आजादी से पहले किन-किन रास्तों से पाकिस्तान जाते थे भारत के लोग, अब उनमें से कितने रास्ते बाकी?
पहलगाम हमले से पहले अटारी-वाघा बॉर्डर के जरिए भारत-पाकिस्तान के बीच सीमित आवाजाही होती थी, लेकिन यह बॉर्डर बंद होने से दोनों देशों के बीच सीमित आवाजाही भी पूरी तरह बंद हो चुकी है.

India Pakistan Conflict: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने अटारी-वाघा बॉर्डर को पूरी तरह बंद कर दिया है. मौजूदा समय में भारत से सड़क मार्ग से पाकिस्तान जाने के लिए यह एक मात्रा रास्ता था, लेकिन इसके बंद हो जाने से भारत और पाकिस्तान के बीच सीमित आवाजाही भी बंद हो गई है. इतना ही नहीं पाकिस्तान ने भारतीय एयरलाइंस के लिए अपना एयरस्पेस भी पूरी तरह से बंद कर दिया है और दोनों देशों के बीच होने वाला व्यापार भी पूरी तरह ठप हो गया है.
पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के बीच हुई इस कार्रवाई का साफ मतलब है कि भारत और पाकिस्तान के बीच आवाजाही पूरी तरह ठप हो चुकी है. अब सवाल यह है कि आजादी से पहले भारत के लोग किन-किन रास्तों से पाकिस्तान जाते थे और उनमें से अब कितने रास्ते बाकी रह गए हैं? चलिए जानते हैं...
आजादी के बाद से ही दोनों देशों के बीच तनाव
1947 में मिली आजादी के साथ भारत और पाकिस्तान का बंटवारा भी हुआ था और इसी के साथ एक मुल्क हमेशा के लिए दो हिस्सों में बंट गया था. अलग होने के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच आपसी रिश्ते कभी भी इतने अच्छे नहीं रहे, जितने दो पड़ोसियों के बीच होने चाहिए. इसकी वजह रही पाकिस्तान द्वारा भारत में लगातार आतंकी घटनाओं को अंजाम देना और चार बार भारत को युद्ध में झोंकना. लगातार आतंकी हमलों और युद्ध के कारण दोनों देशों में दरार लगातार बढ़ती गई और अब भारत और पाकिस्तान के बीच अटारी-वाघा बॉर्डर के जरिए होने वाली सीमित आवाजाही भी बंद हो गई है.
इन राज्यों से लगती है पाकिस्तान की सीमा
भारत और पाकिस्तान के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा उत्तर में जम्मू-कश्मीर से लेकर गुजरात और पाकिस्तान में सिंध प्रांत के बीच जीरो प्वाइंट तक फैली हुई है. दोनों देशों के बीच सीमा की कुल लंबाई 3323 किलोमीटर है. भारत के जो राज्य पाकिस्तान के साथ बॉर्डर शेयर करते हैं, उनमें जम्मू-कश्मीर, गुजरात, राजस्थान और पंजाब शामिल हैं. यानी ये वो राज्य में जहां से आजादी से पहले भारत और पाकिस्तान के बीच सड़क मार्ग या फिर रेल मार्ग से यातायात होता था. वहीं बॉर्डर के पास रहने वाले लोग पैदल ही पाकिस्तान आया जाया करते थे.
बंद हो चुके हैं ये रास्ते
भारत और पाकिस्तान बंटवारे के बाद दोनों देशों के बीच विवाद के कारण धीरे-धीरे आवाजाही के रास्ते बंद होते आए हैं. ऐसा नहीं है कि दोनों देशों के बीच संबंध सुधारने की कोशिश नहीं हुई. इन कोशिशों के तहत दोनों देशों के बीच थार एक्सप्रेस, समझौता एक्सप्रेस और बस सेवा भी शुरू हुई, लेकिन रिश्तों में तनाव के कारण ये सेवाएं भी बंद हो गई. भारत और पाकिस्तान के बीच 1976 में समझौता एक्सप्रेस रेल सेवा शुरू की गई थी. यह ट्रेन भारत के अटारी से पंजाब के लाहौर तक चलती थी, लेकिन अब यह सेवा बंद हो चुकी है. इसके अलावा राजस्थान के बाड़मेर से पाकिस्तान के कराची तक थार एक्सप्रेस भी चलती थी, लेकिन 1965 में भारत पाकिस्तान युद्ध के बाद इसे भी बंद कर दिया गया था. इसके अलावा दिल्ली से लाहौर जाने के लिए सदा-ए-सरहद बस सेवा भी थी, जिसे बंद किया जा चुका है.
हवाई मार्ग और सीमित सड़क आवाजाही भी बंद
पहलगाम हमले से पहले पाकिस्तान जाने के लिए हवाई मार्ग और अटारी-वाघा बॉर्डर के जरिए सीमित आवाजाही थी, लेकिन इस हमले के बाद पाकिस्तान ने भारत के लिए अपने एयरस्पेस को बंद कर दिया है, जिससे हवाई यातायात पूरी तरह बंद हो गया है. इसके अलावा अटारी-वाघा बॉर्डर बंद होने से सड़क मार्ग भी पूरी तरह बंद हो चुका है.
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Source: IOCL



























