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बिना टैक्स दिए राजा की तरह जीते हैं यहां के लोग, आज भी चलती है ब्रिटिश हुकूमत

कैरिबियन क्षेत्र में स्थित आज भी एक ऐसा अनोखा इलाका है जहां के लोग बिना कोई टैक्स चुकाए राजाओं जैसी जिंदगी जीते हैं. ब्रिटेन के पूर्ण प्रभुत्व वाले इस द्वीप समूह की सुरक्षा की जिम्मेदारी ब्रिटिश हुकूमत संभालती है.

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  • कैरिबियन में केमैन आइलैंड्स, ब्रिटिश शासित, कर-मुक्त जीवन शैली.
  • तीन द्वीपसमूह, ग्रैंड केमैन, केमैन ब्रैक, लिटिल केमैन.
  • आबादी 71,000, जॉर्ज टाउन राजधानी, कोई सेना नहीं.
  • आधिकारिक भाषा अंग्रेजी, रक्षा के लिए ब्रिटेन पर निर्भर.

दुनिया में 21वीं सदी के भीतर जहां हर देश के नागरिक टैक्स के भारी-भरकम बोझ और कड़े सरकारी नियमों से परेशान रहते हैं, वहीं इस धरती पर एक ऐसी जादुई जगह भी मौजूद है जहां के लोग बिना एक भी पैसा टैक्स दिए बेहद आलीशान जिंदगी का लुत्फ उठा रहे हैं. कैरिबियन क्षेत्र की खूबसूरत वादियों में बसा केमैन आइलैंड्स एक ऐसा ही द्वीप देश है, जहां के बाशिंदे टैक्स के झंझट से कोसों दूर हैं. मगर सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि आधुनिक युग में भी इस खूबसूरत मुल्क पर आज भी पुरानी ब्रिटिश हुकूमत का ही राज चलता है.

भौगोलिक स्थिति और तीन खूबसूरत द्वीपों का अनोखा संगम

केमैन आइलैंड्स मुख्य रूप से तीन बेहद खूबसूरत और शांत द्वीपों का एक बड़ा समूह है, जिसमें ग्रैंड केमैन, केमैन ब्रैक और लिटिल केमैन शामिल हैं. भौगोलिक नजरिए से देखें तो यह कैरिबियन क्षेत्र में क्यूबा के दक्षिण दिशा में और जमैका देश के उत्तर-पश्चिम हिस्से में पड़ता है. यह छोटा सा मुल्क पूरी दुनिया के पर्यटकों के बीच अपने चमकीले और शानदार रेतीले समुद्र तटों के लिए जाना जाता है, जहां हर साल लाखों विदेशी सैलानी छुट्टियां बिताने और मौज-मस्ती करने के लिए खिंचे चले आते हैं. 

आज भी चलता है ब्रिटिश हुकूमत का पूर्ण प्रभुत्व

आजादी के इस दौर में भी केमैन आइलैंड्स कोई पूरी तरह से स्वतंत्र देश नहीं है, बल्कि यह एक स्व-शासित ब्रिटिश प्रवासी क्षेत्र के रूप में काम करता है. इसका सीधा मतलब यह है कि इस द्वीप समूह पर आज भी ब्रिटेन का पूर्ण प्रभुत्व और कंट्रोल कायम है. हालांकि, आंतरिक व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए यहां के द्वीपों को खुद के आंतरिक मामले जैसे शिक्षा व्यवस्था और पर्यटन से संबंधित जरूरी नियम व कानून बनाने की पूरी छूट स्थानीय स्तर पर मिली हुई है.

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बिना एक भी पैसा टैक्स दिए जीते हैं आलीशान जिंदगी

इस देश की सबसे बड़ी खासियत जो इसे पूरी दुनिया में सबसे अलग और खास बनाती है, वह है इसका 'जीरो-टैक्स' यानी पूरी तरह से कर-मुक्त होना. केमैन आइलैंड्स के नागरिकों को अपनी कमाई या संपत्ति पर सरकार को किसी भी प्रकार का इनकम टैक्स या अन्य टैक्स नहीं चुकाना पड़ता. टैक्स न देने की इसी सहूलियत की वजह से यहां के लोगों का लिविंग स्टैंडर्ड बहुत हाई है और वे बिना किसी आर्थिक तनाव के राजाओं की तरह अपना जीवन बिताते हैं. 

छोटी सी आबादी और जॉर्ज टाउन राजधानी का भूगोल

आबादी के लिहाज से यह मुल्क बेहद छोटा और शांत है, जहां की कुल जनसंख्या केवल 71000 के करीब दर्ज की गई है. इस छोटे से द्वीप देश की आधिकारिक राजधानी जॉर्ज टाउन शहर है, जो इसके सबसे बड़े और सबसे अधिक आबादी वाले द्वीप 'ग्रैंड केमैन' पर स्थित है. पूरी 71 हजार की आबादी का एक बहुत बड़ा हिस्सा इसी मुख्य द्वीप पर निवास करता है, जहां आधुनिक सुख-सुविधाओं के साथ-साथ प्रकृति का बेहद सुंदर नजारा देखने को मिलता है.

अपनी सेना नहीं, रक्षा के लिए ब्रिटेन पर पूरी निर्भरता

एक संप्रभु देश न होने के कारण केमैन आइलैंड्स के पास अपनी खुद की कोई राष्ट्रीय सेना या सुरक्षा बल मौजूद नहीं है. बाहरी खतरों, सैन्य हमलों या किसी भी बड़ी अंतरराष्ट्रीय चुनौती से निपटने के लिए यह देश पूरी तरह से ब्रिटेन की सेना पर निर्भर रहता है. ब्रिटिश क्राउन के कंधों पर ही इस पूरे राष्ट्र की सरहदों की रक्षा करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी ओर से तमाम महत्वपूर्ण विदेश नीति और विदेशी संबंधों को संभालने की आधिकारिक जिम्मेदारी है. 

अंग्रेजी भाषा और कामकाज का पूरा ढर्रा

ब्रिटिश साम्राज्य का हिस्सा होने के कारण केमैन आइलैंड्स और उसकी राजधानी जॉर्ज टाउन में अंग्रेजी ही एकमात्र आधिकारिक और सबसे मुख्य भाषा मानी जाती है. यहां के सभी सरकारी स्कूलों और शिक्षण संस्थानों में बच्चों को अंग्रेजी माध्यम से ही पूरी शिक्षा दी जाती है. इसके साथ ही, तमाम सरकारी दफ्तरों के प्रशासनिक कामकाज, बड़े व्यापारिक लेन-देन और आम बोलचाल में भी यहां के लोग और अधिकारी पूरी तरह से अंग्रेजी भाषा का ही इस्तेमाल करते हैं.

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About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

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