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America War Law: 60 दिन से ज्यादा जंग क्यों नहीं लड़ सकता अमेरिका, क्या है यहां का कानून?

America War Law: अमेरिका में 60 दिनों के युद्ध कानून पर बहस चल रही है. आइए जानते हैं क्या है यह कानून और इसे क्यों बनाया गया था.

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  • अमेरिका में 60 दिन से अधिक युद्ध लड़ने पर कानूनी रोक है।
  • ट्रंप प्रशासन का युद्ध विराम का दावा सीनेटर केन ने खारिज किया।
  • 1973 के नियम का उद्देश्य राष्ट्रपति की सैन्य शक्ति सीमित करना।
  • कांग्रेस को युद्ध की अवधि बढ़ाने के लिए मंजूरी आवश्यक।

America War Law: अमेरिका में 60 दिनों से ज्यादा जंग लड़ने पर कानूनी रोक है.  अब इस कानून को लेकर डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी कांग्रेस के बीच मतभेद सामने आया है. ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की औपचारिक सूचना 2 मार्च को दी गई थी. इसका मतलब है कि 60 दिनों की समय सीमा 1 मई को खत्म हो गई है. लेकिन  ट्रंप प्रशासन दावा कर रहा है कि युद्ध विराम की वजह से यह समय सीमा रुक गई थी. वहीं वर्जीनिया के सीनेटर टीम केन ने इस तर्क को खारिज करते हुए अमान्य बताया है.

 क्या है 60 दिन का नियम?

यह नियम वॉर पावर्स रेजोल्यूशन से आया है. इसे 1973 में राष्ट्रपति की बेकाबू सैन्य शक्तियों को सीमित करने के लिए पास किया गया था. यह कानून राष्ट्रपति को बिना किसी पूर्व मंजूरी के अमेरिकी सशस्त्र बलों को युद्ध में भेजने की इजाजत देता है, लेकिन सिर्फ 60 दिनों की अवधि के लिए. इससे आपात स्थिति में राष्ट्रपति को मदद मिलती है, लेकिन इससे लोकतांत्रिक निगरानी के बिना लंबे समय तक चलने वाले युद्धों को रोका जा सकता है.

कांग्रेस क्यों शामिल? 

यह व्यवस्था इस बात को पक्का करती है कि युद्ध से जुड़े फैसले सिर्फ एक व्यक्ति द्वारा ना लिए जाएं. अगर युद्ध को 60 दिनों से ज्यादा समय तक जारी रखने की जरूरत पड़ती है तो कांग्रेस को इसमें दखल देना होगा.  कांग्रेस सैन्य बल के इस्तेमाल की मंजूरी देकर या फिर औपचारिक रूप से युद्ध की घोषणा करके दखल दे सकती है.

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48 घंटे का नियम 

राष्ट्रपति के लिए भी यह जरूरी है कि वह किसी भी सैन्य अभियान को शुरू करने के 48 घंटे के अंदर कांग्रेस को इसकी सूचना दें. इससे कानून बनाने वाले लोगों को जानकारी मिलती रहती है और शुरू से ही  जवाबदेही मजबूत होती है.

साथ ही राष्ट्रपति सैन्य मौजूदगी को 30 दिनों के लिए और बढ़ा सकते हैं. लेकिन सिर्फ सैनिकों को सुरक्षित रूप से वापस बुलाने के लिए.

यह कानून क्यों बनाया गया? 

यह कानून वियतनाम युद्ध के बाद लाया गया था जब अमेरिकी राष्ट्रपतियों पर देश को बिना किसी उचित जांच पड़ताल के लंबे समय तक चलने वाले युद्ध में घसीटने का आरोप लगा था. इसे राष्ट्रपति और कांग्रेस के बीच संतुलन बहाल करने के लिए बनाया गया था.

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स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

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