एक्सप्लोरर

 IMF vs World Bank: IMF और वर्ल्ड बैंक दोनों ही दुनिया को बांटते हैं कर्ज, जानें दोनों में कितना है अंतर?

इंटरनेशनल मोनेटरी फंड को दुनिया की आर्थिक व्यवस्था का निगरानीकर्ता माना जाता है. इसका मुख्य काम सदस्य देशों की अर्थव्यवस्था पर नजर रखना और आर्थिक संकट की स्थिति में उन्हें मदद देना है.

 IMF vs World Bank: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसी भी देश की आर्थिक मदद, कर्ज या वित्तीय संकट की बात होती है तो दो नाम सबसे ज्यादा चर्चा में आते हैं जिनमें इंटरनेशनल मोनेटरी फंड और वर्ल्ड बैंक शामिल है. दरअसल कई बार लोग इन दोनों संस्थाओं को एक जैसा समझ लेते हैं, क्योंकि यह दोनों ही देश को आर्थिक सहायता और लोन उपलब्ध कराते हैं. लेकिन असल में दोनों के काम, उद्देश्य और काम करने का तरीका एक दूसरे से बहुत अलग है. यही वजह है कि किसी देश के आर्थिक संकट या विकास परियोजना में इनकी भूमिकाएं भी अलग-अलग नजर आती है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि आईएमएफ और वर्ल्ड बैंक दोनों ही दुनिया को कर्ज तो बांटते हैं, लेकिन दोनों में कितना अंतर है. 

क्या काम करता है आईएमएफ? 

इंटरनेशनल मोनेटरी फंड को दुनिया की आर्थिक व्यवस्था का निगरानीकर्ता माना जाता है. इसका मुख्य काम सदस्य देशों की अर्थव्यवस्था पर नजर रखना और आर्थिक संकट की स्थिति में उन्हें मदद देना है. अगर किसी देश के पास विदेशी मुद्रा की कमी हो जाए, वह अपने आयात या विदेशी कर्ज चुकाने में दिक्कत महसूस करें तो आईएमएफ उसे लोन देता है. हालांकि आईएमएफ से लोन लेना आसान नहीं माना जाता है. इसके साथ कई शर्तें भी जुड़ी होती हैं, लोन लेने वाले देशों को सरकारी खर्च कम करने, टैक्स सुधारने, ब्याज दरों में बदलाव, आर्थिक नीतियों में सुधार जैसे कदम उठाने पड़ते हैं.

आईएमएफ का मानना है कि इन सुधारों से देश की अर्थव्यवस्था दोबारा पटरी पर आ सकती है. आईएमएफ सदस्य देशों की आर्थिक स्थिति का लगातार आकलन भी करता है. इस संस्था के इकोनॉमिस्ट हर साल सदस्य देशों की अर्थव्यवस्था, राजकोषीय नीति और वित्तीय हालत की समीक्षा करते हैं. इसके अलावा आईएमएफ सरकारों को टैक्स और आर्थिक नीति तैयार करने में भी सलाह देती है. 

ये भी पढ़ें-UCC in India: अब तक कितने राज्यों में लागू हो चुका है UCC? यहां देख लें पूरी लिस्ट

वर्ल्ड बैंक का क्या है उद्देश्य?

वर्ल्ड बैंक का काम आईएमएफ से अलग माना जाता है. यह संस्था किसी देश को आर्थिक संकट से निकालने की बजाय उसके विकास कार्यों में मदद करती है. वर्ल्ड बैंक मुख्य रूप से गरीब और विकासशील देशों को लंबी अवधि के लिए वित्तीय सहायता देता है, ताकि वहां बुनियादी सुविधाओं का विकास किया जा सके.

वर्ल्ड बैंक की मदद से कई देशों में सड़क, स्कूल, हॉस्पिटल, बिजली परियोजना और साफ पानी की व्यवस्था तैयार की गई है. संस्था का उद्देश्य केवल कर्ज देना नहीं बल्कि देश में रोजगार, शिक्षा और जीवन स्तर को बेहतर बनाना है. वर्ल्ड बैंक के अंतर्गत कई संस्थाएं काम करती है, जिनमें इंटरनेशनल बैंक का रिकंस्ट्रक्शन एंड डेवलपमेंट और इंटरनेशनल डेवलपमेंट एसोसिएशन प्रमुख है. 

दोनों संस्थानों में सबसे बड़ा अंतर क्या है? 

आईएमएफ और वर्ल्ड बैंक दोनों आर्थिक सहायता देते हैं, लेकिन दोनों का उद्देश्य अलग-अलग होता है. आईएमएफ का फोकस किसी देश की अर्थव्यवस्था को तत्काल संकट से बाहर निकलना होता है. वहीं वर्ल्ड बैंक लंबे समय तक देश के विकास कार्यों पर ध्यान देता है.

सरल भाषा में समझे तो आईएमएफ उस समय मदद करता है, जब किसी देश की आर्थिक हालत बिगड़ जाए और वह विदेशी भुगतान करने में असमर्थ हो जाए. दूसरी तरफ वर्ल्ड बैंक देश की शिक्षा व्यवस्था, बिजली, सड़क और पानी जैसी परियोजनाओं के लिए फंड उपलब्ध कराता है, ताकि देश की आर्थिक स्थिति धीरे-धीरे मजबूत हो सके.

ये भी पढ़ें-भारत का रुपया तो गिर रहा लेकिन चीन के युआन का क्या हाल, जानें डॉलर के मुकाबले कहां?

कविता गाडरी बीते कुछ साल से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता की दुनिया से जुड़ी हुई है. राजस्थान के जयपुर से ताल्लुक रखने वाली कविता ने अपनी पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स और अपेक्स यूनिवर्सिटी जयपुर से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में की है. 
पत्रकारिता में अपना सफर उन्होंने राजस्थान पत्रिका से शुरू किया जहां उन्होंने नेशनल एडिशन और सप्लीमेंट्स जैसे करियर की उड़ान और शी न्यूज के लिए बाय लाइन स्टोरी लिखी. इसी दौरान उन्हें हेलो डॉक्टर शो पर काम करने का मौका मिला. जिसने उन्हें न्यूज़ प्रोडक्शन के लिए नए अनुभव दिए. 

इसके बाद उन्होंने एबीपी नेटवर्क नोएडा का रुख किया. यहां बतौर कंटेंट राइटर उन्होंने लाइफस्टाइल, करंट अफेयर्स और ट्रेडिंग विषयों पर स्टोरीज लिखी. साथ ही वह कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी लगातार सक्रिय रही. कविता गाडरी हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में दक्ष हैं. न्यूज़ राइटिंग रिसर्च बेस्ड स्टोरीटेलिंग और मल्टीमीडिया कंटेंट क्रिएशन उनकी खासियत है. वर्तमान में वह एबीपी लाइव से जुड़ी है जहां विभिन्न विषयों पर ऐसी स्‍टोरीज लिखती है जो पाठकों को नई जानकारी देती है और उनके रोजमर्रा के जीवन से सीधे जुड़ती है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

Moon Plants: क्या चांद पर पेड़ उगाया जा सकता है, जानें क्या कहता है साइंस?
क्या चांद पर पेड़ उगाया जा सकता है, जानें क्या कहता है साइंस?
क्या आम आदमी भी लड़ सकता है दतिया और बांकीपुर उपचुनाव, नॉमिनेशन में कितनी लगती है फीस?
क्या आम आदमी भी लड़ सकता है दतिया और बांकीपुर उपचुनाव, नॉमिनेशन में कितनी लगती है फीस?
क्यों शुरू हुई महिलाओं में शेविंग की आदत? वर्ल्ड वॉर से जुड़ा है तगड़ा कनेक्शन
क्यों शुरू हुई महिलाओं में शेविंग की आदत? वर्ल्ड वॉर से जुड़ा है तगड़ा कनेक्शन
8th Pay Commission: सबसे ज्यादा किस वेतन आयोग में बढ़ी थी सैलरी, जानें कितना हुआ था कर्मचारियों का फायदा
सबसे ज्यादा किस वेतन आयोग में बढ़ी थी सैलरी, जानें कितना हुआ था कर्मचारियों का फायदा
Advertisement

वीडियोज

US Iran War | Crude Oil Price Hike | Hormuz तेल की कीमतों में 3% से ज्यादा का उछाल!
US Iran War | America Attack Iran | Trump | Black Out :ईरान पर अमेरिका का सबसे बड़ा प्रहार!
Sansani | Crime News : Patna Junction पर सरेआम अपहरण और हत्या!
Special Task S2: Amritsar से Kandhar तक..IC-814 हाईजैक की खौफनाक दास्तान Jagwinder Patial के साथ
Iran US War Update: खत्म हुआ मातम..अब ईरान US पर दागेगा एटम बम? | America | IRGC | Khamenei
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
ईरान-अमेरिका जंग के बीच नेतन्याहू का बड़ा बयान, 'वे अपने वादे को तोड़ते हैं, हमें ट्रंप को...'
ईरान-अमेरिका जंग के बीच नेतन्याहू का बड़ा बयान, 'वे अपने वादे को तोड़ते हैं, हमें ट्रंप को...'
'आमिर खान ने 3 शादी कीं, तो तुम चार कर लो...', वारिस पठान का मंत्री नितेश राणे पर तंज!
'आमिर खान ने 3 शादी कीं, तो तुम चार कर लो...', वारिस पठान का मंत्री नितेश राणे पर तंज!
मौत से पहले ट्रंप को लिंडसे ने गिनाए 3 काम, रूस का लिया नाम, फोन पर कहा- 'मैं अभी नहीं मर सकता, मुझे...'
मौत से पहले ट्रंप को लिंडसे ने गिनाए 3 काम, रूस का लिया नाम, फोन पर कहा- 'मैं अभी नहीं मर सकता, मुझे...'
इंग्लैंड के खिलाफ 'फ्लॉप' होने के बाद वैभव सूर्यवंशी ने यहां कर लिया डेब्यू, तस्वीरें आई सामने
इंग्लैंड के खिलाफ 'फ्लॉप' होने के बाद वैभव सूर्यवंशी ने यहां कर लिया डेब्यू, तस्वीरें आई सामने
Aaj Ka Mausam: यूपी के 65 जिलों में बारिश, दिल्ली-बिहार से लेकर हरियाणा तक जानें मौसम विभाग की भविष्यवाणी
यूपी के 65 जिलों में बारिश, दिल्ली-बिहार से लेकर हरियाणा तक जानें मौसम विभाग की भविष्यवाणी
कश्मीर ही नहीं आपके खेत में भी हो सकती है केसर की खेती, जान लीजिए तरीका
कश्मीर ही नहीं आपके खेत में भी हो सकती है केसर की खेती, जान लीजिए तरीका
Video: डिलीवरी बॉय को कहा NO तो घर में घुस की शर्मनाक हरकत, रोते हुए लड़की का वीडियो वायरल
डिलीवरी बॉय को कहा NO तो घर में घुस की शर्मनाक हरकत, रोते हुए लड़की का वीडियो वायरल
सरकार ने माना कि 5% तक घट सकता है माइलेज, लेकिन E20 फ्यूल के ये फायदे भी गिनाए
सरकार ने माना कि 5% तक घट सकता है माइलेज, लेकिन E20 फ्यूल के ये फायदे भी गिनाए
Embed widget