जितनी अच्छी Driving, उतना कम Insurance , सरकार कर रही बड़ी तैयारी
वाहन चालकों के लिए बड़ी खबर, अच्छी ड्राइविंग करने पर कम देना होगा इंश्योरेंस प्रीमियम. जानिए सरकार के नए यूजेज बेस्ड इंश्योरेंस नियम और पूरी योजना की जानकारी.

हमारे देश में रोड एक्सीडेंट बहुत ही मामूली बन गया है. क्योंकि, इंडिया में रोजाना कई हजार एक्सीडेंट होते हैं. इन सभी परेशानियों को देखते हुए अब सरकार देश में कुछ अहम बदलाव कर सकती है. क्योंकि, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने साफ किया है कि सरकार अब यूजेज बेस्ड इंश्योरेंस योजना पर गंभीरता से विचार कर रही है.
बता दें कि, इस नए नियम के तहत जो वाहन चालक यातायात नियमों का पूरी निष्ठा से पालन करेंगे और सुरक्षित तरीके से गाड़ी चलाएंगे. उन्हें अपनी गाड़ी के बीमा प्रीमियम में भारी छूट दी जाएगी. जिसका मतलब रहेगा कि, अब आपकी ड्राइविंग जितनी अच्छी होगी, आपका गाड़ी का बीमा उतना ही सस्ता हो जाएगा और लोग पैसे बचाने के लिए अच्छी ड्राइविंग कर सकते जिससे सड़क हादसों के आंकड़े भी कम हो सकते हैं.
रैश ड्राइविंग करने वालों की खैर नहीं!
आपको बता दें कि, जहां एक तरफ अनुशासित और सुरक्षित ड्राइवर्स को इस नियम से कम प्रीमियम का फायदा मिलेगा. वहीं दूसरी तरफ लापरवाही से गाड़ी चलाने और बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के लिए पेनल्टी और नियमों को बेहद सख्त बनाया जा रहा है.
सरकार इन सभी प्रावधानों को कानूनी जामा पहनाने के लिए एक नया विधेयक तैयार कर रही है. इसके लागू होने के बाद गलत तरीके से गाड़ी चलाने वालों को न केवल भारी आर्थिक दंड भुगतना होगा बल्कि उनके ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन पंजीकरण पर भी सख्त कार्रवाई की जा सकती है.

यह भी पढ़ें: तेज ही नहीं, Highway पर बहुत Slow Driving भी पड़ेगी भारी
सड़क हादसों के आंकड़े बढ़ा रही परेशानी
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने देश में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों के आंकड़ों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि भारत में हर साल लगभग 5 लाख सड़क दुर्घटनाएं होती हैं. इन दर्दनाक हादसों में हर साल करीब 1.8 लाख लोग अपनी जान गंवा देते हैं.
सबसे डराने वाली बात यह है कि इन हादसों में मरने वालों में लगभग 66 प्रतिशत लोग 18 से 36 वर्ष की आयु के युवा होते हैं. बहुमूल्य युवा जिंदगियों के इस नुकसान को रोकने और यातायात नियमों के प्रति लापरवाही बरतने वालों पर लगाम कसने के लिए ही इस नई बीमा प्रणाली को लाने की रूपरेखा तैयार की जा रही है.

डिजिटल इकोसिस्टम और वनटैग जैसी सुविधाएं
वहीं, देश के मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे UPI, VAHAN पोर्टल और FASTag को आपस में जोड़कर एक इंटेलिजेंट मोबिलिटी इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है. इसी कड़ी में हाल ही में वनटैग सर्विस भी लॉन्च की गई है.
जिससे यूजर्स को बिना अपना फिजिकल टैग बदले बैंक बदलने की पोर्टेबिलिटी सुविधा मिलती है. आने वाले समय में वाहन डेटा, बीमा और बैंकिंग सिस्टम को पूरी तरह से आपस में इंटीग्रेट किया जाएगा. जिससे यूजेज बेस्ड इंश्योरेंस जैसी आधुनिक तकनीकों को लागू करना और भी आसान हो जाएगा.
क्या होगा बदलाव?
जानकारी दें दे कि, इस नई व्यवस्था के शुरू होने से कार और बाइक मालिकों को अपनी ड्राइविंग आदतों के अनुसार प्रीमियम चुकाने का विकल्प मिलेगा. जो लोग तेज रफ्तार, सिग्नल तोड़ने या लापरवाही से बचने की आदत डालेंगे उनका बीमा खर्च अपने आप कम हो जाएगा. यह पहल वाहन चालकों को आर्थिक रूप से लाभ पहुंचाने के साथ-साथ सड़कों को आम जनता और यात्रियों के लिए ज्यादा सुरक्षित बनाने में मदद करेगी.
यह भी पढ़ें: 26 लाख की EV हुई खराब तो ग्राहक को मिला 24 लाख का रिफंड, जानें मामला




















