एक्सप्लोरर

OMR शीट का खेल, सही जवाब भी हो सकता है गलत; एग्जाम देने से पहले जान लें जरूरी बातें

आजकल बहुत सी परीक्षा OMR बेस्ड होती हैं. OMR मशीन आपकी लिखावट नहीं, केवल गहरे भरे गए गोलों को रोशनी और सेंसर से पहचान कर पढ़ती है.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • OMR शीट प्रतियोगी परीक्षाओं में अंक निर्धारण का मुख्य आधार है.
  • मशीन रोशनी के अंतर से भरे हुए गोलों को पहचानती है.
  • हल्के या गलत भरे गोले, मशीन द्वारा गलत माने जाते हैं.
  • OMR शीट को सीधा, साफ रखें और निर्देशों का पालन करें.

हर साल लाखों छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठते हैं. कोई सरकारी नौकरी के सपने के साथ, कोई अच्छे कॉलेज में दाखिले की उम्मीद में, तो कोई स्कॉलरशिप पाने के लिए. परीक्षा हॉल में सबका ध्यान सवालों पर होता है, लेकिन असली फैसला जिस चीज पर होता है, उसकी तरफ बहुत कम लोग ध्यान देते हैं वो है OMR शीट. यही वह कागज है, जिस पर किया गया आपका छोटा सा निशान भी आपके नंबर तय करता है. कई बार सही जवाब देने के बाद भी छात्र सिर्फ इसलिए नंबर गंवा देते हैं, क्योंकि उन्होंने OMR पर गोला सही तरीके से नहीं भरा.

OMR (Optical Mark Recognition) शीट एक खास तरह का आंसर शीट होता है, जिसमें छात्र पेन या पेंसिल से गोलों को भरकर अपने उत्तर दर्ज करते हैं. बाद में इन्हीं शीटों को मशीन से जांचा जाता है. मशीन आपकी लिखावट नहीं पढ़ती, वह सिर्फ यह देखती है कि किस गोले में गहरा निशान है और किसमें नहीं. यानी आपने जवाब सही चुना, लेकिन गोला हल्का भरा, तो मशीन उसे खाली मान लेती है.

OMR मशीन कैसे पढ़ती है आपकी शीट?

रिपोर्ट्स के अनुसार जब आपकी OMR शीट मशीन में जाती है, तो सबसे पहले उस पर तेज रोशनी डाली जाती है. जहां गोला भरा होता है, वहां पेंसिल या स्याही की वजह से रोशनी कम लौटती है, जबकि खाली जगह से रोशनी ज्यादा वापस आती है. मशीन इसी फर्क को पकड़ती है. इसमें कई छोटे-छोटे सेंसर लगे होते हैं, जो एक साथ कई कॉलम पढ़ते हैं.

ये सेंसर तय जगह पर बने गोलों को ही पहचानते हैं. अगर निशान गोले से बाहर चला गया या हल्का रह गया, तो मशीन उसे पहचान नहीं पाती. इसके बाद सॉफ्टवेयर यह तय करता है कि कौन-सा गोला भरा है और उसे आंसर-की से मिलाकर रिजल्ट तैयार करता है. अगर एक सवाल में दो गोले भरे हों, तो सॉफ्टवेयर उसे गलती मानकर गलत कर देता है.

यह भी पढ़ें - Success Story: अत्याचार से अफसर तक, एक महिला की हिम्मत ने बदली किस्मत; जानें सविता की कहानी

छोटी गलती कैसे बन जाती है बड़ा नुकसान?

प्रतियोगी परीक्षाओं में कट-ऑफ अक्सर एक या दो नंबर से तय होती है. ऐसे में OMR पर की गई छोटी-सी गलती भी भारी पड़ सकती है. गोला हल्का भरना, जल्दी में टेढ़ा निशान लग जाना, दो विकल्प भर देना, गलत पेन का उपयोग, या शीट को मोड़ देना ये सब कारण आपके सही जवाब को भी गलत बना सकते हैं. मशीन यह नहीं देखती कि आपने मेहनत कितनी की, वह सिर्फ निशान की गहराई देखती है.

OMR शीट में पोजीशन का क्या महत्व है?

OMR शीट के कोनों और किनारों पर छोटे काले निशान बने होते हैं. इन्हीं से मशीन को पता चलता है कि शीट सीधी है या नहीं. अगर शीट मुड़ गई, टेढ़ी हो गई, या उन निशानों पर दाग लग गया, तो मशीन पूरी शीट को गलत तरीके से पढ़ सकती है. इसलिए OMR शीट को साफ और सीधा रखना बहुत जरूरी है.

OMR शीट भरते समय किन बातों का ध्यान रखें?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हर सवाल हल करने के तुरंत बाद OMR पर गोला भरें. गोले को पूरी तरह और गहरा भरें. केवल वही पेन या पेंसिल इस्तेमाल करें, जो निर्देश में दी गई हो. एक सवाल में एक ही गोला भरें. शीट को मोड़ें नहीं, गीला न होने दें. गोले के बाहर निशान न लगाएं. रोल नंबर और बुकलेट कोड बहुत ध्यान से भरें, क्योंकि यहां की गलती भी रिजल्ट रोक सकती है.

यह भी पढ़ें -  लू के थपेड़ों के बीच राहत की खबर, अब इस स्टेट में 20 अप्रैल से होंगी स्कूलों की छुट्टियां; सीएम ने किया ऐलान

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI

रजनी उपाध्याय बीते करीब छह वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाली रजनी ने आगरा विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. बचपन से ही पढ़ने-लिखने में गहरी रुचि थी और यही रुचि उन्हें मीडिया की दुनिया तक ले आई.

अपने छह साल के पत्रकारिता सफर में रजनी ने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया. उन्होंने न्यूज, एंटरटेनमेंट और एजुकेशन जैसे प्रमुख वर्टिकल्स में अपनी पहचान बनाई. हर विषय में गहराई से उतरना और तथ्यों के साथ-साथ भावनाओं को भी समझना, उनकी पत्रकारिता की खासियत रही है. उनके लिए पत्रकारिता सिर्फ खबरें लिखना नहीं, बल्कि समाज की धड़कन को शब्दों में ढालने की एक कला है.

रजनी का मानना है कि एक अच्छी स्टोरी सिर्फ हेडलाइन नहीं बनाती, बल्कि पाठकों के दिलों को छूती है. वर्तमान में वे एबीपी लाइव में कार्यरत हैं, जहां वे एजुकेशन और एग्रीकल्चर जैसे अहम सेक्टर्स को कवर कर रही हैं.

दोनों ही क्षेत्र समाज की बुनियादी जरूरतों से जुड़े हैं और रजनी इन्हें बेहद संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ संभालती हैं. खाली समय में रजनी को संगीत सुनना और किताबें पढ़ना पसंद है. ये न केवल उन्हें मानसिक सुकून देते हैं, बल्कि उनकी रचनात्मकता को भी ऊर्जा प्रदान करते हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

NIOS ने जारी की 10-12वीं की डेटशीट, अक्टूबर से दिसंबर तक होंगे एग्जाम
NIOS ने जारी की 10-12वीं की डेटशीट, अक्टूबर से दिसंबर तक होंगे एग्जाम
दिल्ली में कल स्कूल खुलेंगे या नहीं? CJP प्रोटेस्ट के बीच जानें जवाब
दिल्ली में कल स्कूल खुलेंगे या नहीं? CJP प्रोटेस्ट के बीच जानें जवाब
CBSE स्पेशल परीक्षा की डेटशीट जारी, 12 अक्टूबर से मिलेंगे एडमिट कार्ड
CBSE स्पेशल परीक्षा की डेटशीट जारी, 12 अक्टूबर से मिलेंगे एडमिट कार्ड
ध्रुव राठी के पास कौन-कौन सी डिग्री? CJP प्रदर्शन के बीच भारत पहुंचे यूट्यूबर
ध्रुव राठी के पास कौन-कौन सी डिग्री? CJP प्रदर्शन के बीच भारत पहुंचे यूट्यूबर

वीडियोज

वो दरिंदों के जाल में फंस गई थी !
बिना मंजूरी प्रदर्शन से ज्ञानेश का इस्तीफा हो जाएगा?
Delhi में मेट्रो-रेल बंद करने पर SC ने लगाई फटकार
10 अक्टूबर को लेकर दिल्ली में कैसा 'डर' ?
विपक्ष ने राष्ट्रपति मुर्मू को सौंपा ज्ञापन

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'नतीजे एक बार फिर दिखाते हैं कि...', उप चुनावों में बीजेपी की जीत पर क्या बोले पीएम मोदी
'नतीजे एक बार फिर दिखाते हैं कि...', उप चुनावों में बीजेपी की जीत पर क्या बोले पीएम मोदी
मध्य प्रदेश HC ने रद्द किया 27% OBC आरक्षण, कोटा फिर 14 फीसदी हुआ
मध्य प्रदेश HC ने रद्द किया 27% OBC आरक्षण, कोटा फिर 14 फीसदी हुआ
CJP को प्रोटेस्ट के लिए जंतर-मंतर पर नहीं मिली परमिशन, क्या है दिल्ली पुलिस की दलील
CJP को प्रोटेस्ट के लिए जंतर-मंतर पर नहीं मिली परमिशन, क्या है दिल्ली पुलिस की दलील
11 छक्के 6 चौके, एबी डिविलियर्स ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 277 के स्ट्राइक रेट से ठोका शतक
11 छक्के 6 चौके, एबी डिविलियर्स ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 277 के स्ट्राइक रेट से ठोका शतक
'दृश्यम 3' 250 करोड़ के पार, 'सिंघम अगेन' का रिकॉर्ड तोड़ बनी अजय देवगन की दूसरी हाईएस्ट ग्रॉसिंग फिल्म
'दृश्यम 3' 250 करोड़ के पार, 'सिंघम अगेन' का रिकॉर्ड तोड़ बनी अजय देवगन की दूसरी हाईएस्ट ग्रॉसिंग फिल्म
'...तो शायद मैं ये पुरस्कार शेयर कर लूं', नोबेल शांति पुरस्कार विजेता ने लिए ट्रंप के मजे
'...तो शायद मैं ये पुरस्कार शेयर कर लूं', नोबेल शांति पुरस्कार विजेता ने लिए ट्रंप के मजे
नंदीग्राम जीत के बाद BJP ने 75816 वोट मार्जिन से फतह किया रेजीनगर उप-चुनाव
नंदीग्राम जीत के बाद BJP ने 75816 वोट मार्जिन से फतह किया रेजीनगर उप-चुनाव
तमिलनाडु उपचुनाव में TVK की जीत से भड़के स्टालिन, CM विजय पर निकाली भड़ास
तमिलनाडु उपचुनाव में TVK की जीत से भड़के स्टालिन, CM विजय पर निकाली भड़ास
Embed widget