कार आपकी, नजर कंपनियों की, कैसे Track हो रही है हर Drive?
Connected cars location, speed, braking और driving patterns जैसी जानकारी collect कर सकती हैं. जानिए आपका car data insurers और automakers के लिए क्यों बन रहा है अहम

आज की connected cars सिर्फ आपको एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने का काम नहीं करतीं, बल्कि आपकी ड्राइविंग से जुड़ा काफी डेटा भी तैयार करती हैं. कार कहां गई, कितनी दूरी चली, किस रफ्तार से चली, कितनी बार तेज ब्रेक लगाया गया, कब तेजी से acceleration हुआ और वाहन की हालत कैसी है, जैसी जानकारी connected systems के जरिए रिकॉर्ड हो सकती है.
EVs में charging pattern और battery usage जैसी जानकारी भी इसमें शामिल हो सकती है. महीनों तक जमा हुआ यह डेटा किसी व्यक्ति की driving habits और उसकी यात्रा का काफी विस्तृत पैटर्न तैयार कर सकता है. यही वजह है कि अब automakers के साथ insurers, financiers, fleet operators और used-car platforms की भी इस डेटा में दिलचस्पी बढ़ रही है.
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आपकी कार कैसे बन रही है Data Machine?
Connected cars में factory-fitted SIM और telematics systems के जरिए वाहन लगातार अलग-अलग तरह का data generate कर सकता है. भारत में भी इसका इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है. Economic Times के मुताबिक, 2025 में भारत में बिकने वाली करीब 45% नई passenger cars में embedded cellular connectivity थी, जो 2024 में 37% थी. यह आंकड़ा 2030 तक करीब 85% तक पहुंचने का अनुमान है. Hyundai Bluelink, Kia के connected services, Maruti Suzuki Connect और Tata Motors iRA जैसे platforms location, vehicle status, driving information और diagnostics जैसी सुविधाएं देते हैं. यानी कार showroom से बाहर निकलने के बाद भी उससे जुड़ा data लगातार बनता रहता है.
Insurance कंपनी को क्यों चाहिए आपका Driving Data?
आप कैसे गाड़ी चलाते हैं, यह जानकारी insurance कंपनियों के लिए काफी उपयोगी हो सकती है. कितने किलोमीटर चलते हैं, किस समय drive करते हैं, किस इलाके में वाहन चलता है, harsh braking कितनी होती है और acceleration pattern कैसा है, जैसी जानकारी risk को समझने में मदद कर सकती है. भारत में pay-as-you-drive और pay-how-you-drive जैसे insurance products की अनुमति भी है. Connected vehicles भविष्य में इन products को ज्यादा accurate बना सकते हैं. Accident की स्थिति में speed, braking और crash severity जैसी जानकारी accident reconstruction और fraud control में भी मदद कर सकती है.
सिर्फ Insurance नहीं, कंपनियों के लिए भी है Data की कीमत
Vehicle data का इस्तेमाल केवल insurance तक सीमित नहीं है. Automakers इसका इस्तेमाल diagnostics, maintenance और future vehicle development को बेहतर करने में कर सकते हैं. Financiers वाहन के इस्तेमाल और residual value को समझने के लिए data का इस्तेमाल कर सकते हैं, जबकि used-car market में verified service history, mileage, accident record और EV battery health खरीदारों के लिए उपयोगी हो सकते हैं. Fleet operators तो पहले से ही ऐसे data का इस्तेमाल route optimisation, fuel या energy efficiency, vehicle utilisation और maintenance planning के लिए कर रहे हैं.
सबसे बड़ा सवाल: आपका Data कितना Private है?
Connected car के बढ़ते इस्तेमाल के साथ privacy का सवाल भी उतना ही बड़ा हो रहा है. Location history, driving patterns और voice commands जैसी जानकारी, जब किसी व्यक्ति से जुड़ती है, तो personal data का हिस्सा बन सकती है. इसलिए यह समझना जरूरी है कि कार कौन-सा data collect कर रही है, उसे क्यों collect किया जा रहा है, कितने समय तक रखा जाएगा और किन कंपनियों या service providers के साथ share किया जा सकता है. उदाहरण के लिए, Hyundai की privacy policy में trip distance, vehicle location, speed, mileage, braking और acceleration जैसी जानकारी collect किए जाने की बात कही गई है. Suzuki Connect की सामग्री में telematics data के company servers पर store होने की जानकारी भी दी गई है.
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