आपकी कार में जरूर होनी चाहिए ये चीजें, रोज ड्राइव करने वाले जान लें
रोज ड्राइव करने वालों को कार में फर्स्ट एड किट, जंप पैक, टॉर्च, वार्निंग ट्रायंगल, टी पी एम एस और डैश कैम जैसी चीजें जरूर रखनी चाहिए, ताकि इमरजेंसी में परेशानी न हो.

रोज ऑफिस जाना हो या बच्चों को स्कूल छोड़ना, कार अब सिर्फ सफर का साधन नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जरूरत बन चुकी है. लेकिन कई बार सड़क पर अचानक आई परेशानी, जैसे बैटरी डाउन होना या टायर पंचर, बड़ी मुसीबत बन जाती है. अगर कार में सही सामान पहले से मौजूद हो, तो ऐसी दिक्कतें आसानी से हैंडल की जा सकती हैं.
इन चीजों को इमरजेंसी सामान रखना है जरूरी
हर कार में एक बेसिक फर्स्ट एड किट जरूर होनी चाहिए, जिसमें बैंडेज, एंटीसेप्टिक वाइप्स, कॉटन और कुछ जरूरी दवाइयां हों. इसके अलावा एक टॉर्च और पावर बैंक भी हमेशा साथ रखें, ताकि रात के वक्त या सुनसान जगह पर गाड़ी खराब होने पर भी परेशानी न हो. एक पुराने कार सेल्समैन के मुताबिक, यह छोटी-छोटी चीजें इमरजेंसी में सबसे पहले काम आती हैं.
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इससे बैटरी डाउन होने की टेंशन से बचें
सर्दियों में या लंबे समय तक गाड़ी न चलाने पर बैटरी बैठ जाना आम परेशानी है. ऐसे में एक पोर्टेबल जंप स्टार्टर या जंप पैक साथ रखना समझदारी है, इससे बिना किसी दूसरी गाड़ी की मदद के भी बैटरी को तुरंत स्टार्ट कर सकते है. यह डिवाइस खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है, जो अकेले लंबी ड्राइव पर निकलते हैं.
रात या सुनसान जगह के लिए यह चीज रखें साथ
अगर गाड़ी रात के वक्त या सुनसान सड़क पर रुक जाए, तो रिफ्लेक्टिव वार्निंग ट्रायंगल और हाई विजिबिलिटी जैकेट बेहद काम आते हैं. यह दूसरी गाड़ियों को दूर से ही आपकी मौजूदगी का अंदाजा दे देते हैं, जिससे पीछे से टक्कर लगने का खतरा कम हो जाता है. साथ ही जरूरी दस्तावेजों जैसे आरसी, इंश्योरेंस और लाइसेंस की डिजिटल कॉपी फोन में जरूर रखें.
यह आरामदायक बनाने वाली चीजें भी न भूलें
रोज लंबा सफर करने वालों के लिए मेमोरी फोम नेक पिलो और लंबर सपोर्ट कमर और गर्दन के दर्द से राहत दिलाते हैं, जिससे थकान कम होती है और ड्राइविंग के दौरान ध्यान बेहतर बना रहता है. इसके अलावा वायरलेस फोन माउंट भी जरूरी है, इससे फोन हाथ में लिए बिना ही नेविगेशन और कॉल्स इस्तेमाल किए जा सकते हैं, जो दुर्घटना का खतरा भी कम करता है.
यह दो चीजें भी बढ़ाती हैं सुरक्षा
टी पी एम एस यानी टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम टायर में हवा की सही मात्रा की जानकारी रीयल टाइम में देता है, जिससे टायर फटने या पंचर जैसे हादसों से बचा जा सकता है. वहीं डैश कैम किसी भी हादसे या विवाद की स्थिति में सबूत के तौर पर बेहद काम आता है, जैसा हाल ही में कई वायरल मामलों में देखने को मिला है.
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