Delhi Metro Stations Close: कहां खुलेंगे गेट और कहां रहेंगे बंद, जानें किसके इशारे पर चलती है दिल्ली मेट्रो?
Delhi Metro Stations Close: दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने सुरक्षा कारणों से 22 और 23 जुलाई को राजधानी के 16 मेट्रो स्टेशनों को अगले आदेश तक अस्थायी रूप से बंद रखने का फैसला लिया.

Delhi Metro Stations Close : दिल्ली में चल रहे सीजेपी प्रदर्शन के बीच दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने सुरक्षा कारणों से 22 और 23 जुलाई को राजधानी के 16 मेट्रो स्टेशनों को अगले आदेश तक अस्थायी रूप से बंद रखने का फैसला लिया. इनमें लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, पटेल चौक, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराखंभा रोड, सुप्रीम कोर्ट, सेवा तीर्थ, जनपथ, मंडी हाउस, केंद्रीय सचिवालय, आईटीओ, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोर बाग और शिवाजी स्टेडियम स्टेशन शामिल हैं. हालांकि यात्रियों की सुविधा के लिए राजीव चौक, मंडी हाउस और केंद्रीय सचिवालय पर इंटरचेंज की सुविधा सामान्य रूप से जारी रखी गई है. ऐसे में यात्रियों के मन में सवाल उठता है कि आखिर यह फैसला कौन लेता है और मेट्रो ट्रेनों की आवाजाही किसके नियंत्रण में होती है. तो आइए आज हम आपको बताते हैं कि दिल्ली मेट्रो किसके इशारे पर चलती है.
दिल्ली मेट्रो का संचालन कौन करता है?
दिल्ली मेट्रो का संचालन दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) करता है. इसकी स्थापना 3 मई 1995 को कंपनी अधिनियम, 1956 के तहत की गई थी. यह भारत सरकार और दिल्ली सरकार का संयुक्त उपक्रम है, जिसमें दोनों की बराबर हिस्सेदारी है. डीएमआरसी ही मेट्रो नेटवर्क के निर्माण, संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी संभालता है. दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क करीब 416 किलोमीटर लंबा है और इसमें 303 स्टेशन शामिल हैं. यह नेटवर्क दिल्ली के अलावा नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद, बहादुरगढ़ और बल्लभगढ़ तक फैला हुआ है.
किसके इशारे पर चलती हैं मेट्रो ट्रेनें?
दिल्ली मेट्रो की ट्रेनों की पूरी आवाजाही ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर (OCC) से नियंत्रित की जाती है. यही मेट्रो का कंट्रोल रूम माना जाता है. यहां मौजूद ऑपरेशन कंट्रोल मैनेजर और चीफ ट्रैफिक कंट्रोलर पूरे नेटवर्क पर नजर रखते हैं. वे ट्रेनों की लोकेशन, सिग्नल, समय-सारणी और ट्रेनों की आवाजाही की निगरानी करते हैं. जरूरत पड़ने पर यही अधिकारी ट्रेनों की स्पीड, रूट और संचालन से जुड़े निर्देश जारी करते हैं ताकि पूरे नेटवर्क का संचालन सुचारू रूप से चलता रहे.
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स्टेशन खोलने और बंद करने का फैसला कैसे होता है?
किसी स्टेशन को बंद करने या उसके एंट्री-एग्जिट गेट बंद करने का फैसला सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए लिया जाता है. बड़े विरोध प्रदर्शन, संसद सत्र, वीआईपी मूवमेंट या कानून-व्यवस्था की स्थिति बनने पर डीएमआरसी संबंधित सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय कर यह निर्णय लेता है. ऐसे समय में कुछ स्टेशनों पर केवल इंटरचेंज की सुविधा जारी रखी जाती है, जबकि यात्रियों की एंट्री और एग्जिट अस्थायी रूप से रोक दी जाती है.
सुरक्षा की जिम्मेदारी किसके पास होती है?
मेट्रो ट्रेनों के संचालन की जिम्मेदारी डीएमआरसी की होती है, लेकिन यात्रियों और मेट्रो परिसरों की सुरक्षा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) संभालता है. स्टेशन परिसर में सुरक्षा जांच, यात्रियों की स्क्रीनिंग और कानून-व्यवस्था बनाए रखने का काम सीआईएसएफ के जवान करते हैं. वहीं, संचालन से जुड़े तकनीकी और ट्रैफिक संबंधी फैसले डीएमआरसी के कंट्रोल सिस्टम के जरिए लिए जाते हैं.
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