एक्सप्लोरर

Submarine Cost: एक सबमरीन को बनाने में कितना आता है खर्च, जानें शिप बनाने से महंगा या सस्ता?

Submarine Cost: पनडुब्बियों की लागत काफी ज्यादा होती है. आइए जानते हैं कि क्या ये जहाजों से सस्ती होती हैं या फिर महंगी.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • पनडुब्बियां उन्नत इंजीनियरिंग के कारण अत्यधिक महंगी होती हैं।
  • डीजल पनडुब्बियां $500-800 मिलियन, परमाणु पनडुब्बियां $2-5 बिलियन।
  • पानी का दबाव झेलने को विशेष धातु जरूरी होती है।
  • चालक दल हेतु परिष्कृत जीवन समर्थन प्रणाली आवश्यक होती है।

Submarine Cost: पनडुब्बियां मानव द्वारा अब तक बनाई गई सबसे एडवांस्ड और महंगी मशीनों में से एक हैं. समुद्र की सतह के नीचे गहराई से संचालित करने के लिए डिजाइन की गई इन पनडुब्बियों को एडवांस्ड इंजीनियरिंग, स्टिल्थ टेक्नोलॉजी और जीवन समर्थन प्रणाली की जरूरत होती है जो सामान्य जहाजों की तुलना में काफी ज्यादा मुश्किल होती है. यही वजह है कि एक पनडुब्बी को बनाने में समान आकार के पारंपरिक जहाज के निर्माण की तुलना में काफी ज्यादा लागत आती है. 

पारंपरिक डीजल इलेक्ट्रिक पनडुब्बियों की लागत 

सबसे किफायती सैन्य पनडुब्बियां पारंपरिक डीजल इलेक्ट्रिक पनडुब्बियां होती हैं. इन पनडुब्बियों की लागत आमतौर पर प्रति यूनिट 500 मिलियन डॉलर से 800 मिलियन डॉलर के बीच होती है. वे डीजल इंजन और बैटरी का इस्तेमाल करके काम करती हैं जो उन्हें तटीय रक्षा और क्षेत्रीय संचालक के लिए सही बनाता है. हालांकि उन्हें अपनी बैटरी को रिचार्ज करने के लिए समय-समय पर सतह पर आना पड़ता है. 

यह भी पढ़ेंः भारत के इस राज्य में होता है सोने का सबसे ज्यादा उत्पादन, आंकड़ा सुनकर नहीं होगा यकीन

परमाणु हमला करने वाली पनडुब्बियां

परमाणु संचालित आक्रमण पनडुब्बियां जिन्हें एसएसएन  के नाम से जाना जाता है काफी ज्यादा महंगी हैं. एक आधुनिक एसएसएन की औसत निर्माण लागत 2 बिलियन डॉलर से 5 बिलियन डॉलर के बीच होती है. ये पनडुब्बियों प्रणोदन के लिए परमाणु रिएक्टर का इस्तेमाल करती हैं और सतह पर आए बिना कई महीनों तक पानी के अंदर रह सकती हैं.

पनडुब्बियां जहाज से ज्यादा महंगी क्यों?

हालांकि विमान वाहक और बड़े युद्धपोत शारीरिक रूप से पनडुब्बियों की तुलना में काफी बड़े होते हैं, पनडुब्बियों को बनाने का खर्चा अक्सर प्रति टन के आधार पर ज्यादा महंगा होता है. इसका सबसे बड़ा कारण काफी ज्यादा पानी के नीचे का वातावरण है जिसमें पनडुब्बियां चलती हैं. सतह के जहाज के उलट पनडुब्बियों को समुद्र तल से सैकड़ों मीटर नीचे पानी के दबाव का सामना करना पड़ता है. इन स्थितियों से बचने के लिए बिल्डर काफी ज्यादा खास मिश्र धातु स्टील और कुछ मामलों में टाइटेनियम आधारित सामग्री का इस्तेमाल करते हैं.

सतह पर चलने वाले जहाज को ताजी हवा तक लगातार पहुंच मिलती है. साथ ही वह आसानी से कचरे का निपटान कर सकता है. हालांकि एक पनडुब्बी में परिष्कृत प्रणाली होनी चाहिए जो ऑक्सीजन को रीसायकल करती है, कार्बन डाइऑक्साइड को हटाती है, पानी को शुद्ध करती है और लंबे समय तक पानी के नीचे रहते हुए चालक दल के लिए सुरक्षित रहने का वातावरण बनाए रखती है.

यह भी पढ़ेंः समुद्र में अगर कोई कंटेनर गिर जाता है तो क्या होता है, जानें कौन भुगतता है नुकसान?

स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

McMahon Line से Map War तक, भारत-चीन सीमा विवाद के 10 बड़े सवाल और जवाब
McMahon Line से Map War तक, भारत-चीन सीमा विवाद के 10 बड़े सवाल और जवाब
हर सेकंड कितना पानी फेंकती है वॉटर कैनन, जानें ये कितने खतरनाक
हर सेकंड कितना पानी फेंकती है वॉटर कैनन, जानें ये कितने खतरनाक
Head Shaving and Hair Growth: क्या सिर मुंडवाने से सच में घने आते हैं बाल? जान लीजिए सच
क्या सिर मुंडवाने से सच में घने आते हैं बाल? जान लीजिए सच
जब भारत आजाद हुआ तब दुनिया में कितने देश थे, तब से कितने बढ़ गए?
जब भारत आजाद हुआ तब दुनिया में कितने देश थे, तब से कितने बढ़ गए?
Advertisement

वीडियोज

Amruta Khanvilkar ने Divorce Rumours पर जताई नाराजगी, Legal Action की दी चेतावनी
Govinda ने मां Nirmala Devi को खोने का दर्द किया बयां, बोले- लगा सब कुछ खत्म हो गया
Salman Khan की Superhero Film को Greenlight, Raj & DK करेंगे Direct, नवंबर में शुरू होगी Shooting
Ravi Kishan के वायरल Memes पर बोले- Gen Z ने मुझे अपनाया, कहा- यह तो पागलपन है
Govinda ने Sunita Ahuja के Affair आरोपों पर तोड़ी चुप्पी, बोले- क्या अपनों की बुराई जरूरी है?
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
लोकसभा में कल छात्रों पर बयान दे सकते हैं अमित शाह, राहुल-खरगे की संसद में बैठक
लोकसभा में कल छात्रों पर बयान दे सकते हैं अमित शाह, राहुल-खरगे की संसद में बैठक
आप रांची कब जाएंगे? अभिजीत दीपके का जवाब, 'हम नहीं चाहते कि...'
आप रांची कब जाएंगे? अभिजीत दीपके का जवाब, 'हम नहीं चाहते कि...'
दक्षिण अफ्रीका का बदला कप्तान, पहली बार इस खिलाड़ी को मिली कमान 
दक्षिण अफ्रीका का बदला कप्तान, पहली बार इस खिलाड़ी को मिली कमान 
गोवा में पेंट हाउस, मुंबई में करोड़ों का बंगला, 100 करोड़ से ज्यादा का है इमरान हाशमी का साम्राज्य, नेटवर्थ जान उड़ जाएंगे होश
100 करोड़ से ज्यादा का है इमरान हाशमी का साम्राज्य, नेटवर्थ जान उड़ जाएंगे होश
EXPLAINER: इलाज के नाम पर अस्पतालों का बड़ा धोखा? संसद की रिपोर्ट में खुलासा
EXPLAINER: इलाज के नाम पर अस्पतालों का बड़ा धोखा? संसद की रिपोर्ट में खुलासा
NEET के खिलाफ विजय सरकार का बड़ा कदम, विपक्षी DMK ने भी दिया साथ, क्या है प्रावधान?
NEET के खिलाफ विजय सरकार का बड़ा कदम, विपक्षी DMK ने भी दिया साथ
आरोप से बेदाग बरी होने तक: कैसे अडानी शेयर्स और मार्केट कैप ने की वापसी?
आरोप से बेदाग बरी होने तक: कैसे अडानी शेयर्स और मार्केट कैप ने की वापसी?
Inverter Fridge vs Normal Fridge: रेगुलर फ्रिज से इनवर्टर वाले फ्रिज पर हों शिफ्ट, कितना बचेगा बिल?
रेगुलर फ्रिज से इनवर्टर वाले फ्रिज पर हों शिफ्ट, कितना बचेगा बिल?
Embed widget