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पुरानी कार में E20 पेट्रोल भरवा रहे हैं? इंजन बचाने के लिए तुरंत करें ये 5 काम

E20 Petrol Older Cars: पुरानी कार में E20 पेट्रोल डालने से इंजन खराब होने का डर है? जानिए एक्सपर्ट्स के 5 आसान और असरदार टिप्स जो आपकी गाड़ी के इंजन को जंग और बड़े नुकसान से बचाएंगे.

E20 Petrol Older Cars: भारत सरकार बढ़ते पेट्रोल-डीजल के दामों और प्रदुषण से राहत देने के एथेनॉल को अब नया फ्यूल माना है और इस पर जोरों से तैयारी भी चल रही है. बता दें कि, अब देश के ज्यादातर पेट्रोल पंपों पर यही E20 पेट्रोल मिल रहा है. हालांकि, इसने पुरानी कार और बाइक मालिकों की रातों की नींद उड़ा दी है. क्योंकि, अप्रैल 2023 से पहले बनी गाड़ियाँ हाई-एथेनॉल ब्लेंडेड फ्यूल के लिए डिज़ाइन नहीं की गई थीं. 

ऐसे में पुरानी गाड़ियों में इस पेट्रोल के इस्तेमाल से माइलेज घटने, इंजन के पार्ट्स गलने और जंग लगने का खतरा काफी बढ़ गया है. अगर आप भी अपनी पुरानी कार को इस गंभीर नुकसान से बचाना चाहते हैं, तो एक्सपर्ट्स के बताए ये 5 जरूरी काम तुरंत शुरू कर दें और अपने कार के इंजन को खराब होने से बचायें.

फ्यूल सिस्टम क्लीनर का करें इस्तेमाल

आपको बता दें कि, पुरानी कार के इंजन को एथेनॉल के बुरे असर से बचाने का सबसे आसान और किफायती तरीका है फ्यूल सिस्टम क्लीनर का यूज़ करना. जब आप गाड़ी में पेट्रोल भरवाते हैं, तो उसके साथ एक्सपर्ट की सलाह के अनुसार सही मात्रा में यह एडिटिव भी डाल दें. यह लिक्विड इंजन के कंबशन चैंबर और फ्यूल लाइन्स में एथेनॉल की वजह से जमा होने वाले कचरे और नमी को साफ रखता है. बाजार में यह आसानी से ₹100 से ₹300 के बीच मिल जाता है, जो आपके हजारों रुपये के इंजन को खराब होने से बचा सकता है.

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इंजन के रबर सील्स और गैस्केट को करायें अपग्रेड

जानकारी के लिए आपको बता दें कि, एथेनॉल की सबसे खराब बात यह है कि यह एक बेहतरीन साल्वेंट है, जो रबर और प्लास्टिक के पार्ट्स को बहुत तेजी से गला देता है. पुरानी कारों में लगे पारंपरिक रबर सील्स, फ्यूल पाइप्स और इंजन गैस्केट इस हाई-एथेनॉल ईंधन को झेल नहीं पाते हैं और धीरे-धीरे कमजोर होकर फटने लगते हैं. 

जिससे फ्यूल लीक होने का खतरा बढ़ जाता है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर आपकी कार काफी पुरानी है तो मैकेनिक के पास जाकर इन रबर पार्ट्स को आधुनिक एथेनॉल-कम्पैटिबल मटेरियल (जैसे विटॉन या टेफ्लॉन सील्स) से अपग्रेड करवा लें.

फ्यूल फिल्टर को समय से पहले बदलें

अकसर ये देखा जाता है कि, कार मालिक फ्यूल फिल्टर को तब तक नहीं बदलते जब तक गाड़ी झटका न लेने लगे. लेकिन E20 पेट्रोल के दौर में यह लापरवाही भारी पड़ सकती है. एथेनॉल पेट्रोल टैंक के अंदर जमी पुरानी गंदगी, जंग और कचरे को उखाड़ देता है, जो सीधे जाकर फ्यूल फिल्टर को ब्लॉक कर देता है. 

फिल्टर ब्लॉक होने से इंजन तक सही मात्रा में फ्यूल नहीं पहुंच पाता और परफॉर्मेंस गिर जाती है. इसलिए, अपनी पुरानी कार के ओनर मैनुअल में तय किलोमीटर की लिमिट का इंतजार न करें, बल्कि हर 15,000 से 20,000 किलोमीटर पर फ्यूल फिल्टर को जरूर चेंज करा लें.

कार को लंबे समय तक के बंद करके ना रखें 

अगर आप अपनी पुरानी कार को हफ्तों या महीनों तक गैराज में खड़ी रखते हैं और उसमें E20 पेट्रोल भरा हुआ है. तो इंजन के लिए यह सबसे बड़ा खतरा है. एथेनॉल हवा से नमी यानी पानी को बहुत तेजी से सोखता है, जिसे फेज सेपरेशन कहा जाता है. 

इसके कारण पेट्रोल और पानी अलग हो जाते हैं और पानी टैंक के नीचे बैठ जाता है. जिससे फ्यूल टैंक और इंजन के अंदरूनी हिस्सों में जंग लगने लगती है. कोशिश करें कि गाड़ी में उतना ही पेट्रोल डलवाएं जितना जल्दी इस्तेमाल हो सके, और कार को हर दो-तीन दिन में एक बार जरूर चलाएं.

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हिमांशु सिंह पिछले साढ़े तीन साल से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं. फिलहाल वह ABP News में ऑटो बीट पर कार्यरत हैं. ऑटो सेक्टर में उन्हें नई कारों और बाइक्स के लॉन्च, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, फीचर्स, माइलेज, टेक्नोलॉजी और ऑटो मार्केट से जुड़ी खबरों की अच्छी जानकारी है. वह ऑटो से जुड़ी हर जरूरी और नई जानकारी आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करते हैं, ताकि लोग बिना किसी परेशानी के खबरों को समझ सकें.

ABP News से पहले हिमांशु DNP India, Sports Wiki और Hawk E Commerce के साथ काम कर चुके हैं. इस दौरान उन्होंने स्पोर्ट्स, राजनीति और वायरल खबरों पर भी काम किया. अलग-अलग बीट्स पर काम करने की वजह से उन्हें कई तरह की खबरों को समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने का अनुभव मिला.

हिमांशु की कोशिश रहती है कि उनकी खबरें सरल, भरोसेमंद और सीधे लोगों से जुड़ी हों. उन्हें ऐसी खबरों पर काम करना पसंद है, जिनका असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है. डिजिटल मीडिया की अच्छी समझ होने की वजह से वह ट्रेंडिंग और जरूरी खबरों को तेजी से पाठकों तक पहुंचाते हैं.

काम के अलावा हिमांशु को क्रिकेट खेलना, स्टैंडअप कॉमेडी करना और नई जगहों पर घूमना पसंद है. उनका मानना है कि नई जगहों को देखना और नए लोगों से मिलना सोच को बेहतर बनाता है, जिसका फायदा उनके काम में भी मिलता है.

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