एक्सप्लोरर

Power Consumption In Delhi: गर्मी ने बढ़ाई बिजली की खपत! जानें रोजाना कितने रुपये की बिजली फूंक देते हैं दिल्ली वाले?

Power Consumption In Delhi: भीषण गर्मी के कारण दिल्ली में बिजली की अधिकतम मांग बढ़ गई है. दिल्ली सरकार 200 यूनिट तक मुफ्त और 400 यूनिट तक आधी सब्सिडी देती है.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • दिल्ली वाले भीषण गर्मी में प्रतिदिन 25 से 40 करोड़ की बिजली फूंक रहे.

Power Consumption In Delhi: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में चिलचिलाती गर्मी और रिकॉर्ड तोड़ते पारे ने आम जनजीवन को पूरी तरह बेहाल कर दिया है. सुबह के नौ बजते ही सूरज के तीखे तेवर लोगों को घरों के भीतर दुबकने पर मजबूर कर रहे हैं. इस भीषण तपन से बचने के लिए दिल्ली के घरों में एयर कंडीशनर (एसी) और कूलर का इस्तेमाल अंधाधुंध बढ़ गया है. उपकरणों के इस लगातार इस्तेमाल से न केवल बिजली विभाग के पावर ग्रिडों पर भारी दबाव पड़ रहा है, बल्कि शहर की कुल बिजली खपत भी नए रिकॉर्ड बना रही है. आइए समझते हैं कि इस सीजन में दिल्ली वाले हर दिन कितने करोड़ रुपये की बिजली फूंक रहे हैं.

दिल्ली में सरकार की मुफ्त बिजली योजना 

दिल्ली में बिजली की बढ़ती मांग के बीच यहां का उपभोक्ता मुख्य रूप से तीन श्रेणियों में बंटा हुआ है. दिल्ली सरकार राजधानी के घरेलू उपभोक्ताओं को भारी सब्सिडी देती है. नियमों के तहत 2 किलोवाट तक के लोड वाले जिन घरों में महीने भर में 200 यूनिट तक बिजली खर्च होती है, उनका बिल पूरी तरह शून्य यानी मुफ्त आता है. वहीं 201 से 400 यूनिट तक की खपत करने वाले मध्यमवर्गीय परिवारों को बिल में 50 फीसदी यानी अधिकतम 800 रुपये तक की सीधी छूट दी जाती है.

400 यूनिट से ऊपर का कितना चार्ज

दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (डीईआरसी) के अनुसार, यदि किसी घर में महीने भर की बिजली का खर्च 400 यूनिट की सीमा को पार कर जाता है, तो उपभोक्ता को सरकार की तरफ से कोई सब्सिडी नहीं मिलती है. ऐसी स्थिति में उपभोक्ताओं को खपत के आधार पर 4.50 से लेकर 8 रुपये प्रति यूनिट तक की पूरी दर चुकानी पड़ती है. विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी अक्सर दिल्ली सरकार की इस सब्सिडी सीमा और बिजली कंपनियों के फिक्स चार्ज को लेकर सवाल उठाती रही है, क्योंकि गर्मी के पीक सीजन में एसी चलने के कारण ज्यादातर परिवारों का खर्च 400 यूनिट के पार चला जाता है.

यह भी पढ़ें: सीलिंग फैन में ज्यादातर तीन ब्लेड ही क्यों होते हैं, क्या है इसका लॉजिक?

रोज कितने करोड़ की बिजली फूंक रहे दिल्लीवाले?

इस बार की भीषण गर्मी में दिल्ली की अधिकतम बिजली की मांग (पीक पावर डिमांड) इतिहास के सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए 8,200 मेगावाट से भी अधिक के स्तर को पार कर गई है. बिजली सप्लाई का जिम्मा संभालने वाली निजी डिस्कॉम कंपनियां जैसे बीएसईएस (राजधानी और यमुना) और टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रिब्यूशन लिमिटेड को इस भारी लोड को संभालने के लिए अतिरिक्त बिजली खरीदनी पड़ रही है. दिल्ली के लोग इस चिलचिलाती गर्मी के पीक सीजन में हर दिन औसतन 25 करोड़ रुपये से लेकर 40 करोड़ रुपये तक की बिजली का इस्तेमाल अकेले कर रहे हैं.

मध्यमवर्गीय घरों का बिजली का दैनिक खर्च

दिल्ली के मध्यमवर्गीय परिवारों में जहां 3 से 4 कमरे होते हैं और फ्रिज, वाशिंग मशीन के साथ कम से कम एक एसी नियमित रूप से चलाया जाता है, वहां रोजाना की बिजली खपत औसतन 15 से 25 यूनिट तक पहुंच जाती है. सब्सिडी के स्लैब से बाहर निकलने के बाद इन घरों का रोजाना का बिजली खर्च लगभग 100 रुपये से लेकर 200 रुपये के बीच बैठता है. जैसे-जैसे गर्मी के दिन बढ़ते जाते हैं, इन घरों का कुल मासिक खर्च सिर्फ एसी की वजह से काफी ज्यादा बढ़ जाता है.

रईस इलाकों का रोजाना का भारी बिल

दिल्ली के पॉश इलाकों, बड़े फ्लैटों या आलीशान कोठियों की बात करें जहां दो से तीन एसी दिन-रात चलते हैं, वहां बिजली की खपत का आंकड़ा काफी चौंकाने वाला है. इन बड़े घरों में रोजाना 30 से लेकर 50 यूनिट तक बिजली बहुत आसानी से फूंक दी जाती है. बिना किसी सरकारी सब्सिडी और उच्चतम स्लैब की दरों के कारण इन परिवारों का रोजाना का बिजली खर्च 200 रुपये से लेकर 400 रुपये तक पहुंच जाता है. इस हिसाब से इन घरों का सिर्फ एक महीने का बिजली बिल 12,000 रुपये के पार चला जाता है.

यह भी पढ़ें: Home Generated Electricity: घर में कैसे बना सकते हैं पानी से बिजली, क्या इससे पूरी की जा सकती है हर जरूरत?

About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

Bengal Rajya Sabha Bypolls 2026: TMC के बागी लोकसभा सांसदों ने बदली पार्टी, लेकिन राज्यसभा सांसदों ने पहले दिया इस्तीफा; क्या है कानूनी पेंच?
TMC के बागी लोकसभा सांसदों ने बदली पार्टी, लेकिन राज्यसभा सांसदों ने पहले दिया इस्तीफा; क्या है कानूनी पेंच?
Property Documents: मुनाफे पर जमीन देते वक्त इन कागजों पर जरूर कराएं साइन, वरना हाथ चली जाएगी बाप दादा की मेहनत
मुनाफे पर जमीन देते वक्त इन कागजों पर जरूर कराएं साइन, वरना हाथ चली जाएगी बाप दादा की मेहनत
Australia Uranium: ऑस्ट्रेलिया किन-किन देशों को बेचता है यूरेनियम, जानें क्या है इसकी कीमत?
ऑस्ट्रेलिया किन-किन देशों को बेचता है यूरेनियम, जानें क्या है इसकी कीमत?
US Attack Chabahar Port: ईरान के चाबहार पोर्ट पर भारत ने लगाए थे 1 हजार करोड़ रुपये, जानें उनका अब क्या होगा?
ईरान के चाबहार पोर्ट पर भारत ने लगाए थे 1 हजार करोड़ रुपये, जानें उनका अब क्या होगा?
Advertisement

वीडियोज

'Lock Upp 2' में Akanksha Chaudhary का गुस्सा बेकाबू, Shreya Kalra पर की तीखी टिप्पणी
'Lock Upp 2' में Gaurav Khanna की एंट्री, Akanksha Chamola से मुलाकात ने बढ़ाई हलचल
Sansani: ट्रेन के 'सुहागरात कोच' का बवाल ! | Train Honeymoon Coach Video
Monsoon Alert | Weather: भारी बारिश से कहीं सड़कें बनी तालाब, कहीं घरों में घुसा पानी | Delhi Rain
Monsoon Alert | Flood 2026 | Janhit: चमकते वादे, डूबी सड़कें...स्मार्ट सिटी की कड़वी हकीकत | Rain
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
PM मोदी के पीछे खड़ी लड़की ने ऐसा क्या किया इशारा, पलटकर देखने लगे प्रधानमंत्री, रिएक्शन वायरल
PM मोदी के पीछे खड़ी लड़की ने ऐसा क्या किया इशारा, पलटकर देखने लगे प्रधानमंत्री, रिएक्शन वायरल
Bihar NDA Meeting: CM सम्राट चौधरी ने क्यों बुलाई एनडीए की बैठक? सामने आया सरकार का पूरा एजेंडा
CM सम्राट चौधरी ने क्यों बुलाई NDA की बैठक? सामने आया सरकार का पूरा एजेंडा
Monsoon Update: बारिश ने पूरे देश को रुलाया ! दिल्ली, यूपी, हिमाचल समेत देश में कितने लोगों की हुई मौत? जानें
बारिश ने पूरे देश को रुलाया ! दिल्ली, यूपी, हिमाचल समेत देश में कितने लोगों की हुई मौत? जानें
IND W vs ENG W Live Streaming: क्रिकेट के मक्का में पहली बार हो रहा महिला क्रिकेट टीम का टेस्ट मैच, जानिए टाइमिंग और लाइव स्ट्रीमिंग डिटेल्स
IND W VS ENG W: क्रिकेट के मक्का में पहली बार हो रहा महिला क्रिकेट टीम का टेस्ट मैच, जानिए टाइमिंग और लाइव स्ट्रीमिंग डिटेल्स
Ikka Review: शानदार फिल्म है इक्का, Sunny Deol और Akshaye Khanna के फैंस को मजा आ जाएगा
इक्का रिव्यू: शानदार फिल्म है इक्का, सनी देओलऔर अक्षय खन्ना के फैंस को मजा आ जाएगा
Explained: पहले हरदीप सिंह पुरी ने कहा- 'सब ठीक', फिर नितिन गडकरी ने माना- 'माइलेज घटेगा', आखिर क्या है सच?
पहले हरदीप सिंह पुरी ने कहा- 'सब ठीक', फिर गडकरी ने माना- 'माइलेज घटेगा', आखिर क्या है सच?
Roadside Tea Viral Video: मसाला नहीं मक्खी चाय... पिएं या उल्टी करें, समझ नहीं पा रहे यूजर्स; देखें वीडियो
मसाला नहीं मक्खी चाय... पिएं या उल्टी करें, समझ नहीं पा रहे यूजर्स; देखें वीडियो
सावधान! कहीं आपकी 12 साल पुरानी या 'प्रीमियम एज्ड' शराब में मिलावट तो नहीं? FSSAI ने कसा शिकंजा
सावधान! कहीं आपकी 12 साल पुरानी या 'प्रीमियम एज्ड' शराब में मिलावट तो नहीं? FSSAI ने कसा शिकंजा
Embed widget