एक्सप्लोरर

इकलौता समंदर जिसका नहीं कोई किनारा, बिना तट कैसे तय होती है सीमा?

सारगासो सागर दुनिया का इकलौता ऐसा समुद्र है जिसकी कोई जमीनी तटरेखा नहीं है और इसकी सीमाएं चारों ओर बहने वाली चार विशाल महासागरीय धाराओं से तय होती हैं.

हमारी पृथ्वी पर प्राकृतिक अजूबों की कोई कमी नहीं है, लेकिन अटलांटिक महासागर के ठीक बीचों-बीच स्थित एक सागर वैज्ञानिकों और खोजकर्ताओं को सदियों से हैरान करता आ रहा है. आमतौर पर हर सागर या महासागर की पहचान उसकी जमीनी तटरेखा से होती है, लेकिन सारगासो सागर दुनिया का इकलौता ऐसा महासागरीय निकाय है जिसका अपना कोई किनारा या सूखा तट नहीं है. यह गहरे नीले रंग की शांत जलराशि उत्तरी अटलांटिक के बीच में स्थित है. सदियों से नाविकों के खो जाने और जहाजों के समुद्री घास में फंसने की रहस्यमयी कहानियों से जुड़ा यह सागर आज आधुनिक समुद्री विज्ञान की एक अनूठी प्रयोगशाला बना हुआ है.

तटहीन सरगासो सागर की पहचान और मान्यताएं

सारगासो सागर (Sargasso Sea) की भौगोलिक स्थिति किसी भी सामान्य समुद्र से बिल्कुल अलग है. बिना किसी जमीनी सीमा के यह विशाल जलराशि उत्तरी अटलांटिक महासागर के ठीक मध्य में स्थित है. प्राचीन काल में जब यूरोप के साहसी नाविक लंबी समुद्री यात्राओं पर निकलते थे, तो वे इस क्षेत्र से गुजरने में कतराते थे. उस जमाने में इसे खोए हुए जहाजों की कब्रगाह कहा जाता था. नाविकों का मानना था कि इस समंदर के बिल्कुल शांत पड़े पानी और सतह पर फैली अजीबोगरीब वनस्पतियों में जो भी लकड़ी का जहाज एक बार प्रवेश कर लेता है, वह हवा की कमी और घास के जाल के कारण हमेशा के लिए यहीं फंस जाता है.

शीशे की तरह पारदर्शी और गहरा नीला पानी

इस सागर की सबसे बड़ी प्राकृतिक खूबी इसका अत्यधिक पारदर्शी और गहरा नीला पानी है. सारगासो सागर का जल इतना स्वच्छ है कि इसकी विजिबिलिटी यानी पानी के भीतर देखने की क्षमता लगभग 50 से 60 मीटर की गहराई तक बनी रहती है. इस स्थिर और चक्राकार घूमते हुए जलसमूह के नीचे एक बेहद समृद्ध और संवेदनशील पारिस्थितिकी तंत्र विकसित हुआ है. समुद्री शोधकर्ताओं का मानना है कि इस जलराशि का अध्ययन करके हमारी पृथ्वी के प्राचीन जलवायु परिवर्तन और महासागरीय विकास क्रम से जुड़े कई बड़े रहस्यों को समझा जा सकता है.

यह भी पढ़ें: कुछ भी बोल सकता है विपक्ष का नेता, संसद में बोलने का नियम क्या?


इकलौता समंदर जिसका नहीं कोई किनारा, बिना तट कैसे तय होती है सीमा?

चार शक्तिशाली धाराओं से बनी अदृश्य सीमा

बिना किसी जमीनी तट के इस समुद्र की सीमाएं चारों दिशाओं से बहने वाली शक्तिशाली महासागरीय जलधाराओं द्वारा तय होती हैं. ये चार प्रमुख धाराएं एक विशाल गोलाकार चक्रव्यूह का निर्माण करती हैं:

पश्चिम में: गल्फ स्ट्रीम (Gulf Stream)

उत्तर में: नॉर्थ अटलांटिक करंट (North Atlantic Current)

पूर्व में: कैनरी करंट (Canary Current)

दक्षिण में: नॉर्थ अटलांटिक इक्वेटोरियल करंट (North Atlantic Equatorial Current)
इन चारों जलधाराओं के लगातार गोल-गोल घूमने की वजह से बीच का पानी हमेशा शांत बना रहता है. मौसम, हवा और जलधाराओं के वेग के अनुसार इस सागर का कुल क्षेत्रफल और सीमाएं थोड़ी बदलती रहती हैं.

बिना मिट्टी के सतह पर तैरती जादुई समुद्री घास

इस सागर का नामकरण पुर्तगाली भाषा के शब्द सरगासम (Sargassum) के आधार पर हुआ है, जो एक विशेष प्रकार की समुद्री घास को दर्शाता है. इस पूरे समुद्र के ऊपरी हिस्से पर भूरे रंग की तैरती हुई समुद्री घास के विशालकाय मैदान दिखाई देते हैं. इस घास की सबसे अनूठी जैविक विशेषता यह है कि इसे विकसित होने के लिए समुद्र के तल या किसी मिट्टी की आवश्यकता नहीं होती. यह पूरी तरह से पानी की सतह पर तैरते हुए ही अपना पोषण प्राप्त करती है और सैकड़ों किलोमीटर के दायरे में फैलती चली जाती है.


इकलौता समंदर जिसका नहीं कोई किनारा, बिना तट कैसे तय होती है सीमा?

दुर्लभ मरीन लाइफ और समुद्री जीवों का प्राकृतिक आश्रय

भले ही पुरानी लोककथाओं में इस क्षेत्र को जहाजों के लिए डरावना और खतरनाक बताया गया हो, लेकिन आधुनिक जैव विविधता के दृष्टिकोण से यह सागर एक विशाल सुरक्षित नर्सरी है. यह तैरती हुई भूरी घास अनगिनत दुर्लभ समुद्री केकड़ों, विशिष्ट मछलियों और लुप्तप्राय समुद्री कछुओं के लिए शरणस्थली और भोजन का मुख्य स्रोत है. आधुनिक उपग्रह सर्वेक्षणों और वैज्ञानिक डेटा ने स्पष्ट किया है कि तटहीन होने के बावजूद यह सागर वैश्विक मरीन लाइफ साइकिल का एक बेहद जरूरी और महत्वपूर्ण हिस्सा है.

यह भी पढ़ें: अग्नि-4 की जद में चीन-पाकिस्तान के कौन-कौन से शहर, कितनी ताकतवर यह मिसाइल?

About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

अमेरिका के इन सेक्टरों में विदेशियों का दबदबा, जानें कहां-कितने भारतीय?
अमेरिका के इन सेक्टरों में विदेशियों का दबदबा, जानें कहां-कितने भारतीय?
फ्लाइट में कब फट जाता है पावर बैंक, जानें क्यों होता है ऐसा?
फ्लाइट में कब फट जाता है पावर बैंक, जानें क्यों होता है ऐसा?
साल 2100 में कैसे खत्म हो जाएगी दुनिया, AI के अलावा कौन बनेगा खतरा?
साल 2100 में कैसे खत्म हो जाएगी दुनिया, AI के अलावा कौन बनेगा खतरा?
1 साल शांति की शर्त तोड़ दें दीपके-रांका और सौरव तो क्या होगा? जानें नियम
1 साल शांति की शर्त तोड़ दें दीपके-रांका और सौरव तो क्या होगा? जानें नियम
Advertisement

वीडियोज

सगाई के बाद... किडनैपिंग का प्लान !
विपक्षी मार्च..'शिव बारात' या 'अराजक जमात'?
Gyanesh Kumar के खिलाफ Rahul Gandhi अब क्या करेंगे?
CEC पर बवाल...अब सुप्रीम कोर्ट ही करेगा समाधान?
Gyanesh Kumar के खिलाफ Rahul Gandhi का 'तांडव'!
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
जेलेंस्की ने मांगा 60 दिन का युद्धविराम, रूस बोला- चुनाव के दिन ही रोकेंगे हमले
जेलेंस्की ने मांगा 60 दिन का युद्धविराम, रूस बोला- चुनाव के दिन ही रोकेंगे हमले
जंतर-मंतर को प्रोटेस्ट साइट से हटाने पर AIMIM नेता वारिस पठान बोले, 'डर और...'
जंतर-मंतर को प्रोटेस्ट साइट से हटाने पर AIMIM नेता वारिस पठान बोले, 'डर और...'
CJI पर पोस्ट करने वाले व्यक्ति को हटाया, आलोचना के बाद कांग्रेस पार्टी का एक्शन
CJI पर पोस्ट करने वाले व्यक्ति को हटाया, आलोचना के बाद कांग्रेस पार्टी का एक्शन
जमानत पर रिहा होकर जड़ा शतक, मैदान पर निकले आंसू; अभिषेक पोरेल ने सुनाई जेल की कहानी
जमानत पर रिहा होकर जड़ा शतक, मैदान पर निकले आंसू; अभिषेक पोरेल ने सुनाई जेल की कहानी
नुसरत भरूचा की हुई रीढ़ की हड्डी की सर्जरी, हॉस्पिटल में नर्स खिला रहीं खाना, एक्ट्रेस ने दिखाया हाल
नुसरत भरूचा की हुई रीढ़ की हड्डी की सर्जरी, हॉस्पिटल में नर्स खिला रहीं खाना, एक्ट्रेस ने दिखाया हाल
प्रदर्शन के बीच MHA का फैसला, दिल्ली में 20 हजार पैरामिलिट्री जवानों की तैनाती
प्रदर्शन के बीच MHA का फैसला, दिल्ली में 20 हजार पैरामिलिट्री जवानों की तैनाती
'उन करोड़ों लोगों का धन्यवाद जिन्होंने...', इंडिया गठबंधन मार्च के बाद राहुल का बयान
'उन करोड़ों लोगों का धन्यवाद जिन्होंने...', इंडिया गठबंधन मार्च के बाद राहुल का बयान
राहुल गांधी के साथ किन नेताओं ने SC में लगाई याचिका? ज्ञानेश कुमार के साथ 4 को बनाया पार्टी
राहुल गांधी के साथ किन नेताओं ने SC में लगाई याचिका? ज्ञानेश कुमार के साथ 4 को बनाया पार्टी
Embed widget