Mohanlal Ivory Case: मोहनलाल के पास 10 हाथी दांत होने के खुलासे पर हरकत में वन विभाग, मांगी पूरी जानकारी
मोहनलाल के 5 जोड़ी हाथी के दांतों के खुलासे के बाद वन विभाग ने उनसे दस्तावेज मांगे हैं. मामला कोर्ट में है और जरूरत पड़ने पर डीएनए जांच भी हो सकती है.

मलयालम सुपरस्टार मोहनलाल इन दिनों एक विवाद को लेकर सुर्खियों में हैं. दरअसल, जब उन्होंने खुलासा किया कि उनके पास 5 जोड़ी यानी कुल 10 हाथी के दांत हैं, तो केरल वन विभाग एक्टिव हो गया. इसके बाद विभाग ने एक्टर से इन हाथी के दांतों से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज और पूरी जानकारी मांगी है.
मोहनलाल ने बताया- गिफ्ट में मिले थे हाथी के दांत
मोहनलाल ने वन विभाग को बताया है कि उनके पास मौजूद सभी हाथी के दांत उन्हें गिफ्ट में मिले थे. इसके अलावा उन्होंने 13 हाथीदांत (आइवरी) से बनी मूर्तियों के स्वामित्व की भी घोषणा की है. मोहनलाल ने इन्हें भी गिफ्ट में मिला हुआ बताया है.
पहले सिर्फ 2 जोड़ी हाथी के दांत रखने की मिली थी मंजूरी
दरअसल, केरल सरकार ने साल 2015 और 2016 में मोहनलाल को 2 जोड़ी हाथी के दांत अपने पास रखने की अनुमति दी थी. इसके बाद वन विभाग ने उन्हें इसका सर्टिफिकेट भी दिया था. हालांकि, बाद में केरल हाईकोर्ट ने इस प्रोसेस में कानूनी कमी बताते हुए सर्टिफिकेट रद्द कर दिया.

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इसके बाद वन विभाग की वन-टाइम सेटलमेंट योजना के दौरान, जिसमें बिना जानकारी दिए रखी गई वन्यजीव चीजों की जानकारी देने का मौका दिया गया था. मोहनलाल ने बताया कि उनके पास 3 और जोड़ी हाथी के दांत हैं. इसके बाद उनके पास मौजूद हाथी के दांतों की कुल संख्या बढ़कर 5 जोड़ी हो गई.
इस खुलासे के बाद वन्यजीव संरक्षण कानून भी चर्चा में आ गया है. कानून के मुताबिक हाथी के दांत या आइवरी से बनी चीजें आम तौर पर गिफ्ट में नहीं ली जा सकतीं. इन्हें अपने पास रखने के लिए सही और कानूनी दस्तावेज होना जरूरी है. अगर ये विरासत में मिले हों या कानून के मुताबिक किसी से मिले हों, तभी इन्हें वैध माना जाता है.
जरूरत पड़ने पर होगी डीएनए जांच
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अभी शुरुआती जांच की गई है. जरूरत पड़ी तो हाथी के दांतों की फोरेंसिक और डीएनए जांच भी कराई जाएगी. इससे पता चलेगा कि ये दांत कितने पुराने हैं, कहां से आए हैं और इनके दस्तावेज सही हैं या नहीं.
अधिकारियों का कहना है कि अगर जांच में पता चलता है कि ये हाथी के दांत अलग-अलग हाथियों के हैं और इनके सही दस्तावेज नहीं हैं, तो मामला और गंभीर हो सकता है. फिलहाल वन विभाग ने मोहनलाल से जांच पूरी करने के लिए सभी जरूरी रिकॉर्ड और दस्तावेज जमा करने को कहा है.
























