BMC Lottery System: कैसे काम करती है लॉटरी प्रक्रिया, जानें बीएमसी में इससे कैसे हो रहा मेयर का चुनाव?
BMC Lottery System: आज महाराष्ट्र के 29 नगर निगमों में मेयर पद के लिए लॉटरी निकाली गई है. आइए जानते हैं कि कैसे काम करती है यह प्रक्रिया और कौन निकलवाता है लॉटरी.

BMC Lottery System: आज मुंबई और 28 दूसरे नगर निगमों में मेयर पद के लिए लॉटरी निकाली गई है. इसमें मुंबई में मेयर का पद सामान्य महिला कैटिगरी के लिए आरक्षित कर दिया गया है. इसी बीच आइए जानते हैं कि यह लॉटरी प्रक्रिया कैसे काम करती है और इसके जरिए बीएमसी में कैसे हो रहा है मेयर का चुनाव.
मेयर चुनाव में लॉटरी सिस्टम क्यों है
शहरी लोकल गवर्नेंस में सोशल रिप्रेजेंटेशन पक्का करने के लिए लॉटरी सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता है. अब क्योंकि मेयर सीधे जनता द्वारा नहीं चुने जाते इस वजह से रिजर्वेशन लागू किया जाता है. रिजर्वेशन इस वजह से लागू किया जाता है ताकि यह पद दशकों तक किसी एक कैटिगरी या फिर समुदाय के कब्जे में ना रहे. रोटेशन के जरिए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, महिलाओं और सामान्य केटेगरी को संवैधानिक पदों पर रहने का मौका दिया जाता है.
लॉटरी कौन करवाता है और यह कहां पर होती है
पूरी लॉटरी प्रक्रिया महाराष्ट्र सरकार के शहरी विकास विभाग के द्वारा करवाई जाती है. यह राज्य सचिवालय, मंत्रालय में, सार्वजनिक और आधिकारिक तौर पर रिकॉर्ड की गई सेटिंग में आयोजित होती है. पारदर्शिता को पक्का करने के लिए सीनियर अधिकारी, राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधि और मीडिया कर्मी मौजूद रहते हैं.
लॉटरी कैसे निकाली जाती है
अलग-अलग रिजर्वेशन कैटिगरी को दिखाने वाली पर्चियां एक सील बंद बॉक्स में रखी जाती हैं. इन पर्चियों में एससी, एसटी, ओबीसी, जनरल और महिला जैसी कैटिगरी शामिल होती हैं. किसी भी राजनीतिक हेर फेर के आरोप से बचने के लिए ड्रॉ अक्सर एक न्यूट्रल व्यक्ति द्वारा किया जाता है या फिर कभी-कभी बच्चों से भी ड्रॉ निकलवा लिया जाता है. एक बार पर्ची निकल जाने के बाद उस पर लिखी कैटिगरी उस म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के मेयर पद के लिए पूरे कार्यकाल के लिए लागू हो जाती है.
लॉटरी से रिजर्वेशन तय होता है
आपको बता दें कि लॉटरी से सिर्फ रिजर्वेशन तय होता है मेयर नहीं. लॉटरी सिर्फ यह तय करती है कि कौन चुनाव लड़ने के लिए एलिजिबल है. कैटिगरी घोषित होने के बाद बीएमसी के अंदर राजनीतिक प्रक्रिया शुरू होती है. सिर्फ वहीं चुने हुए कॉर्पोरेटर जो रिजर्व कैटेगरी में आते हैं, पद के लिए अपना नॉमिनेशन पेपर फाइल कर सकते हैं. लॉटरी के बाद बीएमसी सिर्फ मेयर चुनाव के लिए कॉर्पोरेटर्स की खास मीटिंग बुलाती है. मेयर को योग्य उम्मीदवारों में से कॉर्पोरेटर्स की वोटिंग से चुना जाता है.
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Source: IOCL
























