आनंद महिंद्रा ने BHIM UPI अपनाया, किस शख्स से मुलाकात के बाद बदला मन?
आनंद महिंद्रा ने NPCI प्रमुख दिलीप अस्बे से मुलाकात कर लेने के बाद BHIM UPI अपनाया है. भारत के डिजिटल पेमेंट नेटवर्क और स्वदेशी तकनीक से प्रभावित होकर उन्होंने यह फैसला लिया. UPI की ताकत भी बताई.

महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने डिजिटल पेमेंट को लेकर एक ऐसा फैसला लिया है, जिसने स्वदेशी तकनीक और भारत के पेमेंट सिस्टम की चर्चा फिर बढ़ा दी है. उन्होंने अब BHIM UPI ऐप का इस्तेमाल शुरू करने की बात कही है.
इस बदलाव के पीछे किसी तकनीकी परेशानी या दूसरे ऐप से असंतुष्टि की बात नहीं, बल्कि भारत के डिजिटल पेमेंट नेटवर्क को करीब से समझने का अनुभव सामने आया है. महिंद्रा ने यह जानकारी सोशल मीडिया पर साझा की.
UPI नेटवर्क को रेलवे ट्रैक से की तुलना
महिंद्रा ने भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम को समझाने के लिए रेलवे का उदाहरण दिया. उनके मुताबिक, फोन पे, गूगल पे, पेटिएम और BHIM जैसे ऐप उन ट्रेनों की तरह हैं, जो एक ही रेलवे नेटवर्क पर चलती हैं. इस उदाहरण में NPCI उस नेटवर्क के ट्रैक की तरह है, जिस पर डिजिटल लेनदेन की व्यवस्था टिकी हुई है.
BHIM का पूरा नाम भारत इंटरफेस फॉर मनी है. इसे NPCI ने विकसित किया था और दिसंबर 2016 में लॉन्च किया गया था. यह ऐप यूजर्स को UPI के माध्यम से सीधे बैंक खातों के बीच पैसे भेजने और प्राप्त करने की सुविधा देता है.
एक सवाल से शुरू हुई BHIM ऐप की कहानी
आनंद महिंद्रा ने बताया कि बातचीत के दौरान उनसे पूछा गया था कि वह डिजिटल भुगतान के लिए किस ऐप का इस्तेमाल करते हैं. जब उन्होंने अपने ऐप का नाम बताया, तो सामने वाले व्यक्ति ने उनसे सवाल किया कि वह भारत के अपने BHIM ऐप को क्यों नहीं आजमाते. महिंद्रा ने स्वीकार किया कि उन्हें इस ऐप के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी. इसके बाद उनकी मुलाकात नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के प्रबंध निदेशक और सीईओ दिलीप अस्बे से हुई, जिनसे बातचीत के बाद उन्होंने BHIM अपनाने का फैसला किया.
दिलीप अस्बे की किस बात से प्रभावित हुए महिंद्रा?
NPCI प्रमुख से मुलाकात के दौरान उन्हें उनकी तकनीकी समझ के साथ-साथ सादगी ने भी प्रभावित किया. उन्होंने अस्बे को ऐसा व्यक्ति बताया, जो व्यक्तिगत पहचान और प्रशंसा से ज्यादा अपनी टीम के काम को महत्व देता है. महिंद्रा ने इस बात पर जोर दिया कि बड़ी उपलब्धियां हासिल करने के बावजूद विनम्र बने रहना भी नेतृत्व की एक अहम खूबी है.
इस मुलाकात के बाद BHIM ऐप पर शिफ्ट होने का उनका फैसला केवल एक पेमेंट ऐप बदलने तक सीमित नहीं है. यह भारत में विकसित डिजिटल भुगतान व्यवस्था के प्रति उनके भरोसे को भी दर्शाता है.
सितंबर में हुए 2,400 करोड़ से ज्यादा UPI ट्रांजैक्शन
आनंद महिंद्रा ने भारत के डिजिटल भुगतान नेटवर्क के बढ़ते पैमाने का जिक्र करते हुए बताया कि सितंबर 2026 में UPI के जरिए 2,400 करोड़ से ज्यादा ट्रांजैक्शन हुए. यानी प्रतिदिन औसतन 80 करोड़ से अधिक लेनदेन दर्ज किए गए. उन्होंने इसे भारत की डिजिटल भुगतान व्यवस्था की बड़ी उपलब्धि बताया और कहा कि देश अब रियल-टाइम पेमेंट के मामले में दुनिया का सबसे बड़ा बाजार बन चुका है.
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