ड्राइव करते हुए लग जाती है नींद, ये ऑटो गैजेट बचाएगा आपकी जान
अगर आपको भी ड्राइविंग करते समय नींद आती है, तो इसे नजरअंदाज करना सही नहीं है. यह आदत किसी गंभीर हादसे की वजह बन सकती है. जानें ऐसे ऑटो गैजेट के बारे में, जो नींद लगने पर आपको तुरंत अलर्ट देता है.

लंबी दूरी की ड्राइव में थकान और नींद सबसे बड़े खतरों में शामिल हैं. हाईवे पर लगातार कई घंटे गाड़ी चलाने के दौरान ड्राइवर को कब झपकी लग जाए, इसका अंदाजा कई बार खुद ड्राइवर को भी नहीं होता. कुछ सेकंड की नींद भी बड़ा हादसा करा सकती है. नींद आने से रोकने के लिए केवल तेज म्यूजिक सुनना, खिड़की खोलना या चाय-कॉफी पीना ही एक तरीका नहीं है. कुछ ऑटोमोबाइल गैजेट्स ऐसे भी होते हैं, जो आपको इस समस्या से बचा सकते हैं.
ड्रोनेस अलर्ट सिस्टम जिसे ड्राइवर फटीग डिटेक्शन सिस्टम भी कहा जाता है, ऑटो गैजेट आपके लिए काफी उपयोगी हो सकता हैं. बाजार में मिलने वाले कुछ डिवाइस ड्राइवर की आंखों, चेहरे या सिर की गतिविधियों पर नजर रखते हैं और थकान या नींद के संकेत मिलने पर अलर्ट देते हैं. ऐसे में आइए जानते हैं इस गैजेट से जुड़ी कुछ खास बातें.
ऐसे काम करता है गैजेट
एक ऐसी आधुनिक तकनीक है जो ड्राइवर को गाड़ी चलाते समय नींद आने या झपकी लगने पर तुरंत अलर्ट करती है. ड्राइवर अलर्ट सिस्टम आमतौर पर सेंसर या कैमरे की मदद से ड्राइवर के व्यवहार को मॉनिटर करता है. कुछ सिस्टम आंखों के खुलने-बंद होने, पलक झपकने की गति और चेहरे की दिशा पर नजर रखते हैं. अगर सिस्टम को लगता है कि ड्राइवर की आंखें सामान्य से ज्यादा देर तक बंद हो रही हैं या उसका ध्यान सड़क से हट रहा है, तो यह चेतावनी जारी कर देता है.
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झपकी लगने पर मिलता है अलर्ट
नींद का सबसे खतरनाक हिस्सा वह होता है जब ड्राइवर कुछ सेकंड के लिए अनजाने में आंखें बंद कर लेता है. इसे माइक्रोस्लीप कहा जाता है. हाईवे पर अगर कार 80-100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हो, तो कुछ सेकंड में वाहन काफी दूरी तय कर सकता है. ऐसे में समय पर मिलने वाला अलर्ट ड्राइवर को तुरंत सतर्क करने में मदद करता है. कुछ डिवाइस कान के पास या डैशबोर्ड पर लगाए जाते हैं, जबकि कुछ कैमरा आधारित सिस्टम कार के अंदर इंस्टॉल किए जाते हैं.
इन बातों का रखें ध्यान
ऑटो गैजेट खरीदते समय सिर्फ कम कीमत या तेज अलार्म को देखकर फैसला नहीं करना चाहिए. डिवाइस की सेंसर तकनीक, अलर्ट सिस्टम और इंस्टॉलेशन का तरीका भी देखना जरूरी है. ऐसा डिवाइस चुनना बेहतर है जिसे ड्राइविंग के दौरान बार-बार एडजस्ट करने की जरूरत न पड़े. ड्राइवर ड्रोनेस अलर्ट सिस्टम एक ऑटो गैजेट है, लेकिन इसे नींद भगाने का तरीका नहीं समझना चाहिए. अगर लगातार जम्हाई आ रही है, आंखें भारी लग रही हैं या ध्यान भटक रहा है, तो तुरंत सुरक्षित स्थान पर रुकना चाहिए. जरूरत हो तो 15-20 मिनट की झपकी लेना, पानी पीना और पर्याप्त आराम करने के बाद ही दोबारा ड्राइव शुरू करना बेहतर है.
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