ट्रेन टिकट के वक्त जो 35 पैसे वाला इंश्योरेस लेते हैं, उससे हादसे के बाद कितने लाख रुपये मिलते हैं?
Bihar Train Accident: बिहार में हुए रेल हादसे के बाद ट्रेन टिकट के सात मिलने वाले इंश्योरेंस की बात हो रही है. जानते हैं आखिर 35 पैसे वाले इंश्योरेंस में क्या कुछ मिलता है और इसकी क्या शर्ते होती हैं.

बिहार में दिल्ली-कामाख्या नार्थ ईस्ट एक्सप्रेस के कई डिब्बे पटरी से उतर जाने के बाद ट्रेन सिस्टम की काफी चर्चा हो रही है. बिहार सरकार ने हादसे में मरने वाले लोगों के परिवारों को 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की. सरकार की ओर से मिलने वाली अनुग्रह राशि के साथ ही उस इंश्योरेंस पर भी बात हो रही है, जो यात्री ट्रेन टिकट बुक करते वक्त खरीदते हैं. ट्रेन टिकट के साथ लोग यात्रा को सिक्योर करने के लिए 35 पैसे वाला इंश्योरेंस भी करवाते हैं. ऐसे में जानते हैं आखिर इस इंश्योरेंस के क्या नियम हैं और इस इंश्योरेंस में किसी हादसे के बाद कितनी सहायता राशि दी जाती है.
क्या हर किसी के लिए जरूरी है इंश्योरेंस?
जब भी कोई टिकट बुक करता है तो ये किसी भी यात्री के लिए अनिवार्य नहीं होता है कि वो रेलवे की ओर से दिया जाने वाला इंश्योरेंस जरूर ले. यह यात्री की इच्छा पर होता है और जब कोई यात्री ट्रेवल इंश्योरेंस पर क्लिक करता है तब ही उनका इंश्योरेंस होता है. इस ट्रेवल के लिए हर यात्री को टिकट के हिसाब से 35 पैसे देने होते हैं.
इंश्योरेंस के क्या हैं नियम?
पहले आपको बताते हैं कि ये इंश्योरेंस सिर्फ कंफर्म, आरएसी और पार्ट कंफर्म टिकट वालों को ही इंश्योरेंस का फायदा मिलता है. एक बार इंश्योरेंस खरीदने के बाद यात्री को एसएमएस और रजिस्टर्ड मेल आई पर इंश्योरेंस कंपनी की ओर से जानकारी दे दी जाती है. ये मैसेज आने के बाद यात्री को इंश्योरेंस कंपनी की वेबसाइट पर जाकर नॉमिनेशन की डिटेल भरनी होती है. अगर कोई नोमिनेशन की डिटेल नहीं भरता है तो इसके बाद मुआवजा उनके लीगल वारिस को मिलता है और इसके लिए पहले दावा करना होता है. इस इंश्योरेंस में ट्रेन एक्सीडेंट की वजह से होने वाली मौत, इंजरी पर कुछ मुआवजा राशि दी जाती है.
कितने पैसे मिलते हैं?
इस इंश्योरेंस में ट्रेन एक्सीडेंट के बाद यात्रियों को होने वाले अलग अलग नुकसान के आधार पर क्लेम दिया जाता है. इंश्योरेंस में मौत होने पर 10 लाख रुपये, पर्मानेंट टोटल डिसेबिलिटी होने पर 10 लाख रुपये, पर्मानेंट पार्शल डिसेबिलिटी होने पर साढ़े सात लाख रुपये, घायल पर होने 2 लाख रुपये तक का अस्पताल का खर्चा और ट्रांसपोर्टेशन का 10 हजार रुपये मिलता है.
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Source: IOCL
























