वो सितारा है, चमकने दो यूं ही आंखों में: कौन हैं Sonu Sood, आखिर कैसे कर पाते हैं सबकी मदद?
मार्च 2020 में अचानक से जब सब कुछ बंद हो गया तो लाखों लोग जहां के तहां फंसे रह गए. उस वक्त वाकई हाहाकार की स्थिति पैदा हो गई थी. लोगों को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि आखिर रातों रात ऐसा क्या हो गया.

कहते हैं जहां चाह होती है वहीं राह होती है और जब हर ओर से हर राह बंद हो चुकी थी तब वाकई एक मसीहा की तरह सोनू सूद (Sonu Sood) ने सामने आकर लोगों की हर संभव मदद की. उन्होंने न केवल लॉकडाउन के दौरान फंसे मजदूरों को निकाला, उन्हें सही सलामत उनके घर तक पहुंचाया बल्कि उसके बाद से लेकर आज तक भी लगातार किसी न किसी रूप में आकर लोगों तक मदद पहुंचा रहे हैं. चलिए बताते हैं आपको सोनू सूद हैं कौन और आखिर कैसे वो इंसानियत का फर्ज निभा रहे हैं.
कौन हैं सोनू सूद?

सोनू सूद पंजाब में जन्मे एक अभिनेता हैं. जिन्होंने न केवल बॉलीवुड बल्कि साउथ सिनेमा में भी खूब काम किया है. इनकी पिता एक एंटरप्रेन्योर तो वहीं मां टीचर थीं. फिल्मी बैकग्राउंड से न होने के बावजूद भी उन्होंने सिनेमा में खूब नाम कमाया है और बेहतरीन काम कर रहे हैं. हालांकि फिल्मों में आने से पहले सोनू सूद इलेक्ट्रॉनिक्स में इंजीनियरिंग कर चुके थे लेकिन फिर उन्होंने एक्टिंग में हाथ आजमाया और गाड़ी चल निकली.
लॉकडाउन के दौरान बने लाखों के लिए मसीहा
मार्च में अचानक से जब सब कुछ बंद हो गया तो लाखों लोग जहां के तहां फंसे रह गए. उस वक्त वाकई हाहाकार की स्थिति पैदा हो गई थी. लोगों को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि आखिर रातों रात ऐसा क्या हो गया. लोग घबरा गए, परेशान हो गए. तब सोनू सूद ने जिस तरह से लोगों की मदद की, उसकी जितनी भी तारीफ की जाए वो कम होगी. उन्होंने एक टीम बनाकर लोगों की मदद करने की ठानी. सैकड़ों बसें इस काम में लगाई गईं. जहां से भी मजदूरों, छात्रों के फंसने की खबर आई तो उन्हें पूरे व्यवस्थित तरीके और पूरी सावधानी बरतते हुए उनक राज्यों, शहरों, गांवों तक पहुंचाया गया.
कैसे कर रहे हैं लाखों लोगों की मदद

अक्सर ये सवाल सोनू सूद से भी काफी बार पूछा जाता है कि आखिर उन्हें ये सब करने की प्रेरणा कहां से मिलती है. किसी भी काम को अंजाम देने के लिए फंड की आवश्यक्ता तो होती ही है लेकिन उससे भी ज्यादा जरूरत होती है लगन और जज्बे की क्योंकि वही है जो विपरीत परिस्थितियों को भी अनुकूल बना देता है. अगर इच्छाशक्ति हो तो वाकई रास्ते खुलते जाते हैं, राह आसान होती है और मंजिल मिल ही जाती है. सोनू में यही इच्छाशक्ति कूट-कूट कर भरी है तभी तो लॉकडाउन खुलने के बाद भी सोनू हर किसी की मदद के लिए हर समय मौजूद हैं. आज भी लोग उनसे मदद मांगते हैं तो जवाब ना नहीं होता. सोनू सूद के लिए बस यही कहा जा सकता है
जब हौसला बना लिया ऊंची उड़ान का
फिर देखना फिजूल है कद आसमान का
Source: IOCL























