PM मोदी से मिलते ही सुलझ गया बचपन के दोस्त का मैटर, BJP विधायक पीछे हटे
पीएम मोदी से मुलाकात के कुछ दिन बाद ही उनके बचपन के दोस्त असगर अली वोरा को जमीन विवाद में राहत मिल गई है. बीजेपी विधायक ने कब्जा छोड़ने की बात कही है.

ठाणे के भायंदर मीरा रोड के रहने वाले 81 साल के असगर अली वोरा ने अपने स्कूल के दोस्त और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर भायंदर में अपनी जमीन की शिकायत की थी. वोरा ने आरोप लगाया था कि बीजेपी MLA नरेंद्र मेहता की एक कंस्ट्रक्शन कंपनी ने उनकी जमीन पर कब्जा कर लिया है. इस घटना के कुछ ही दिनों के अंदर नरेंद्र मेहता ने मंगलवार को ऐलान किया कि वह विवादित जमीन से कब्जा छोड़ देंगे. उन्होंने यह भी साफ किया कि वह इस प्लॉट के लिए मिली कंस्ट्रक्शन की इजाजत भी वापस कर देंगे.
इसके अलावा मेहता ने कहा कि वह असगर अली वोरा के खिलाफ़ पहले की गई शिकायत भी वापस ले लेंगे. इससे करोड़ों रुपये के इस जमीन विवाद ने अब एक नया मोड़ ले लिया है. प्रधानमंत्री मोदी और वोरा की मुलाकात के कुछ ही दिनों के अंदर मेहता के लिए गए इस फैसले की लोकल लेवल पर चर्चा होने लगी है.
दोनों पक्षों के बीच हुआ समझौता
विधायक ने बताया है कि उन्होंने असगर अली वोरा के खिलाफ दर्ज कराई गई शिकायत वापस ले ली है. दोनों पक्षों के बीच अब समझौता हो गया है.
कब हुई थी पीएम मोदी से मुलाकात
बता दें पीएम मोदी ने अपने दोस्त से मुलाकात 8 सितंबर को की थी. महाराष्ट्र के ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर प्रताप सरनाईक ने दोनों की मुलाकात की फोटो शेयर की थी. उन्होंने फोटो शेयर करते हुए लिखा था, प्रधानमंत्री अपने दोस्त को न्याय जरूर दिलाएंगे.
वोरा के अनुसार, उन्होंने 1989 में भायंदर पूर्व के नवघर इलाके में करीब 2 हजार 810 वर्ग मीटर जमीन एक रजिस्टर्ड एग्रीमेंट के जरिए खरीदी थी. उन्होंने न कभी इस जमीन को बेचा था और न ही किसी को ट्रांसफर किया था. हालांकि उन्होंने आरोप लगाया कि 2011 में स्वयं बिल्डर्स के साथ मिलीभगत करके जाली दस्तावेज तैयार किए गए और बाद में उनकी जानकारी के बिना संपत्ति को दो हिस्सों में बांट दिया गया. स्वयं बिल्डर्स को एक हिस्से का मालिक दिखाया गया है, जबकि सेवन इलेवन कंस्ट्रक्शंस को दूसरे हिस्से का मालिक दिखाया गया है. सेवन इलेवन कंस्ट्रक्शंस का संबंध बीजेपी विधायक नरेंद्र मेहता से है.
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