते हैं एक तरफ रूस अकेला खड़ा है और दूसरी तरफ पूरा यूरोप और अमेरिका मिलकर यूक्रेन की मदद कर रहे हैं. इसके बावजूद वे रूस को हरा नहीं पाए हैं. ऐसा इसलिए है क्योंकि रूस के पास आधुनिक हथियार मौजूद हैं उसकी डिफेंस इंडस्ट्री काफी शक्तिशाली है, रूस के पास इतने हथियार हैं कि वह आगे भी कई सालों तक किसी भी देश का मुकाबला कर सकता है. यूएसएसआर टूटने से पहले रूस काफी शक्तिशाली था, फिलहाल अब भी रूस अकेले पश्चिमी देशों पर भारी पड़ रहा है.
सबमरीन को लेकर होड़
आधुनिक मिसाइलों की तरह सबमरीन को लेकर पूरी दुनिया में होड़ मची हुई है, इसे खरीदने और बेचने दोनों के लिए ही. भारत को सबमरीन बेचने के लिए यूरोप के दो देश जर्मनी और स्पेन में कम्पिटिशन हो रहा है कि भारत को अरबों डॉलर का सबमरीन कौन बेच सकता है. समुद्र में कौन सा देश राज करेगा और कौन कितना ताकतवर है यह युद्धपोत के साथ साथ सबमरीन भी तय करती हैं, जो पानी के अंदर से किसी देश के युद्धपोत या उस देश के किसी भी ठिकाने को मिसाइलों से निशाना बना सकती है. अमेरिका, रूस, चीन, भारत और फ्रांस जैसे देश अब परमाणु शक्ति से लैस सबमरीन ऑपरेट कर रहे हैं, जिससे अब दुनिया में सबमरीन को लेकर प्रतिस्पर्धा काफी तेज हो गई है.
सबसे महंगी सबमरीन
सबमरीन का नौसेना की ताकत में काफी महत्वपूर्ण योगदान होता है, इसलिए कई देश इस पर खूब पैसा खर्च करके खुद को आधुनिक सबमरीन से लैस कर रहे हैं. एक सामान्य परमाणु शक्ति से लैस सबमरीन की कीमत 2 बिलियन डॉलर से लेकर 5 बिलियन डॉलर तक होती है, वहीं एक पारंपरिक सबमरीन की कीमत 500 मिलियन से लेकर 800 मिलियन तक हो सकती है. इसकी कीमत इसको किस तरह के मिशन के लिए डिजाइन किया जा रहा है, उस हिसाब से कम या ज्यादा हो सकती है.
दुनिया की सबसे महंगी सबमरीन जो कि एक बैलिस्टिक मिसाइल सबमरीन है वह अमेरिकी नौसेना यूज करने वाली है. यह एक कोलंबिया क्लास सबमरीन है. उम्मीद जताई जा रही है कि इसे साल 2027 तक अमेरिकी नौसेना को सौंप दिया जाएगा जो Ohio class सबमरीन की जगह लेंगी.
कीमत और खासियत
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी नेवी में शामिल होने जा रही कोलंबिया क्लास एक सबमरीन की कीमत 10 बिलियन डॉलर से 20 बिलियन डॉलर तक होने वाली है, कुछ रिपोर्ट में एक सबमरीन की कीमत 16 बिलियन डॉलर बताई गयी है, जो इसे बाकी सबमरीन से कीमत में काफी अलग बनाती है. नवंबर 2024 तक इस सबमरीन का 50 प्रतिशत काम पूरा हो चुका था.
बताया जा रहा है कि इस सबमरीन के निर्माण प्रोजेक्ट में 130 बिलियन डॉलर खर्च हो रहे हैं. इसमें अत्याधुनिक S1B रिएक्टर लगा है जो पूरी सेवा अवधि 40+ वर्ष तक बिना ईंधन रिफिल के चल सकता है. इसमें पहले से ज्यादा स्वचालन और डिजिटल सिस्टम हैं, जिससे कम क्रू में भी यह ऑपरेट हो सकती है.
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Source: IOCL





















