Hybrid Home Loan: EMI बढ़ने की टेंशन होगी कम, जानिए क्या है हाईब्रिड होम लोन
Hybrid Home Loan: घर खरीदने के लिए होम लोन लेना आम बात है, लेकिन ब्याज दरों में बदलाव होने से आपकी EMI बढ़ सकती है. ऐसे में हाइब्रिड होम लोन एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है. जानिए.

- बढ़ती दरों से बचाता, घटती पर तुरंत फायदा नहीं।
Hybrid Home Loan: घर खरीदने के लिए होम लोन लेना आज के समय में आम बात है. लेकिन लोन लेने के बाद कई साल तक EMI चुकानी पड़ती है. इस दौरान ब्याज दर ज्यादा होने पर EMI भी ज्यादा हो सकती है. ऐसे में Hybrid Home Loan एक ऑप्शन है, जिसमें फिक्स्ड और फ्लोटिंग ब्याज दर दोनों का फायदा मिलता है.
Hybrid Home Loan में शुरुआत की एक फिक्स समय तक ब्याज दर फिक्स रहती है. यानी इस दौरान बाजार में ब्याज दर ज्यादा होने या घटने का आपकी EMI पर असर नहीं पड़ता. इसके बाद लोन फ्लोटिंग ब्याज दर पर चला जाता है. तो ये कुछ समय के लिए फिक्स्ड रेट और उसके बाद फ्लोटिंग रेट पर काम करता है.
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Kotak Mahindra Bank ने लॉन्च किया
Kotak Mahindra Bank ने Hybrid Home Loan लॉन्च किया है. इसमें कस्टमर शुरुआत में 39, 52 या 65 महीने के लिए ब्याज दर को फिक्स कर सकते हैं. फिक्स समय पूरी होने के बाद लोन अपने आप फ्लोटिंग रेट में बदल जाता है.
मान लीजिए किसी व्यक्ति ने 20 साल के लिए 1 करोड़ रुपये का होम लोन 7.6% ब्याज दर पर लिया. इस पर EMI करीब 81,030 रुपये हो सकती है. अगर ब्याज दर ज्यादा हो कर 8.6% हो जाती है, तो EMI करीब 87,500 रुपये और 9.6% पर करीब 94,000 रुपये तक पहुंच सकती है.
Hybrid Home Loan में फिक्स्ड समय के दौरान ब्याज दर ज्यादा होने पर EMI में बदलाव नहीं होगा. बैंक के मिसाल के अनुसार, ब्याज दर ज्यादा होने की हालात में 1 करोड़ रुपये के लोन पर कस्टमर 3.46 लाख रुपये तक की बचत कर सकता है.
क्या हैं फायदे?
इस लोन का सबसे बड़ा फायदा ये है कि शुरुआती कुछ सालों तक EMI फिक्स रहती है. इससे हर महीने का बजट बनाना आसान होता है. साथ ही ब्याज दर ज्यादा होने पर भी फिक्स्ड समय के दौरान EMI पर सीधा असर नहीं पड़ता.
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नुकसान भी समझें
अगर फिक्स्ड समय के दौरान ब्याज दर कम हो जाती है, तो कस्टमर को तुरंत कम ब्याज दर का फायदा नहीं मिलेगा. इसलिए लोन लेने से पहले फिक्स्ड समय, उसके बाद की ब्याज दर और दूसरी शर्तों को अच्छी तरह समझना जरूरी है.





















