एक्सप्लोरर

दूसरे स्टेट में चला रहे अपनी गाड़ी तो एनओसी लेना कितना जरूरी, जानें इसके लिए क्या हैं नियम?

लोगों को कई बार RTO के चक्कर लगाने पड़ते हैं, ढेर सारे डॉक्यूमेंट जमा करने होते हैं और हफ्तों इंतजार भी करना पड़ता है. लेकिन अब इस पूरे सिस्टम में बड़ा बदलाव आने की संभावना है.

अगर आप अपनी गाड़ी को एक राज्य से दूसरे राज्य में ले जाने की सोच रहे हैं तो आपने जरूर NOC यानी नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट के बारे में सुना होगा. अभी तक भारत में इंटर स्टेट वाहन ट्रांसफर एक लंबी और थोड़ी मुश्किल प्रक्रिया मानी जाती है. लोगों को कई बार RTO (रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस) के चक्कर लगाने पड़ते हैं, ढेर सारे डॉक्यूमेंट जमा करने होते हैं और हफ्तों इंतजार भी करना पड़ता है. हालांकि, अब इस पूरे सिस्टम में बड़ा बदलाव आने की संभावना है.

NITI Aayog और Ministry of Road Transport and Highways इस प्रक्रिया को आसान बनाने पर काम कर रहे हैं. अगर नया प्रस्ताव लागू होता है तो वाहन ट्रांसफर पहले से कहीं ज्यादा आसान और तेज हो सकता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि अपनी गाड़ी दूसरे स्टेट में चला रहे तो एनओसी लेना कितना जरूरी और इसके लिए क्या नियम हैं. 

क्या है NOC और एनओसी लेना कितना जरूरी है

NOC यानी नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट एक ऐसा डॉक्यूमेंट होता है जो यह साबित करता है कि आपकी गाड़ी पर किसी तरह का बकाया नहीं है. इसमें रोड टैक्स, चालान या कोई कानूनी मामला शामिल हो सकता है. अगर आप अपनी गाड़ी को एक राज्य से दूसरे राज्य में ले जाकर वहां रजिस्टर कराना चाहते हैं, तो पहले आपको पुराने राज्य के RTO से NOC लेना जरूरी होता है. बिना NOC के नया राज्य आपकी गाड़ी को रजिस्टर नहीं करता है. यह सर्टिफिकेट इस बात का प्रमाण होता है कि आपकी गाड़ी पर कोई रोड टैक्स बकाया नहीं है, कोई चालान या कानूनी मामला लंबित नहीं है और वाहन पूरी तरह क्लियर है. जब तक NOC नहीं मिलती, नया राज्य आपकी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन स्वीकार नहीं करता है. 

यह भी पढ़ें - कितने KM बाद करानी चाहिए बाइक की सर्विसिंग? जानें इन पॉपुलर मॉडल्स के लिए सही टाइमिंग

इसके लिए क्या नियम हैं

अगर आप गाड़ी को 12 महीने से ज्यादा समय के लिए दूसरे राज्य में ले जा रहे हैं तो NOC जरूरी है. इसके अलावा जब आप गाड़ी का री-रजिस्ट्रेशन कराना चाहते हैं तब भी NOC जरूरी है. दूसरे राज्य में गाड़ी को बेचने या ट्रांसफर करने के समय भी NOC जरूरी है. NOC लेने के लिए आपको कुछ जरूरी डॉक्यूमेंट्स जमा करने होते हैं. जैसे- रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, वाहन बीमा, पॉल्यूशन सर्टिफिकेट, पहचान प्रमाण, पता प्रमाण, फॉर्म 28. इन सभी डॉक्यूमेंट्स की जांच के बाद ही RTO, NOC जारी करता है. NOC आमतौर पर 6 महीने तक वैध रहती है. इस अवधि के अंदर आपको नए राज्य में गाड़ी का रजिस्ट्रेशन कराना होता है. दूसरे राज्य में स्थायी ट्रांसफर पर आपको नया रोड टैक्स देना पड़ता है. 

अब क्या बदल सकता है?

सरकार इस प्रक्रिया को और आसान बनाने की योजना बना रही है. भारत में ज्यादातर वाहनों का डेटा पहले से ही एक डिजिटल सिस्टम (VAHAN) में मौजूद है अगर नया सिस्टम लागू होता है, तो गाड़ी की पूरी जानकारी ऑनलाइन चेक हो जाएगी, टैक्स और चालान की स्थिति तुरंत पता चल जाएगी, फिजिकल NOC की जरूरत खत्म हो सकती है. इससे वाहन ट्रांसफर पूरी तरह ऑनलाइन और तेज हो जाएगा. 

यह भी पढ़ें - अगर ब्रेक फेल हो जाएं तो कैसे रोकें चलती हुई कार? इन तरीकों के बारे में जानना जरूरी

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Traffic Rules: एक दिन में एक ही गलती का कितनी बार कट सकता है चालान, क्या है ट्रैफिक रूल?
एक दिन में एक ही गलती का कितनी बार कट सकता है चालान, क्या है ट्रैफिक रूल?
क्या E20 पेट्रोल से खराब हो रहीं गाड़ियां? इंजन खराब और कम माइलेज के हर सवाल पर सरकार का जवाब
क्या E20 पेट्रोल से खराब हो रहीं गाड़ियां? इंजन खराब और कम माइलेज के हर सवाल पर सरकार का जवाब
EV खरीदने से पहले जान लीजिये, Hybrid Cars क्यों बन रही हैं लोगों की पहली पसंद?
EV खरीदने से पहले जान लीजिये, Hybrid Cars क्यों बन रही हैं लोगों की पहली पसंद?
भारत में हर महीने क्यों महंगी हो रही हैं कारें? सामने आया बेहद हैरान करने वाला जवाब
भारत में हर महीने क्यों महंगी हो रही हैं कारें? सामने आया बेहद हैरान करने वाला जवाब

वीडियोज

Ram Mandir Loot | Champat Rai | Sandeep Chaudhary: मंदिर के चढ़ावे पर डाके का पूरा सच!
Monsoon Disaster | Cloudburst in Kashmir: बादल फटा, आफत गिरी! कुपवाड़ा से अनंतनाग तक तबाही का मंजर!
Ram Mandir Donation Scam | Janhit: अग्नि परीक्षा से क्यों भाग रहे हैं ट्रस्ट के पदाधिकारी?
Akhilesh | UP Election 2027: PDA या हिंदुत्व? 2027 के महासंग्राम में अखिलेश यादव की नई सियासी बिसात!
Sansani | Crime News | Ketan Murder Case: सिया के 'खूनी दिमाग' का पॉलीग्राफ टेस्ट खोलेगा राज?

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
पाकिस्तान के बाद अब म्यांमार-बांग्लादेश पर डोरे डाल रहा चीन, बनाएगा इकोनॉमिक कॉरिडोर, भारत की क्यों बढ़ी टेंशन?
PAK के बाद अब म्यांमार-बांग्लादेश पर डोरे डाल रहा चीन, बनाएगा इकोनॉमिक कॉरिडोर, भारत की क्यों बढ़ी टेंशन?
पंजाब कांग्रेस में बगावत की आशंका, पूर्व मुख्यमंत्री चन्नी ने बुलाई समर्थकों की बैठक
पंजाब कांग्रेस में बगावत की आशंका, पूर्व मुख्यमंत्री चन्नी ने बुलाई समर्थकों की बैठक
5 दिग्गज खिलाड़ी जिन्हें T20I करियर में कभी नहीं मिला प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड, दो विश्व कप जीतने वाला खिलाड़ी भी शामिल
5 दिग्गज खिलाड़ी जिन्हें T20I करियर में कभी नहीं मिला प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड, दो विश्व कप जीतने वाला खिलाड़ी भी शामिल
एथेनॉल मिले पेट्रोल से कम हो जाएगा आपकी गाड़ी का माइलेज? सरकार ने कर दिया बड़ा खुलासा
एथेनॉल मिले पेट्रोल से कम हो जाएगा आपकी गाड़ी का माइलेज? सरकार ने कर दिया बड़ा खुलासा
Pritam and Pedro Review: राज कुमार हिरानी की ये मुन्ना भाई हैकर कमाल है, हर हाल में देखिए
प्रीतम एंड पेड्रो रिव्यू: राज कुमार हिरानी की ये मुन्ना भाई हैकर कमाल है, हर हाल में देखिए
खोजते रह जाएंगे चीन-पाकिस्तान... बीच समंदर में गायब हो जाएंगे भारत के वॉरशिप, जापान से हो गई 'निंजा' डील
खोजते रह जाएंगे चीन-पाकिस्तान... बीच समंदर में गायब हो जाएंगे भारत के वॉरशिप, जापान से हो गई 'निंजा' डील
Monsoon Vegetable Buying Tips : बारिश में सबसे पहले सड़ती हैं ये 7 सब्जियां, खरीदते वक्त रहें सावधान
बारिश में सबसे पहले सड़ती हैं ये 7 सब्जियां, खरीदते वक्त रहें सावधान
EV खरीदने से पहले जान लीजिये, Hybrid Cars क्यों बन रही हैं लोगों की पहली पसंद?
EV खरीदने से पहले जान लीजिये, Hybrid Cars क्यों बन रही हैं लोगों की पहली पसंद?
Embed widget