'पैसा आ रहा था, इसलिए भूख मर चुकी थी...', आर माधवन ने 40 की उम्र में क्यों दांव पर लगा दिया था अपना करियर?
आर माधवन ने हाल ही में अपने करियर के मुश्किल दौर को याद किया. एक्टर ने बताया कि एक समय ऐसा भी आया था, जब उनका एक्टिंग के प्रति जुनून पूरी तरह खत्म हो गया था.
'रहना है तेरे दिल में', 'रंग दे बसंती' और '3 इडियट्स' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में देने वाले पॉपुलर एक्टर आर माधवन अक्सर किसी न किसी कारण चर्चा में रहते हैं. अब माधवन अपने लेटेस्ट इंटरव्यू को लेकर सुर्खियां बटोर रहे हैं. दरअसल, माधवन ने हाल ही में अपनी जिंदगी के मुश्किल दौर का खुलासा किया है.
आर माधवन ने क्या कहा?
फिल्म कंपैनियन को दिए इंटरव्यू में माधवन ने बताया कि जब वो 40 साल के आसपास के थे, तब सिनेमा को लेकर उनका उत्साह पूरी तरह खत्म हो चुका था. वो बिना किसी दिलचस्पी के बस मशीनी तौर पर काम किए जा रहे थे और इस बात का अहसास सबसे पहले उनकी पत्नी सरिता ने उन्हें कराया था.

जब खत्म हो गया था एक्टिंग का जूनून
इंटरव्यू में उस दौर को याद करते हुए माधवन ने कहा कि उस वक्त वो जो भी फिल्में कर रहे थे, उन्हें ठीक-ठाक सफलता मिल रही थी. न तो कोई बड़ी तारीफ हो रही थी और न ही करियर में कोई उछाल आ रहा था. माधवन ने कहा, 'मेरे जीवन में एक ऐसा फेज आया जब मैं सुबह उठकर सेट पर भागने या किसी कहानी के बारे में सोचने का रोमांच खो चुका था. मुझे खुद भी अंदाजा नहीं था कि मेरे अंदर का वो जूनून खत्म हो रहा है, लेकिन मेरी पत्नी सरिता ने इस बात को पकड़ा और मुझे टोक दिया.'
पैसा आ रहा था, इसलिए भूख मर चुकी थी...
माधवन के लिए ये बात एक बड़े झटके जैसी थी. उन्होंने सोचा कि जिस उम्र में एक्टर्स अपने करियर के सबसे बेहतरीन दौर में होते हैं, वहां वो सब कुछ 'क्रूज़ कंट्रोल' (आराम से चलने वाले मोड) पर छोड़कर बैठ गए हैं. उन्होंने कहा, 'मेरे अंदर एक अलग ही तरह का ओवर-कॉन्फिडेंस आ गया था. मैं एक ऐसे कम्फर्ट ज़ोन में चला गया था जो असल में मुझे अंदर ही अंदर खत्म कर रहा था. इस आराम की वजह पैसा था.'

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एक्टिंग की भूख भी मर चुकी थी...
माधवन ने आगे कहा, 'उस वक्त तक मुझे घर चलाने या बिल भरने के लिए फिल्मों पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं थी. ब्रांड एंडोर्समेंट्स और पब्लिक इवेंट्स से इतनी कमाई हो रही थी कि फिल्में चलें या न चलें, मेरा लाइफस्टाइल शानदार चल रहा था. पैसे ने मेरे अंदर से असफलता का डर खत्म कर दिया था और बिना डर के एक्टिंग की भूख भी मर चुकी थी.'
करियर में खुद लगाया ब्रेक और 4 साल झेला नुकसान
इस कम्फर्ट जोन को तोड़ने के लिए माधवन ने वो कदम उठाया जो कोई भी बड़ा स्टार उठाने की हिम्मत नहीं करता. उन्होंने खुद को एक अनजाने खतरे में धकेल दिया. माधवन ने कहा, 'मैंने सबसे पहले विज्ञापनों और इवेंट्स से आने वाले पैसे के रास्ते बंद किए. मैंने खुद से कहा कि अभी मैं कुछ नहीं कर रहा हूं. मैं देखना चाहता था कि क्या मेरे अंदर की वो भूख और असुरक्षा की भावना वापस आती है या नहीं. मेरे लिए दोबारा नर्वस होना जरूरी था. मुझे उस डर की जरूरत थी कि 'हे भगवान, अगर मैंने मेहनत नहीं की तो मैं सब कुछ खो दूंगा.'
आर माधवन को मिला रियलिटी चेक
माधवन ने इसे एक सोचा-समझा जोखिम बताया. इसके बाद साल 2011 से 2015 तक यानी पूरे चार साल तक उन्होंने स्क्रीन से दूरी बना ली. ये 4 साल का लंबा गैप उनके जीवन का सबसे बड़ा रियलिटी चेक था, जिसने उन्हें जमीन पर लाकर खड़ा किया और एक कलाकार के रूप में दोबारा जिंदा किया.

आर माधवन की अपकमिंग फिल्में
वर्क फ्रंट की बात करें तो माधवन पिछली बार रणवीर सिंह की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'धुरंधर: द रिवेंज' में नजर आए थे. उनकी अपकमिंग फिल्मों में 'जीडीएन', 'अधिरष्टसालि' और 'सर्कल' शामिल हैं, जिनका फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं.
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