सरकार लॉन्च करेगी नया EV Charging App, अब घर बैठे मिलेगी सभी Charging Stations की जानकारी
सरकार जल्द नया EV Charging App लॉन्च करने जा रही है, जिसमें सभी कंपनियों के चार्जिंग स्टेशनों की रियल टाइम जानकारी मिलेगी. आइए इस App के बारे में विस्तार से जैनते हैं.

देश में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. ऐसे में Charging Stations की सही जानकारी मिलना EV मालिकों के लिए बड़ी जरूरत बन चुकी है. इसी समस्या को आसान बनाने के लिए सरकार जल्द एक नया EV Charging App लॉन्च करने जा रही है. इस ऐप की मदद से लोग घर बैठे यह जान सकेंगे कि किस चार्जिंग स्टेशन पर जगह खाली है और कहां लंबी लाइन लगी हुई है. सबसे खास बात ये है कि इस ऐप में टाटा, महिंद्रा, मारुति सुजुकी जैसी कंपनियों के साथ-साथ कई प्राइवेट चार्जिंग नेटवर्क की जानकारी भी मिलेगी. इससे अलग-अलग कंपनियों के ऐप डाउनलोड करने की जरूरत खत्म हो जाएगी.
एक ही ऐप पर मिलेगा सभी कंपनियों का डेटा
अभी तक EV यूजर्स को अलग-अलग Charging Stations की जानकारी के लिए कई ऐप इस्तेमाल करने पड़ते थे. अगर किसी को टाटा का चार्जर ढूंढना होता था, तो अलग ऐप खोलना पड़ता था. वहीं प्राइवेट कंपनियों जैसे Statiq या ChargeZone की जानकारी के लिए दूसरा ऐप डाउनलोड करना पड़ता था. नए सरकारी ऐप के आने के बाद यह परेशानी खत्म हो जाएगी. इसमें सरकारी तेल कंपनियों जैसे इंडियन ऑयल और भारत पेट्रोलियम के चार्जिंग स्टेशन भी दिखाई देंगे. यानी यूजर एक ही प्लेटफॉर्म पर सभी चार्जिंग नेटवर्क की जानकारी देख पाएंगे. इस ऐप की मदद से लोग चार्जर ढूंढने के साथ-साथ स्लॉट बुक भी कर सकेंगे और ऑनलाइन पेमेंट भी आसानी से कर पाएंगे.
रियल टाइम जानकारी से नहीं होगी परेशानी
EV मालिकों की सबसे बड़ी चिंता यह रहती है कि चार्जिंग स्टेशन पहुंचने के बाद पता चले कि वहां चार्जर खराब है या पहले से लंबी लाइन लगी हुई है. सरकार का नया ऐप इस परेशानी को काफी हद तक खत्म कर देगा. इसमें यूजर्स को लाइव अपडेट मिलेंगे. ऐप बताएगा कि कौन सा चार्जर खाली है, उसकी चार्जिंग स्पीड कितनी है और चार्जिंग का रेट क्या चल रहा है. इससे लोगों का समय भी बचेगा और सफर आसान हो जाएगा. सरकार यह भी सुनिश्चित करेगी कि ऐप पर दिखाई जा रही जानकारी सही और भरोसेमंद हो. यानी यूजर को पहले से पता रहेगा कि कौन सा चार्जर काम कर रहा है.
EV चार्जिंग नेटवर्क बढ़ाने पर सरकार का बड़ा फोकस
रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत में फिलहाल 50 लाख से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहन हैं, लेकिन सार्वजनिक Charging Stations की संख्या करीब 29 हजार ही है. इस अंतर को कम करने के लिए सरकार बड़े स्तर पर काम कर रही है. PM E-DRIVE योजना के तहत सरकार ने 72,300 नए पब्लिक चार्जिंग स्टेशन लगाने के लिए 2,000 करोड़ रुपये का बजट जारी किया है. इनमें कारों, बसों और टू-व्हीलर के लिए फास्ट चार्जर लगाए जाएंगे. इस पूरे सिस्टम को NPCI ने तैयार किया है, जबकि इसकी देखरेख BHEL करेगी. यह सिस्टम ठीक वैसे ही काम करेगा जैसे UPI ऐप्स अलग-अलग बैंकों को एक प्लेटफॉर्म पर जोड़ते हैं.
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Source: IOCL


























