क्या बड़ी टचस्क्रीन बना रही हैं ड्राइविंग को खतरनाक? जानिए एक्सपर्ट्स की राय
Car Touchscreen: नई कारों में बड़ी टचस्क्रीन तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं. लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि जरूरत से ज्यादा स्क्रीन ड्राइवर का ध्यान सड़क से हटाकर दुर्घटना का खतरा बढ़ा सकती हैं.

Car Touchscreen: आज की नई कारों में बड़ी टचस्क्रीन एक जरूरी फीचर बन गई है. पहले जहां कारों में छोटे डिस्प्ले और फिजिकल बटन होते थे, वहीं अब 10 इंच, 12 इंच और उससे भी बड़ी स्क्रीन देखने को मिल रही हैं. म्यूजिक बदलने से लेकर AC कंट्रोल, नेविगेशन, कॉलिंग और वाहन की कई सेटिंग्स अब इसी स्क्रीन से संचालित होती हैं. कार कंपनियां इसे आधुनिक और प्रीमियम अनुभव के रूप में पेश करती हैं.
लेकिन अब कई सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ और ऑटो एक्सपर्ट इस ट्रेंड को लेकर चिंता जता रहे हैं. उनका मानना है कि जरूरत से ज्यादा स्क्रीन पर निर्भरता ड्राइवर का ध्यान सड़क से हटा सकती है. कुछ सेकंड का ध्यान भटकना भी दुर्घटना का कारण बन सकता है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या आधुनिक कारों की बड़ी टचस्क्रीन सुविधा से ज्यादा खतरा बनती जा रही हैं.
स्क्रीन पर नजर या सड़क पर ध्यान, यही है सबसे बड़ी चुनौती
विशेषज्ञों के अनुसार ड्राइविंग के दौरान सबसे जरूरी चीज सड़क पर पूरा ध्यान बनाए रखना है. लेकिन जब AC का तापमान बदलने, फैन की स्पीड कम करने या किसी अन्य सेटिंग के लिए बार-बार स्क्रीन को छूना पड़ता है, तो ड्राइवर की नजर कुछ समय के लिए सड़क से हट जाती है. यह समय भले ही कुछ सेकंड का हो, लेकिन तेज रफ्तार में यह काफी खतरनाक साबित हो सकता है.
पहले फिजिकल बटन को बिना देखे भी इस्तेमाल किया जा सकता था, लेकिन टचस्क्रीन में अक्सर स्क्रीन की तरफ देखना पड़ता है. यही वजह है कि कई सुरक्षा विशेषज्ञ कार कंपनियों से जरूरी कंट्रोल के लिए अलग बटन बनाए रखने की सलाह देते हैं. उनका कहना है कि तकनीक उपयोगी है, लेकिन सुरक्षा उससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण है.
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कंपनियां भी तलाश रही हैं बेहतर संतुलन
बढ़ती चिंताओं के बीच कई वाहन निर्माता अब तकनीक और सुरक्षा के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहे हैं. नई कारों में वॉयस कमांड, स्टीयरिंग माउंटेड कंट्रोल और स्मार्ट असिस्टेंट जैसे फीचर्स दिए जा रहे हैं ताकि ड्राइवर को बार-बार स्क्रीन छूने की जरूरत न पड़े. कुछ कंपनियां महत्वपूर्ण फंक्शन के लिए फिजिकल बटन भी वापस ला रही हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि बड़ी स्क्रीन अपने आप में समस्या नहीं है, लेकिन उनका इस्तेमाल कैसे किया जाता है, यह ज्यादा महत्वपूर्ण है.
ड्राइवर को भी वाहन चलाते समय मोबाइल और टचस्क्रीन के उपयोग को सीमित रखना चाहिए. आखिरकार सड़क पर सुरक्षा सबसे पहले आती है. आधुनिक फीचर्स सफर को आसान बना सकते हैं, लेकिन अगर वे ध्यान भटकाने लगें तो उनका फायदा कम और जोखिम ज्यादा हो सकता है.























