गोल्ड पर हॉलमार्क लगाने का चार्ज कितना, इससे कितनी महंगी होती है ज्वैलरी?
अगर आप त्योहार या शादी से पहले गोल्ड ज्वैलरी खरीदने की सोच रहे हैं, तो जान लिजिए गोल्ड पर बदले हॉलमार्क चार्ज के बारे में. जानें BIS के बदले गए नए नियम के बारे में.

त्योहारों और शादियों का सीजन शुरु होने वाला है. इसी सीजन में लोग सबसे ज्यादा सोने के गहने खरीदते हैं. लेकिन हाल ही में ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) ने गोल्ड ज्वैलरी पर लगने वाले अनिवार्य हॉलमार्क चार्ज को 35 रुपये से बढ़ाकर 75 रुपये कर दी है. यह नियम 14 सितंबर 2026 से लागू किया गया है. हालांकि चांदी पर हॉलमार्क चार्ज बढ़ने की कोई खबर नहीं है. ऐसे में आइए जानते हैं कि हॉलमार्क चार्ज क्या होता है और इसके बढ़ने से ज्वैलरी के दाम पर क्या असर पड़ता है.
क्या होता है हॉलमार्क?
गोल्ड हॉलमार्क सोने के गहनों पर लगाया जाने वाला एक आधिकारिक शुद्धता और प्रमाणिकता का निशान है जो यह गारंटी देता है कि सोना असली है. भारत में भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा हॉलमार्क प्रमाणित किया जाता है. यह इस बात का सबूत होता है कि आभूषण तय मानकों के अनुसार शुद्ध हैं. यह ग्राहकों के लिए सोने की असली पहचान करने में मदद करता है.
क्या होता है हॉलमार्क चार्ज?
यह वह चार्ज होता है जिसे भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के द्वारा सोने की शुद्धता की जांच और हॉलमार्क लगाने के लिए लिया जाता है. इस हॉलमार्किंग पर अलग से 18 प्रतिशत जीएसटी और अन्य टैक्स भी लगाए जाते हैं. यह फीस गहने के वजन पर निर्भर नहीं करती बल्कि प्रति पीस (आर्टिकल) के हिसाब से तय होती है.
ग्राहकों के लिए भी होगी ज्वैलरी महंगी?
असल में हॉलमार्क चार्ज बढ़ने से ज्वैलरी महंगी नहीं होती है. यह चार्ज ज्वैलर्स पर निर्भर करता है. कई ज्वैलर्स इस चार्ज को मेकिंग चार्ज में एडजस्ट कर देते हैं. हालांकि ग्राहकों से इस चार्ज को लेने का कोई आदेश नहीं है. लेकिन अगर ज्वैलर किसी वजह से यह चार्ज बिल में ऐड करता भी है तो 30 रुपये की बढ़त सोने के भाव के अनुसार न के बराबर है.
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कब महंगी होती है ज्वैलरी?
गहनों की कीमत मुख्य रूप से इंटरनेशनल मार्केट में बदलते सोने के भाव, ज्वैलर के मेकिंग चार्ज और उस पर लगने वाले 3% GST से तय होती है. हॉलमार्किंग फीस सिर्फ एक शुद्धता का सर्टिफिकेट देने का सरकारी शुल्क है जो आपके सोने की सुरक्षा और पहचान के लिए होता है.
गोल्ड ज्वैलरी खरीदने से पहले किन चीजों का रखें ध्यान?
हमेशा ज्वैलरी खरीदने से पहले उस पर BIS का मानक चिह्न जरूर देखें. सोने की शुद्धता या फाइननेस नंबर की जांच करें. ज्वैलरी पर 6 अंकों वाला HUID नंबर जरूर देखें. आप HUID की मदद से हॉलमार्क से जुड़ी जानकारी को चेंक कर सकते हैं. BIS के मुताबिक सोने के गहनों में 14K (585), 18K (750), 20K (833), 22K (916), 23K (958) और 24KS (995) जैसे ग्रेड की हॉलमार्किंग की जाती है.
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