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भारत ही नहीं ये देश भी 15 अगस्त को सेलिब्रेट करते हैं आजादी, देख लें लिस्ट

Independence Day 2026: भारत 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहा है. इस बीच आइए जानते हैं कि यह दिन और कौन से देशों के लिए खास है?

Independence Day 2026: भारत हर साल 15 अगस्त को आजादी की लड़ाई और ब्रिटिश शासन को खत्म करने के लिए दी गई कुर्बानियों को याद करते हुए स्वतंत्रता दिवस मनाता है. लेकिन दिलचस्प बात यह है कि भारत अकेला ऐसा देश नहीं है जिसके लिए 15 अगस्त का दिन काफी ज्यादा अहम है. दक्षिण कोरिया, उत्तर कोरिया और कांगो गणराज्य भी इसी तारीख को खास राष्ट्रीय मौके मनाते हैं. इसी के साथ लिकटेंस्टीन अपना राष्ट्रीय दिवस मनाता है. बहरीन भी 15 अगस्त को ही आजाद हुआ था हालांकि वह अपना राष्ट्रीय दिवस किसी दूसरी तारीख को मानता है. 

दक्षिण कोरिया 

दक्षिण कोरिया 15 अगस्त को ग्वांगबोकजियोल मनाता है. इसका मतलब है वह दिन जब रोशनी लौटी. यह तारीख कोरिया को जापानी औपनिवेशिक शासन से आजादी मिलने का प्रतीक है, जो 1910 में जापान द्वारा कोरियाई प्रायद्वीप पर औपचारिक रूप से कब्जा करने के बाद शुरू हुआ था. 

दूसरे विश्व युद्ध के अंत में जापान के मित्र देशों के सामने आत्म समर्पण करने के बाद और 15 अगस्त 1945 को कोरिया आजाद हुआ. 3 साल बाद 15 अगस्त 1948 को कोरिया गणराज्य की स्थापना के साथ इस तारीख का महत्व और बढ़ गया. 

इस दिन सरकारी समारोह, झंडा फहराना और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. दक्षिण कोरियाई लोग अपने घरों और सार्वजनिक जगह पर राष्ट्रीय ध्वज लगाते हैं. आजादी की लड़ाई लड़ने वालों और उनके वंशजों को सम्मानित किया जाता है और साथ ही कई ऐतिहासिक जगहों पर नागरिकों को खास तौर पर जाने की अनुमति दी जाती है.


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उत्तर कोरिया 

उत्तर कोरिया भी 15 अगस्त को मातृभूमि की मुक्ति का दिन के तौर पर मानता है. यह दिन 1945 में जापानी औपनिवेशिक शासन के अंत की याद दिलाता है. हालांकि उत्तर कोरिया इस इतिहास को अपने राजनीतिक नजरिए से पेश करता है. इसमें किम इल सुंग और कोरियाई प्रतिरोध बलों से जुड़े क्रांतिकारी संघर्ष पर खास जोर दिया जाता है. 

इस दिन सरकारी समारोह, राजनीतिक कार्यक्रम, सांस्कृतिक प्रस्तुति और सैन्य प्रदर्शन आयोजित किए जाते हैं. प्योंगयांग में स्मारकों पर फूल चढ़कर श्रद्धांजलि भी दी जाती है. इस वजह से 15 अगस्त का दिन खासतौर पर अनोखा है क्योंकि कोरियाई प्रायद्वीप के दो विरोधी देश इसी तारीख को अपनी आजादी का दिन मनाते हैं.

कांगो गणराज्य 

कांगो गणराज्य जिसे कांगो ब्राजाविल भी कहा जाता है 15 अगस्त 1960 को फ्रांस से आजाद हुआ था. यह इलाका कई दशकों तक फ्रांसीसी औपनिवेशिक शासन के अधीन रहा, जिस दौरान यहां के प्राकृतिक संसाधनों का बड़े पैमाने पर दोहन किया गया. दूसरे विश्व युद्ध के बाद पूरे अफ्रीका में उपनिवेश विरोधी आंदोलन बढ़े. इसके परिणाम स्वरुप अंत में फ्रांसीसी औपनिवेशिक शासन का अंत हुआ. 

बहरीन 

बहरीन का 15 अगस्त से एक खास और दिलचस्प संबंध है. ब्रिटिश सरकार के साथ अपनी पिछली संधियों को खत्म करने के बाद बहरीन 15 अगस्त 1971 को ब्रिटेन से आजाद हुआ. ब्रिटेन ने कई सालों तक बहरीन की सुरक्षा और विदेश मामलों में बड़ी भूमिका निभाई थी. जब ब्रिटेन ने स्वेज नहर के पूर्व के क्षेत्रों से अपनी सेनन को हटाने की तैयारी की थी तो बहरीन पूर्ण संप्रभुता की तरफ बढ़ा. 

हालांकि बहरीन 15 अगस्त को अपने मुख्य राष्ट्रीय दिवस के रूप में नहीं मनाता है. इसके बजाय 16 दिसंबर को राष्ट्रीय दिवस के रूप में मनाया जाता है और साथ ही पूर्व शासक ईसा बिन सलमान अल खलीफा के सत्ता संभालने से जुड़े उत्सव भी बनाए जाते हैं. 


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लिकटेंस्टीन 

लिकटेंस्टीन भी 15 अगस्त को अपना राष्ट्रीय दिवस मनाता है लेकिन यह अवसर औपनिवेशिक शासन से आजादी से जुड़ा नहीं है. देश का स्टाट्सफायरटैग या राष्ट्र दिवस 1940 में स्थापित किया गया था. यह तारीख दो मौजूदा अवसरों को मिलकर तय की गई थी. 15 अगस्त को मैरी के स्वर्गारोहण का कैथोलिक उत्सव और प्रिंस फ्रांज जोसेफ द्वितीय का जन्मदिन जो 16 अगस्त को था. 

यह अवसर दूसरे विश्व युद्ध के कठिन दौर में राष्ट्रीय पहचान और एकता को मजबूत करने का एक जरिया बन गया था. लिकटेंस्टीन के उत्सव अनोखे होते हैं. नागरिकों को एक बगीचे में आमंत्रित किया जाता है जहां वे शाही परिवार के सदस्यों से मिल सकते हैं. शाम के समय मशालें आसपास के पहाड़ों को रोशन करती हैं और आतिशबाजी से महल के ऊपर का आसमान जगमगा उठता है.

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स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

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