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एक किलो यूरेनियम में कितनी पावर होती है, जानें कितनी और क्यों महंगी है यह धातु?

Uranium And Its power: यूरेनियम सबसे महंगे पदार्थों में शामिल है. इसका इस्तेमाल परमाणु हथियारों को बनाने और बिजली बनाने में किया जाता है. चलिए जानें कि आखिर यह इतना महंगा क्यों है.

यूरेनियम के बारे में तो हम सभी ने अपनी साइंस की क्लास में जरूर पढ़ा होगा कि इसका रासायनिक प्रतीक U और परमाणु क्रमांक 92 है. इसका इस्तेमाल परमाणु ऊर्जा संयत्रों और परमाणु हथियारों को बनाने के लिए किया जाता है. यूरेनियम एक चांदी-भूरे रंग की धातु होती है और समय के साथ खत्म भी हो जाती है. परमाणु हथियारों के अलावा इसका इस्तेमाल बिजली बनाने, मेडिकल फील्ड में और रेडियोधर्मी आइसोटोप के रूप में किया जाता है. हालांकि यह मानव के लिए हानिकारक है और इससे पर्यावरण को खतरा होता है. चलिए जानें कि एक किलो यूरेनियम में कितनी पावर होती है और यह इतना महंगा क्यों है. 

एक किलो यूरेनियम में कितनी पावर

भारत में यूरेनियम के भंडार आंध्र प्रदेश, झारखंड, राजस्थान और कर्नाटक में पाए जाते हैं. भारत के पास यूरेनियम का संसाधन करने की क्षमता है और यहां परमाणु हथियारों के लिए यूरेनियम का उत्पादन किया जाता है. भारत में यूरेनियम के खनन के लिए सरकारी और निजी दोनों कंपनियां हैं. यूरेनियम को येलोकेक भी कहा जाता है. इंटरनेशनल एटॉमिक एजेंसी की मानें तो यूरेनियम एक प्राकृतिक तत्व है, जो कि पृथ्वी की सतह पर बनी पपड़ी और समुद्र में पाया जाता है. यह चीनी, मिट्टी, पानी और यहां तक कि हमारे शरीर में भी पाया जाता है. एक किलो यूरेनियम की बात करें तो इसमें एक किलोग्राम यूरेनियम-235 में लगभग 24,000,000 kWh ऊर्जा होती है. यह ऊर्जा कोयले की 2.7 मिलियन किलोग्राम के बराबर होती है.

क्यों महंगा होता है यूरेनियम

एक किलोग्राम यूरेनियम-235 का पूर्णं विखंडन हो 20 टेराजूल ऊर्जा पैदा कर सकता है. यह ऊर्जा लगभग 1500 टन कोयले के बराबर होती है. यह कोयला और तेल की तुलना में बहुत ज्यादा ऊर्जा पैदा करता है. यूरेनियम महंगा इसलिए होता है, क्योंकि यह परमाणु ऊर्जा और परमाणु हथियारों के लिए जरूरी होता है. इसलिए इसकी मांग बहुत ज्यादा होती है. कुछ देशों में यूरेनियम के बहुत ज्यादा भंडार हैं, तो वहीं कुछ देशों में कम हैं. यूरेनियम का निष्कर्षण और प्रसंस्करण एक महंगा और जटिल प्रक्रिया है, इस वजह से भी इसकी उत्पादन लागत बढ़ती है.

कितना महंगा है यूरेनियम

रिपोर्ट्स की मानें तो एक किलो यूरेनियम की कीमत करीब एक करोड़ रुपये है. हालांकि यूरेनियम की कीमत कई कारकों पर निर्भर करती है, जिसमें इसका प्रकार, बाजार की मांग और उत्पादन की लागत पर निर्भर होता है. YCharts के अनुसार मई 2025 में यूरेनियम स्पॉट कीमत 51.83 के स्तर पर है, जो कि पिछले महीने से कम है.

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About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

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