हर सेकंड कितना पानी फेंकती है वॉटर कैनन, जानें ये कितने खतरनाक
Jharkhand Students Protest: झारखंड में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया. आइए जानते हैं कितनी खतरनाक होती है यह.

- झारखंड में छात्रों पर पुलिस ने वाटर कैनन चलाया।
- यह 15-20 बार उच्च दबाव से शक्तिशाली जेट छोड़ता है।
- सीधा प्रहार सिर-चेहरे, आंखों को गंभीर नुकसान पहुंचाता है।
- पानी में रसायन, ठंड हाइपोथर्मिया/त्वचा जलन का खतरा।
Jharkhand Students Protest: पुलिस का सुरक्षा बल अक्सर बड़ी भीड़ को काबू करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल करते हैं. ऐसा इसलिए ताकि तुरंत बंदूक या फिर हथियार का सहारा ना लेना पड़े. हाल ही में झारखंड विधानसभा के पास हुए छात्र विरोध प्रदर्शन के दौरान जब प्रदर्शनकारियों ने जगन्नाथपुर मंदिर के पास बैरिकेट्स पार करने की कोशिश की तो पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया. हालांकि पानी को आमतौर पर भीड़ को काबू करने का एक कम घातक तरीका माना जाता है लेकिन इन जेट्स से निकलने वाला पानी इतना प्रेशर से छोड़ा जाता है कि गलत इस्तेमाल से गंभीर चोट भी लग सकती है.
वाटर कैनन से कितना पानी निकलता है?
भीड़ को काबू करने वाला आधुनिक वाटर कैनन हर सेकंड लगभग 20 लीटर पानी छोड़ सकता है. इस रफ्तार से यह 1 मिनट में लगभग 1200 लीटर पानी छोड़ सकता है. इन सिस्टम को ले जाने वाले वाहनों में लगभग 10000 लीटर की क्षमता वाले पानी के टैंक हो सकते हैं. इससे वे दबाव और बहाव की सेटिंग्स के आधार पर कई मिनट तक काम कर सकते हैं. हालांकि अहम बात सिर्फ पानी की मात्रा नहीं है. जरूरी बात वह रफ्तार और दबाव है जिससे पानी बाहर निकलता है.

पानी का जेट कितना शक्तिशाली होता है?
आधुनिक वाटर कैनन लगभग 15 से 20 बार के दबाव पर काम कर सकते हैं. यह लगभग 220 से 290 पीएसआई के बराबर होता है. यह घरों में इस्तेमाल होने वाले आम पाने के सिस्टम के दबाव से काफी ज्यादा है. उपकरण और काम करने की स्थिति के आधार पर पानी की धार काफी तेज रफ्तार से चल सकती है और लगभग 60 से 70 मीटर की दूरी तक पहुंच सकती है।
इतने ज्यादा दबाव पर सीधी टक्कर से कोई व्यक्ति गिर सकता है. खतरा तब और ज्यादा हो जाता है जब एक-दूसरे के करीब खड़े हों. ऐसा इसलिए क्योंकि संतुलन बिगड़ने पर कोई व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति पर गिर सकता है या फिर बैरिकेड, गाड़ी या फिर किसी सख्त सतह से टकरा सकता है.
वाटर कैनन से खतरा
वाटर कैनन को कम घातक माना जाता है लेकिन यह पूरी तरह से नुकसान ना पहुंचाने वाला नहीं है. इनका मकसद बंदूकों की तुलना में जानलेवा चोट लगने की संभावना को कम करना है. लेकिन इसके बावजूद भी शरीर को गंभीर चोट लग सकती है.
शरीर से टकराने वाली तेज दबाव वाली पानी की धार से लोग गिर सकते हैं. सिर या चेहरे पर सीधी टक्कर खास तौर पर खतरनाक होती है क्योंकि इससे चेहरे पर चोट, आंखों को नुकसान या फिर सिर में गंभीर चोट लग सकती है. इस जोरदार टक्कर से व्यक्ति की गर्दन और सिर अचानक ही हिल सकते हैं. इसे रीढ़ की हड्डी में चोट लगने का खतरा पैदा हो सकता है.
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जब पानी की धार आंखों पर लगती है तो क्या होता है?
आंखों और चेहरे के आसपास के हिस्से तेज दबाव वाले पानी को नहीं झेल सकते और प्रभावित हो सकते हैं. चेहरे पर सीधे पानी की बौछार लगने से आंखों और शरीर के दूसरे संवेदनशील हिस्सों में चोट आ सकती है.

दूरी क्यों मायने रखती है?
किसी भी व्यक्ति पर पड़ने वाला दबाव कई बातों पर निर्भर करता है. पानी का दबाव, नोजल की सेटिंग, दूरी और पानी की धार की दिशा कुछ बड़ी ध्यान देने वाली चीजें हैं. काफी कम दूरी पर पानी का केंद्रित जेट काफी जोरदार चोट पहुंचा सकता है. इस वजह से पास से किसी व्यक्ति पर हाई प्रेशर वाली तोप से पानी की बौछार करना काफी खतरनाक हो सकता है.
पानी में मिलाए गए केमिकल
कभी-कभी भीड़ को काबू करने के लिए अधिकारी डाई या फिर जलन पैदा करने वाले केमिकल मिला हुआ पानी का इस्तेमाल कर सकते हैं. ऐसी चीजों से बाद में लोगों की पहचान करना आसान हो जाता है और ऑपरेशन का असर भी बढ़ सकता है. केमिकल और उसकी मात्रा के आधार पर इसके संपर्क में आने से त्वचा, आंखों या फिर सांस लेने में कुछ समय के लिए जलन हो सकती है. ठंडे मौसम में एक और चिंता की बात होती है. बड़ी मात्रा में पानी से कपड़े जल्दी गीले हो सकते हैं और शरीर का तापमान कम हो सकता है. इससे काफी ज्यादा ठंड में हाइपोथर्मिया का खतरा बढ़ जाता है.
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