'Budget' शब्द फ्रांसीसी भाषा के 'बॉजेट' शब्द से आया है, जिसका मतलब लेदर का एक छोटा सा थैला या ब्रीफकेस होता है, जिसका इस्तेमाल पहले आमतौर फाइनेंशियल डॉक्यूमेंट्स रखने के लिए किया जाता है. यही वजह है कि पहले बजट पेश करने के लिए लेदर का बैग लेकर ही आया जाता था.
Diwali 2024
FAQ
'बजट' शब्द कहां से आया?
1 फरवरी को ही क्यों हर बार बजट पेश किया जाता है?
केंद्रीय बजट हर साल 1 फरवरी को पेश किया जाता है ताकि 1 अप्रैल से शुरू होने वाले नए वित्त वर्ष से पहले अगर प्रस्तावित कानून या बदलाव को लागू करने के लिए पर्याप्त समय मिले. इसकी एक और वजह पूरे सालभर के लिए वित्तीय योजना, आर्थिक रणनीतियों को बनाने और उन्हें पूरा करने के लिए सरकार को भी पर्याप्त समय देना है.
सबसे ज्यादा बार किस वित्त मंत्री ने पेश किया बजट?
सबसे ज्यादा बार बजटपेश करने का रिकॉर्ड मोरारजी देसाई के नाम पर है. वह 10 बार केंद्रीय बजट पेश कर चुके हैं. यह भारत के किसी भी वित्त मंत्री के लिए सबसे अधिक है.
सबसे लंबा बजट भाषण किसने दिया?
यह रिकॉर्ड अरुण जेटली के नाम है. साल 2014 में उन्होंने 2.5 घंटे का बजट भाषण देकर यह यह रिकॉर्ड बनाया.
पहले शाम के 5 बजे क्यों पेश किया जाता था बजट?
1999 से पहले आम बजट शाम के 5 बजे पेश किया जाता था. यह अंग्रेजो के जमाने से चली आ रही एक परंपरा थी, जिसके पीछे वजह बजट से जुड़ी सारी जानकारी लंदन के कामकाजी समय में समय पर पहुंचाई जा सके. भारत में जब शाम के 5 बज रहे होते थे, उस समय ब्रिटेन में दोपहर के करीब 12.30 बजे का समय होता था. 1999 अटल विहारी बाजपेयी की सरकार में वित्त मंत्री जसवंत सिंह ने इसे बदलकर सुबह 11 बजे कर दिया ताकि सांसदों, एक्सपर्ट्स और देश की आम जनता को बजट के बारे में पूरी तरह से सोचने-समझने में पूरे दिन का वक्त मिल सके.








