पैसे बचाने के चक्कर में न लें सिर्फ थर्ड पार्टी इंश्योरेंस, पड़ सकता है भारी
Disadvantages of Third Party Insurance: सिर्फ पैसे बचाने के लिए थर्ड पार्टी इंश्योरेंस लेना पड़ सकता है भारी. जानिए क्यों केवल थर्ड पार्टी बीमा आपकी कार या बाइक के नुकसान की भरपाई नहीं करता है.

Disadvantages of Third Party Insurance: भारत में अगर नई गाड़ी खरीद रहे हैं तो उसके साथ इंश्योरेंस लेने भी बेहद जरूरी है. लेकिन कंपनी द्वारा दिए गए इंश्योरेंस समाप्त होते ही लोग सस्ता कार बीमा करा लेते हैं.
अपने देश में कई कार या बाइक मालिक प्रीमियम इंश्योरेंस का पैसा बचाने के लिए थर्ड पार्टी इंश्योरेंस लेकर काम चला लेते हैं. पहली नजर में यह सौदा काफी सस्ता और बजट-फ्रेंडली लगता है.
लेकिन अगर कभी आपकी गाड़ी का कोई एक्सीडेंट हो जाता है तो यही बचत आपकी जेब पर लाखों का फटका लगा सकती है. आइए आसान शब्दों में समझते हैं कि केवल थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के भरोसे रहना आपके लिए कितना बड़ा जोखिम है.
क्या होता है थर्ड पार्टी इंश्योरेंस?
आपको बता दें कि, थर्ड पार्टी इंश्योरेंस का सीधा सा मतलब है कि यह सिर्फ सामने वाले के नुकसान की भरपाई करता है. यानी अगर आपकी गाड़ी से किसी दूसरे व्यक्ति की कार, प्रॉपर्टी या खुद उस इंसान को कोई चोट पहुंचती है. तो उसका हर्जाना इंश्योरेंस कंपनी देगी.
लेकिन इस पूरे मामले में सबसे बड़ी परेशानी यह है कि इसमें आपकी खुद की गाड़ी को हुए नुकसान के लिए एक पैसा भी नहीं मिलता है. अगर एक्सीडेंट में आपकी कार के परखच्चे भी उड़ जाएं तो उसे ठीक कराने का पूरा खर्च आपको अपनी जेब से ही देना पड़ेगा.
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कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस बचाएगी आपका बड़ा खर्चा
लेकिन मार्केट में एक ऐसा इंश्योरेंस भी है जो आपके बड़े खर्चे को बचा सकती है. जिस इंश्योरेंस की हम बात कर रहें हैं वह है कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस. यह एक तरह का ऑल-राउंडर प्लान है जो थर्ड पार्टी लायबिलिटी को तो कवर करता है. साथ ही आपकी खुद की गाड़ी को भी पूरी सुरक्षा देता है.
चाहे सड़क पर कोई एक्सीडेंट हो, गाड़ी में आग लग जाए, भूकंप या बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा आए, या फिर आपकी गाड़ी चोरी हो जाए. कॉम्प्रिहेंसिव पॉलिसी हर स्थिति में आपके नुकसान की पूरी भरपाई करती है. कुछ ज्यादा रुपयों का एक्स्ट्रा प्रीमियम देकर आप लाखों के रिस्क से मुक्त हो जाते हैं.
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