Petrol Consumption: एक दिन में कितना पेट्रोल फूंक देते हैं भारत के लोग, जानें इस वक्त की सप्लाई से यह कितना ज्यादा?
Petrol Consumption: मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव की वजह से दुनिया भर में ईंधन आपूर्ति पर काफी दबाव पड़ा है. इसी बीच आइए जानते हैं कि भारत हर दिन कितना पेट्रोल इस्तेमाल करता है.

- भारत में प्रतिदिन लगभग 130 मिलियन लीटर पेट्रोल की खपत होती है।
- देश अपनी 80-85% कच्चे तेल की जरूरतें आयात करता है।
- घरेलू मांग, घरेलू उत्पादन से तेजी से बढ़ रही है।
- आपातकाल के लिए देश के पास 60 दिनों का ईंधन भंडार है।
Petrol Consumption: वैश्विक तेल संकट गहराता जा रहा है क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट के आसपास के तनाव से अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा बाजार प्रभावित हो रहे हैं. इस स्थिति ने दुनिया भर में चिंताएं बढ़ा दी हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि वैश्विक कच्चे तेल के व्यापार का एक बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है. हालांकि अमेरिका ने पहले रूस सहित कुछ देशों पर तेल एक्सपोर्ट संबंधी कुछ प्रतिबंधों में ढील दी थी. इससे भारत को रूसी कच्चा तेल खरीदना जारी रखने की अनुमति मिल गई थी. इसी बीच आइए जानते हैं कि भारत हर दिन कितना पेट्रोल इस्तेमाल करता है और क्या मौजूदा आपूर्ति देश की बढ़ती ऊर्जा मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त है.
हर दिन कितना पेट्रोल इस्तेमाल किया जाता है?
पेट्रोलियम प्लैनिंग एंड एनालिसिस सेल के आंकड़ों के मुताबिक भारतीय हर दिन लगभग 130 मिलियन लीटर पेट्रोल इस्तेमाल करते हैं. सालाना आधार पर यह पूरे देश में लगभग 47.5 बिलियन लीटर पेट्रोल की खपत के बराबर है. भारत में डीजल की खपत तो और भी ज्यादा है. रिपोर्ट के मुताबिक देश हर दिन लगभग 290 से 300 मिलियन लीटर डीजल इस्तेमाल करता है. यह पेट्रोल की दैनिक खपत से दोगुने से भी ज्यादा है.
इंपोर्ट पर काफी ज्यादा निर्भरता
भारत की ऊर्जा सुरक्षा के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता है. भारत अपने कच्चे तेल की जरूरत का लगभग 80% से 85% हिस्सा विदेशों से आयात करता है. ईंधन की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए भारत को हर दिन लगभग 5 से 5.5 मिलियन बैरल कच्चे तेल की जरूरत होती है. इस कच्चे तेल को फिर रिफाइन करके पेट्रोल, डीजल, विमानन ईंधन और दूसरे पेट्रोलियम उत्पाद बनाए जाते हैं.
आपूर्ति की तुलना में मांग ज्यादा
बीते कुछ सालों में भारत में घरेलू ईंधन की मांग, घरेलू उत्पादन और आपूर्ति में हुई वृद्धि दोनों की तुलना में काफी ज्यादा तेजी से बढ़ रही है. जहां एक तरफ पेट्रोलियम उत्पादों के उत्पादन में कथित तौर पर सिर्फ लगभग 0.4% की वृद्धि हुई है वहीं ईंधन की खपत में हुई वृद्धि काफी ज्यादा रही है. मांग और आपूर्ति के बीच बढ़ता अंतर तेल के आयात और ईंधन वितरण प्रणाली पर दबाव बढ़ा रहा है.
भारत के पास कितना भंडार
आपात स्थितियों और सप्लाई में रूकावटों से निपटने के लिए भारत रणनीतिक और वाणिज्यिक के दोनों तरह के ईंधन भंडार रखता है. सरकार और तेल कंपनियों के मुताबिक देश के पास अभी लगभग 60 दिनों तक घरेलू मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त पेट्रोल और डीजल का स्टॉक है.
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Source: IOCL


























