एक्सप्लोरर

रफ्तार के शौकीनों के लिए खुशखबरी, Mercedes-AMG की दो सुपर SUVs हुईं और भी दमदार

Mercedes AMG GLE 63 S Facelift: मर्सिडीज-एएमजी ने अपनी दमदार SUVs - GLE 63 S और GLS 63 के फेसलिफ्ट मॉडल्स पेश कर दिए हैं. नए V8 इंजन और 280 किमी/घंटे की टॉप स्पीड के साथ जानिए इनमें क्या कुछ बदला है.

Mercedes AMG GLE 63 S Facelift: अगर आप उन लोगों में से हैं जिन्हें लग्जरी गाड़ियों के साथ-साथ रफ्तार और इंजन की दहाड़ से प्यार है, तो आपके लिए मर्सिडीज-एएमजी (Mercedes-AMG) एक बहुत बड़ा सरप्राइज लेकर आई है. जर्मन कार मेकर ने अपनी दो सबसे पॉपुलर और धाकड़ परफॉर्मेंस SUVs - AMG GLE 63 S और AMG GLS 63 के नए फेसलिफ्ट मॉडल्स से पर्दा उठा दिया है. 

जब पूरी दुनिया छोटी कारों और पूरी तरह इलेक्ट्रिक गाड़ियों की तरफ बढ़ रही है, ऐसे में मर्सिडीज ने अपने पुराने और चहेते V8 इंजन को अलविदा कहने के बजाय उसे और ज्यादा खतरनाक बना दिया है. इन दोनों गाड़ियों को न सिर्फ नया लुक मिला है, बल्कि इनके मैकेनिज्म में भी ऐसे बदलाव किए गए हैं जो रेस ट्रैक वाली फील देंगे. चलिए जानतें हैं डिटेल्स में इन गाड़ियों के बारें में.

बेमिसाल पावर और सुपरकार वाला इंजन

इन दोनों सुपर SUVs के बोनट के नीचे कंपनी ने बिल्कुल नया M177 EVO 4.0-लीटर ट्विन-टर्बो V8 इंजन दिया है. सबसे बड़ा और मजेदार बदलाव यह है कि इसमें अब मोटरस्पोर्ट्स से इंस्पायर्ड 'फ्लैट-प्लेन क्रैंकशाफ्ट' (Flat-Plane Crankshaft) का इस्तेमाल किया गया है, जो आमतौर पर फेरारी जैसी चीखने वाली सुपरकारों में मिलता है. 

यह इंजन अकेले ही 612 हॉर्सपावर और 850 Nm का टॉर्क जेनरेट करता है. इसके साथ ही इसमें 48V का माइल्ड-हाइब्रिड सिस्टम भी जोड़ा गया है, जो जरूरत पड़ने पर अलग से 23 हॉर्सपावर की बूस्ट देता है. इस नए सेटअप की वजह से अब एक्सीलेटर दबाते ही गाड़ी पलक झपकते ही हवा से बातें करने लगती है.

यह भी पढ़ें: सिर्फ लुक ही नहीं, साइज में भी बड़ी होगी नई Creta, जानिए क्या-क्या बदलेगा

रफ्तार के मामले में कोई तोड़ नहीं 

साइज में किसी छोटे हाथी जितनी बड़ी होने के बावजूद, जब ये SUVs सड़क पर अपनी ताकत दिखाती हैं तो अच्छे-अच्छों के पसीने छूट जाते हैं. रफ्तार के आंकड़ों की बात करें तो मर्सिडीज-एएमजी GLE 63 S को 0 से 100 किमी/घंटा की स्पीड पकड़ने में सिर्फ 3.9 सेकंड का समय लगता है. 

वहीं, सात सीटों वाली बड़ी एएमजी GLS 63 भी महज 4.2 सेकंड में इस रफ्तार को छू लेती है. इन दोनों गाड़ियों की टॉप स्पीड को इलेक्ट्रॉनिक रूप से 250 km/h पर लॉक किया गया है, लेकिन अगर आप 'एएमजी ड्राइवर्स पैकेज' चुनते हैं, तो आप इन्हें 280 km/h की तूफानी स्पीड पर दौड़ा सकते हैं.

लुक में नया और हाई-टेक केबिन 

डिजाइन के मामले में दोनों कारों के फ्रंट लुक को पहले से ज्यादा आक्रामक और मॉडर्न बनाया गया है. इनमें नई वर्टिकल स्लेट्स वाली सिग्नेचर AMG ग्रिल, नए बंपर्स और थ्री-पॉइंट स्टार लाइट सिग्नेचर वाले एलईडी हेडलैम्प्स दिए गए हैं. ग्राहक चाहें तो इसमें 23-इंच के बड़े अलॉय व्हील्स भी लगवा सकते हैं. 

केबिन के अंदर पैर रखते ही आपका सामना एक बड़ी रैपअराउंड डिजिटल स्क्रीन से होता है, जिसमें AMG के खास ग्राफिक्स दिखते हैं. इसके अलावा, गाड़ी में एएमजी परफॉर्मेंस स्टीयरिंग व्हील, नापा लेदर सीट्स और कार्बन-फाइबर ट्रिम्स दिए गए हैं. साथ ही नया एग्जॉस्ट सिस्टम बटन दबाते ही इंजन की आवाज को सुरीली से एकदम खूंखार बना देता है.

यह भी पढ़ें: 100 Percent Ethanol Fuel: सबसे पहले किस शहर में मिलेगा 100 प्रतिशत इथेनॉल फ्यूल? कहीं आपका शहर तो नहीं है इसमें शामिल

हिमांशु सिंह पिछले साढ़े तीन साल से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं. फिलहाल वह ABP News में ऑटो बीट पर कार्यरत हैं. ऑटो सेक्टर में उन्हें नई कारों और बाइक्स के लॉन्च, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, फीचर्स, माइलेज, टेक्नोलॉजी और ऑटो मार्केट से जुड़ी खबरों की अच्छी जानकारी है. वह ऑटो से जुड़ी हर जरूरी और नई जानकारी आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करते हैं, ताकि लोग बिना किसी परेशानी के खबरों को समझ सकें.

ABP News से पहले हिमांशु DNP India, Sports Wiki और Hawk E Commerce के साथ काम कर चुके हैं. इस दौरान उन्होंने स्पोर्ट्स, राजनीति और वायरल खबरों पर भी काम किया. अलग-अलग बीट्स पर काम करने की वजह से उन्हें कई तरह की खबरों को समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने का अनुभव मिला.

हिमांशु की कोशिश रहती है कि उनकी खबरें सरल, भरोसेमंद और सीधे लोगों से जुड़ी हों. उन्हें ऐसी खबरों पर काम करना पसंद है, जिनका असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है. डिजिटल मीडिया की अच्छी समझ होने की वजह से वह ट्रेंडिंग और जरूरी खबरों को तेजी से पाठकों तक पहुंचाते हैं.

काम के अलावा हिमांशु को क्रिकेट खेलना, स्टैंडअप कॉमेडी करना और नई जगहों पर घूमना पसंद है. उनका मानना है कि नई जगहों को देखना और नए लोगों से मिलना सोच को बेहतर बनाता है, जिसका फायदा उनके काम में भी मिलता है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

दिल्ली-NCR में बारिश का कहर, जानें कार बचाने के आसान तरीके
दिल्ली-NCR में बारिश का कहर, जानें कार बचाने के आसान तरीके
Soybean Car VS Steel Car: 84 साल पहले बनी थी सोयाबीन की कार, स्टील को दी थी चुनौती
84 साल पहले बनी थी सोयाबीन की कार, स्टील को दी थी चुनौती
कम कीमत में AI स्कूटर हुआ लॉन्च, जानें फीचर्स
कम कीमत में AI स्कूटर हुआ लॉन्च, जानें फीचर्स
Car Brake Pads: कब बदल देना चाहिए कार का ब्रेक पैड, ये हैं वॉर्निंग साइन
कब बदल देना चाहिए कार का ब्रेक पैड, ये हैं वॉर्निंग साइन
Advertisement

वीडियोज

Vasudha: Vasudha-Chandrika को मिलेगा 'Business Women Award', परखने घर पहुंची स्पेशल कमेटी
R. Madhavan बोले- अब उन्हें CM Thalapathy Vijay कहना चाहिए, Politics पर दिया बड़ा जवाब
Kajal Raghwani ने Pawan Singh पर लगाए गंभीर आरोप, Khesari Lal Yadav को भी दिया जवाब
Bhojpuri Bawaal में Pawan Singh ने छोड़ा शो, Amrapali Dubey और Kajal Raghwani में बड़ी बहस
Bollywood News: उल्टा पड़ा दांव! 'आवारापन 2' के मेकर्स का ही दांव पड़ा उन पर भारी, घिरे विवादों में! (07.06.26)
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
यूपी में बदलने वाला है मौसम, 63 जिलों में झमाझम बारिश का अलर्ट
यूपी में बदलने वाला है मौसम, 63 जिलों में झमाझम बारिश का अलर्ट
'सेंसरशिप नहीं, कानून का पालन', AI कंटेंट-CSAM पर केंद्र की मेटा को दो टूक
'सेंसरशिप नहीं, कानून का पालन', AI कंटेंट-CSAM पर केंद्र की मेटा को दो टूक
श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले 5 भारतीय गेंदबाज
श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले 5 भारतीय गेंदबाज
Xप्लेन: कैंसर से भारत कैसे बच सकता है? ऐसे पहचानें हर रोज दोहराने वाला दर्दनाक सच
कैंसर से भारत कैसे बच सकता है? ऐसे पहचानें हर रोज दोहराने वाला दर्दनाक सच
Bharat Bhhagya Viddhaata OTT Release: कंगना रनौत की 'भारत भाग्य विधाता' की ओटीटी रिलीज कंफर्म, जानें कब-कहां देख सकते हैं
कंगना रनौत की 'भारत भाग्य विधाता' की ओटीटी रिलीज कंफर्म, जानें कब-कहां देख सकते हैं
अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी..., भारत-चीन पर 100% टैरिफ का US सीनेटर ने किया विरोध
अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी..., भारत-चीन पर 100% टैरिफ का US सीनेटर ने किया विरोध
इकलौता समंदर जिसका नहीं कोई किनारा, बिना तट कैसे तय होती है सीमा?
इकलौता समंदर जिसका नहीं कोई किनारा, बिना तट कैसे तय होती है सीमा?
RTE के नियमों पर मौसम और त्योहारों की मार, स्कूलों के सामने आई नई चुनौती
RTE के नियमों पर मौसम और त्योहारों की मार, स्कूलों के सामने आई नई चुनौती
Embed widget