Brazil Rope Jumping Accident: ब्राजील का वह पुल जो बन गया 'डेथ ट्रैप', जानें रोप जंपिंग सिस्टम में कहां-कहां हुई चूक?
Brazil Rope Jumping Accident: ब्राजील के लिमेरा में रोप जंपिंग हादसे ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए. जानें लापरवाही, बिना लाइसेंस संचालन और विशेषज्ञों की अहम चेतावनी.

Brazil Rope Jumping Accident: ब्राजील के साओ पाउलो राज्य में लिमेरा शहर के पास हाल ही में रोप जंपिंग के दौरान एक 21 साल की युवती की मौत हो गई थी. इस हादसे की खबर पहले ही सामने आ चुकी है, लेकिन असली सवाल यह है कि आखिर यह पूरा सिस्टम इतना खतरनाक क्यों है कि आखिर किसा की जान चली गई.
बता दें कि जिस जगह यह गतिविधि करवाई जा रही थी, वह "पोंते दो एस्क्वेलेतो" नाम का एक अधूरा पुल है, जो करीब 30 साल से वीरान पड़ा है. यह पुल कभी आम रास्ते के लिए बना ही नहीं था, फिर भी वहां बिना किसी सुरक्षा जांच के लोगों से पैसे लेकर रोप जंपिंग कराया जाता है. इस जगह पर पहले भी कई हादसे हो चुके थे, जिनमें एक मौत और कई गंभीर चोटें शामिल हैं. इतना ही नहीं स्थानीय अधिकारियों ने भी इस जगह के खतरनाक होने की बात पहले से उठाई थी, लेकिन फिर भी यहां पर रोप जंपिंग नहीं रोकी गई.
न कोई कंपनी, न कोई नियम-कायदे
इस पूरे मामले में सबसे बड़ी लापरवाही यह रही कि इस आयोजन के पीछे कोई बड़ी कंपनी थी ही नहीं. बल्कि यह कुछ लोगों का एक समूह चला रहा था, जिनके पास न तो सुरक्षा का कोई लाइसेंस था और न ही कोई नियम. साथ ही दावा किया जा रहा है कि हादसे के तुरंत बाद इस समूह ने अपनी सोशल मीडिया प्रोफाइल तक हटा दी, जिससे ये साफ पता चलता है कि वे एडवेंचर एक्टिविटी के नाम पर लोगों का धोखा दे रहे थे.
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सुरक्षा के लिए जरूरी हर चीज गायब
रोप जंपिंग एक ऐसी गतिविधि है जिसमें बेहद बारीक तकनीकी समझ की जरूरत होती है. इसमें रस्सी की लंबाई, उसे बांधने की सही जगह, कूदने वाले व्यक्ति का वजन, गिरने की दूरी और मौसम जैसी कई बातों का हिसाब लगाना पड़ता है, तभी झूलने का रास्ता सुरक्षित रहता है. लेकिन पता करने पर सामने आया कि इस हादसे में इस्तेमाल किया गया सामान भी काफी पुराना था, जिससे खतरा और बढ़ गया.
इसके अलावा पुल के नीचे मौजूद बड़े कंक्रीट के खंभे भी इस गतिविधि को और खतरनाक बना रहे थे, क्योंकि झूलते समय व्यक्ति के इनसे टकराने का डर हमेशा बना रहता है. साथ ही विशेषज्ञों का कहना है कि सही ट्रेनिंग, साफ ऑपरेटिंग प्रक्रिया, नियमित जांच, थर्ड-पार्टी सुरक्षा ऑडिट, बीमा और सही उपकरण के बिना ऐसी गतिविधि करना अपनी जान को खुद खतरे में डालने जैसा है.
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