एक्सप्लोरर

दुनिया के किन नोटों में मिलाई जाती है जानवरों की चर्बी? जान लें जवाब

रिजर्व बैंक भारत में 10 और 20 रुपये के प्लास्टिक नोट जारी करने की तैयारी कर रहा है. इसके लिए जानवरों की चर्बी से पूरी तरह मुक्त और उच्च सुरक्षा वाले पॉलीमर शीट की खरीदारी की जा रही है.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • ये नोट टिकाऊ, सुरक्षित और जाली नोटों पर रोक लगाएंगे।

भारतीय रिजर्व बैंक देश की मुद्रा प्रणाली में एक बड़ा बदलाव करने जा रहा है. बाजार में बहुत जल्द 10 रुपये और 20 रुपये के नए प्लास्टिक यानी पॉलीमर नोट देखने को मिलेंगे. शुरुआती चरण में रिजर्व बैंक कुल 200 करोड़ रुपये मूल्य के पॉलीमर नोट छापने की योजना पर काम कर रहा है. इसके लिए आवश्यक कच्चा माल और तकनीकी सुरक्षा फीचर्स जुटाने की प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर शुरू कर दी गई है. लेकिन बोली लगाने वाली कंपनियों से कहा गया है कि पॉलीमर शीटों में जानवरों की चर्बी का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं होना चाहिए. लेकिन ब्रिटेन जैसे देशों में नोटों पर जानवरों की चर्बी का इस्तेमाल किया जाता है. आइए जानें कि और किन देशों में ऐसा किया जाता है.

किन-किन देशों के नोटों में मिलाई जाती है पशु वसा?

दुनिया भर के लगभग 24 देश ऐसे हैं जो अपनी कागजी मुद्रा को प्लास्टिक या पॉलीमर सब्सट्रेट पर छापते हैं. इनमें से कई देशों के नोटों में पशु वसा के सूक्ष्म अंश पाए जाने की पुष्टि हो चुकी है-

ब्रिटेन- वर्ष 2016 में जब बैंक ऑफ इंग्लैंड ने 5 और 10 पाउंड के नए प्लास्टिक नोट जारी किए, तो उसमें टैलो (मवेशियों की चर्बी) के अंश मिलने की बात सामने आई. इसके बाद वहां के शाकाहारी, हिंदू और सिख समुदायों ने इसका व्यापक विरोध किया था.

ऑस्ट्रेलिया- ऑस्ट्रेलिया दुनिया का पहला ऐसा देश है, जिसने 1988 में बड़े पैमाने पर पॉलीमर नोटों की शुरुआत की थी. इसके शुरुआती नोटों के निर्माण में भी पशु चर्बी के यौगिकों का इस्तेमाल किया गया था.

कनाडा और न्यूजीलैंड- इन दोनों देशों की प्लास्टिक करेंसी के निर्माण में प्रयुक्त सामग्री में भी जानवरों की चर्बी के सूक्ष्म तत्व शामिल पाए गए थे.

यह भी पढ़ें: जिन्ना की बीमारी पता लगती तो रुक जाता बंटवारा, क्या नहीं बनता पाकिस्तान?


दुनिया के किन नोटों में मिलाई जाती है जानवरों की चर्बी? जान लें जवाब

प्लास्टिक नोटों में क्यों किया जाता है चर्बी का इस्तेमाल?

प्लास्टिक नोटों के निर्माण के दौरान जानबूझकर मवेशियों की चर्बी नहीं मिलाई जाती, बल्कि यह निर्माण प्रक्रिया की एक तकनीकी जरूरत के रूप में सामने आती है. जब पॉलीमर की पतली शीट बनाई जाती है, तो प्लास्टिक के गुण के कारण नोट आपस में चिपकने लगते हैं और उनमें Static Electricity पैदा होती है. इसे रोकने के लिए स्लिप एजेंट और एंटी-स्टैटिक एजेंट के तौर पर स्टेरिक एसिड का प्रयोग होता है, जो मुख्य रूप से गाय या भेड़ की चर्बी (Tallow) से तैयार किया जाता है. यही वजह है कि नोटों के कच्चे माल में इसके सूक्ष्म अंश रह जाते हैं.

भारत में पॉलीमर नोट के लिए कितने कच्चे माल की जरूरत?

भारत में 10 और 20 रुपये के नोट छापने के लिए बड़े पैमाने पर पॉलीमर सामग्री की आवश्यकता होगी. रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, कुल 68 हजार रिम पॉलीमर सब्सट्रेट शीट की जरूरत का अनुमान लगाया गया है. इसमें 10 रुपये के नोटों के लिए 34 हजार रिम और 20 रुपये के नोटों के लिए 34 हजार रिम तय किए गए हैं. चूंकि एक रिम में 500 शीट होती हैं, इसलिए कुल मिलाकर लगभग 3.4 करोड़ पॉलीमर शीट खरीदी जाएंगी. हालांकि, यह आंकड़ा शुरुआती अनुमान पर आधारित है और आवश्यकतानुसार इसमें बदलाव हो सकता है.

पॉलीमर नोटों की खासियत

रिजर्व बैंक ने प्लास्टिक नोटों के पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को समझने के लिए द एनर्जी एंड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट (TERI) से एक विशेष अध्ययन कराया था. इस अध्ययन की रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआती निर्माण प्रक्रिया के दौरान पॉलीमर नोटों का कार्बन फुटप्रिंट कागजी नोटों की तुलना में थोड़ा अधिक होता है. लेकिन प्लास्टिक नोटों की जीवन अवधि कागजी नोटों के मुकाबले काफी लंबी होती है. ये नोट जल्दी फटते या गलते नहीं हैं, जिससे इन्हें बार-बार छापने और बदलने की जरूरत नहीं पड़ती है. लंबे समय के दृष्टिकोण से देखा जाए तो पॉलीमर नोट पर्यावरण के लिए अधिक अनुकूल साबित होते हैं.

जाली नोटों पर लगाम और उन्नत सुरक्षा फीचर्स

पॉलीमर सब्सट्रेट पर नोट छापने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें बेहद जटिल और उन्नत सुरक्षा फीचर्स शामिल किए जा सकते हैं, जिनकी नकल करना लगभग असंभव होता है. इन नोटों में पारदर्शी खिड़की, विशेष धातु का सुरक्षा धागा, वॉटरमार्क, रंग बदलने वाली विशेष स्याही और चुंबकीय पैटर्न जैसे आधुनिक सुरक्षा उपाय आसानी से जोड़े जा सकते हैं. इससे देश में जाली नोटों के कारोबार और नकली करेंसी के प्रसार पर पूरी तरह से लगाम लगाई जा सकेगी. 


दुनिया के किन नोटों में मिलाई जाती है जानवरों की चर्बी? जान लें जवाब

भारत में पॉलीमर नोटों पर चर्बी और डीएनए पर पूरी तरह प्रतिबंधित

भारतीय करेंसी में धार्मिक और सांस्कृतिक भावनाओं का विशेष महत्व है. इसी बात को ध्यान में रखते हुए बीआरबीएनएमपीएल (BRBNMPL) ने निविदा दस्तावेजों में एक विशेष शर्त जोड़ी है. आपूर्ति करने वाली कंपनियों को यह प्रमाणित और सर्टिफाई करना होगा कि उनके द्वारा सप्लाई की जाने वाली पॉलीमर शीट में किसी भी प्रकार की जानवरों की चर्बी या उनका कोई डीएनए मौजूद नहीं होगा. भारत में प्लास्टिक नोट लाने में हुई देरी का एक बड़ा कारण यह भी था कि रिजर्व बैंक विदेश में नोटों को लेकर हुए विवादों से सबक ले रहा था और किसी भी विवाद से बचना चाहता था.

यह भी पढ़ें: दुनिया में सबसे ज्यादा कागज कहां बनता है, भारत इस लिस्ट में कितने नंबर पर?

About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

‘लंकेश की लंका’ में कैसे मनाते हैं दशहरा, क्या वहां भी होता है रावण दहन?
‘लंकेश की लंका’ में कैसे मनाते हैं दशहरा, क्या वहां भी होता है रावण दहन?
इस मिठाई ने दिया था भारत छोड़ो आंदोलन में योगदान, जानें इसका इतिहास?
इस मिठाई ने दिया था भारत छोड़ो आंदोलन में योगदान, जानें इसका इतिहास?
चीन में कभी नहीं होगी अनाज की कमी, इसे कैसे मुमकिन कर रहा ड्रैगन?
चीन में कभी नहीं होगी अनाज की कमी, इसे कैसे मुमकिन कर रहा ड्रैगन?
हवाई जहाज के टायर में क्यों भरी जाती है नाइट्रोजन, क्यों नहीं होता हवा का इस्तेमाल?
हवाई जहाज के टायर में क्यों भरी जाती है नाइट्रोजन, क्यों नहीं होता हवा का इस्तेमाल?
Advertisement

वीडियोज

Mumbai News | Sansani: बॉलीवुड के सितारों पर गैंगस्टर की नजर... मुंबई में खौफ !
Tiger Shroff Firing News: टाइगर श्रॉफ के बिल्कुल सामने थे हमलावर, ताबड़तोड़ फायरिंग, सामने आया VIDEO
Tiger Shroff News: ब्लॉग बनाती रहीं अम्मा.. टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के दौरान क्या हुआ? बड़ा खुलासा !
Tiger Shroff Firing News: लॉरेंस गैंग के अनिल पंडित ने पोस्ट किया, जांच के लिए 15 टीमें बनाई गई
Sandeep Chaudhary : जनता परेशान...कारोबार का नुकसान...कब समाधान? | Rahul Gandhi | SIR | Neha Bora
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'ऐसे घटिया फैसले पर शर्म आती है', सरकार ने नहीं दी नवी पिल्लई को बधाई तो भड़के शशि थरूर
'ऐसे घटिया फैसले पर शर्म आती है', सरकार ने नहीं दी नवी पिल्लई को बधाई तो भड़के शशि थरूर
पवन सिंह ने मंच से अक्षरा सिंह और उनके माता-पिता से मांगी माफी, बोले- 'मेरा बाबू...'
पवन सिंह ने मंच से अक्षरा सिंह और उनके माता-पिता से मांगी माफी, बोले- 'मेरा बाबू...'
CJP के समर्थन में उतरे जगन मोहन रेड्डी, NDA को लगा बड़ा झटका
CJP के समर्थन में उतरे जगन मोहन रेड्डी, NDA को लगा बड़ा झटका
'डरे हुए हैं', टाइगर श्रॉफ पर हमले के बाद एक्टर्स ने किया रिएक्ट, बोले- संभलकर रहना पड़ेगा
'डरे हुए हैं', टाइगर श्रॉफ पर हमले के बाद एक्टर्स ने किया रिएक्ट, बोले- संभलकर रहना पड़ेगा
'शमी ना होता तो...', NZ टूर पर टीम इंडिया के चयन को लेकर भड़के मोहम्मद कैफ
'शमी ना होता तो', NZ टूर पर टीम इंडिया के चयन को लेकर भड़के मोहम्मद कैफ
'वे आशुतोष रांका और सौरव दास को...', CJP की रत्ना सिंह ने गंभीर आरोप लगाए
'वे आशुतोष रांका और सौरव दास को...', CJP की रत्ना सिंह ने गंभीर आरोप लगाए
बाबा रामदेव ने CJP के चरित्र का किया जिक्र, कहा- 'अभी सामने आना...'
बाबा रामदेव ने CJP के चरित्र का किया जिक्र, कहा- 'अभी सामने आना...'
सालों बाद सामने आई बेस्ट फ्रेंड, बिलखकर रोई लड़की, वीडियो वायरल
सालों बाद सामने आई बेस्ट फ्रेंड, बिलखकर रोई लड़की, वीडियो वायरल
Embed widget