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Spacesuit Fire: क्या स्पेस सूट में आग लग सकती है, जानें किस मटेरियल से बनें होते हैं ये?

Spacesuit Fire: अक्सर ही लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि क्या स्पेस सूट में आग लग सकती है? आइए जानते हैं क्या है इस सवाल का जवाब.

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  • आधुनिक स्पेस सूट आग-रोधी सामग्री से बने, सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं।
  • कई परतों वाले सूट गर्मी, ठंड, रेडिएशन से बचाते हैं।
  • नोमैक्स, केवलर, बीटा क्लोथ आग व तेज कणों से सुरक्षा देते हैं।
  • माइलर, कूलिंग सिस्टम और पॉलीकार्बोनेट हेलमेट सुरक्षित रखते हैं।

Spacesuit Fire: आम हालत में आज के  स्पेस सूट खास तौर पर इस तरह से डिजाइन किए जाते हैं कि उनमें आग ना लगे. क्योंकि उन्हें काफी ज्यादा एडवांस्ड, आग-रोधी और गर्मी-रोधी मटीरियल से बनाया जाता है. हालांकि इतिहास ने यह दिखाया है कि अगर किसी सूट या फिर स्पेसक्राफ्ट के माहौल में काफी ज्यादा दबाव वाली शुद्ध ऑक्सीजन हो और कोई चिंगारी या फिर तकनीकी खराबी हो जाए तो आग लगने का खतरा काफी ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है.

किन चीजों से बना होता है स्पेस सूट 

आज के स्पेस सूट आम कपड़े या फिर किसी एक कपड़े से नहीं बने होते. उनमें लगभग 14 अलग-अलग परतें होती हैं. इन्हें अंतरिक्ष यात्रियों को काफी ज्यादा गर्मी, जमा देने वाली ठंड, रेडिएशन, दबाव में कमी और अंतरिक्ष में तैरते मलबे से बचाने के लिए डिजाइन किया गया है. 

इन सूट को अंतरिक्ष के छायादार हिस्सों में लगभग - 150 डिग्री सेल्सियस से लेकर सीधी धूप में 130 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान तक में भी सुरक्षित रहना होता है. हर परत एक खास काम करती है.

अंतरिक्ष यात्रियों को आग और गर्मी से बचाना 

स्पेस सूट के अंदर इस्तेमाल होने वाले सबसे जरूरी पदार्थों में से एक नोमैक्स है. यह सिंथेटिक फाइबर आग की लपटों और काफी ज्यादा गर्मी के प्रति प्रतिरोधी होता है. इसका इस्तेमाल आमतौर पर फायरफाइटर की यूनिफार्म और सुरक्षात्मक रेसिंग सूट में भी किया जाता है. स्पेस सूट में नोमैक्स अंतरिक्ष यात्रियों को गर्मी या फिर बिजली की खराबी से जुड़ी आपात स्थितियों के दौरान बचाने में मदद करता है. यह पदार्थ आसानी से आग नहीं पकड़ता.

सूट की मजबूती 

आज के स्पेस सूट के अंदर एक और जरूरी मटीरियल होता है. उसे Kevlar कहते हैं. इस मटीरियल का इस्तेमाल बुलेट प्रूफ जैकेट और फौजी कवच में भी किया जाता है. यह वजन के हिसाब से स्टील से लगभग 5 गुना ज्यादा मजबूत होता है और अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में तेज रफ्तार से यात्रा करने वाले छोटे और खतरनाक कणों से बचाता है.

क्या है Beta Cloth?

अपोलो 1 में लगी आग की दुखद घटना के बाद नासा ने ओवेन्स कॉर्निंग के साथ मिलकर Beta Cloth नाम का एक नया आग रोधी पदार्थ बनाया. यह कपड़ा टेफ्लॉन कोटेड सिलिका फाइबर से बना है और इसे खास तौर पर इस तरह से डिजाइन किया गया है कि सीधे आग के संपर्क में आने पर भी यह जले नहीं. यह 650 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा तापमान पर ही पिघलना शुरू होता है. 

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माइलर और कूलिंग सिस्टम 

स्पेस सूट के अंदर के तापमान को कंट्रोल करने के लिए माइलर और डैक्रॉन की कई परतों का इस्तेमाल किया जाता है. ये परतें एक थर्मस फ्लास्क की तरह काम करती हैं. ये सूरज की गर्मी को वापस भेजती हैं और अंतरिक्ष यात्रियों के लिए अंदर की स्थितियों को स्थिर बनाए रखने में मदद करती हैं. 

इसके अलावा सबसे अंदर के कूलिंग गारमेंट में नायलॉन और स्पैन्डेक्स जैसे पदार्थ होते हैं. साथ ही छोटी-छोटी प्लास्टिक ट्यूब होती हैं जो पूरे सूट में ठंडा पानी पहुंचाती हैं. यह सिस्टम स्पेसवॉक के दौरान अंतरिक्ष यात्री के शरीर को लगातार ठंडा रखता है.

किस चीज से बना होता है हेलमेट? 

अंतरिक्ष यात्रियों द्वारा पहने जाने वाला हेलमेट आमतौर पर पॉलीकार्बोनेट से बनाया जाता है. यह काफी ज्यादा टिकाऊ और झटके सहने वाला पदार्थ होता है.

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स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

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