US Treasury Bonds: अमेरिका ने लिया है भारत से इतने अरब डॉलर का कर्ज, टैरिफ लगाने से पहले सोच लें ट्रंप!
US Treasury Bonds: भारत ने करीब 234 अरब डॉलर के अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड खरीदे हैं. ऐसा कर के वह अमेरिका के टॉप विदेशी कर्जदाताओं में शामिल हो गया है.

US Treasury Bonds: अब तक आपने सुना होगा कि दुनिया का सुपर पावर कहा जाने वाला अमेरिका दूसरे देशों को कर्ज देता है. लेकिन, ऐसा नहीं है. डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिका पर भी दूसरे देशों का अरबों डॉलर का कर्ज बकाया है. सबसे बड़ी बात कि अमेरिका को कर्ज देने वाले देशों में चीन-जापान के अलावा भारत भी शामिल है. अमेरिका ने भारत से कई सौ अरब डॉलर का कर्ज लिया है.
भारत का अमेरिका पर कितना कर्ज
डीडब्लू की रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने करीब 234 अरब डॉलर के अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड खरीदे हैं. ऐसा कर के वह अमेरिका के टॉप विदेशी कर्जदाताओं में शामिल हो गया है. आपको बता दें, अमेरिका के विदेशी कर्जदाताओं में सबसे ऊपर जापान है. उसने 1100 अरब डॉलर के अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड खरीदे हैं.
वहीं दूसरे नंबर पर चीन है. चीन ने 768.6 अरब डॉलर के अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड खरीदे हैं. जबकि, तीसरे नंबर पर ब्रिटेन है. ब्रिटेन ने 765 अरब डॉलर के अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड खरीदे हैं. दरअसल, अमेरिकी ट्रेजरी हर महीने विदेशी स्वामित्व डेटा प्रकाशित करता है.
इन देशों का भी है अमेरिका पर कर्ज
जापान, चीन, ब्रिटेन और भारत के अलावा लक्जमबर्ग का भी अमेरिका पर कर्ज है. लक्जमबर्ग ने 424.5 अरब डॉलर के अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड खरीदे हैं. इसके अलावा, फ्रांस, कनाडा, बेल्जियम, आयरलैंड, केमैन आइलैंड्स, स्विट्जरलैंड, ताइवान, सिंगापुर और हांगकांग ने भी अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड खरीदे हैं.
ट्रेजरी बॉन्ड क्या होता है?
दरअसल, अमेरिकी सरकार अपने खर्चों को पूरा करने के लिए ट्रेजरी बॉन्ड जारी करती है. इसी बॉन्ड को खरीदकर कर्जदाता अमेरिकी सरकार को कर्ज देते हैं. इन बॉन्ड के बदले अमेरिकी सरकार जितना पैसा लेती है, वह तय समय के बाद ब्याज सहित इन पैसों को लौटा देती है. इससे निवेशकों को सुरक्षित रिटर्न मिल जाता है. इन बॉन्ड्स में दुनिया के कई बड़े बैंक और संस्थान निवेश करते हैं. ऐसा नहीं है कि इस तरह के ट्रेजरी बॉन्ड्स सिर्फ अमेरिकी सरकार ही जारी करती है. दुनियाभर के देश इस तरह के ट्रेजरी बॉन्ड जारी करते हैं, जिसमें निवेश कर बड़े बैंक्स और संस्थान अच्छा लेते हैं.
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Source: IOCL

























