अगर आपकी कार की AC नहीं कर रहा कूलिंग तो इन पार्ट्स में हो सकती है दिक्कत, यहां जानें टिप्स
Car AC Cooling: कई मामलों में समस्या बहुत छोटी होती है, जैसे सिर्फ फिल्टर बदलने या कंडेनसर साफ करने से AC फिर से ठीक से काम करने लगता है. लेकिन गैस लीकेज ठीक कराने में ज्यादा खर्च आ सकता है

गर्मियों में जब कार की AC ठीक से ठंडी हवा नहीं देती या सिर्फ हल्की हवा आती है तो लोग अक्सर सोचते हैं कि AC खराब हो गया है या गैस खत्म हो गई है. लेकिन असल में इसके पीछे कई छोटे-छोटे कारण हो सकते हैं, जिनकी वजह से कूलिंग कम हो जाती है या पूरी तरह बंद हो जाती है. सही कारण समझकर समय पर सर्विस करवाना जरूरी होता है, वरना छोटी समस्या भी बड़ी और महंगी रिपेयर में बदल सकती है.
AC गैस में कमी या लीकेज
सबसे आम वजह AC गैस (रेफ्रिजरेंट) की कमी या लीकेज है. कार का AC एक बंद सिस्टम होता है, जिसमें गैस बार-बार खत्म नहीं होनी चाहिए. अगर गैस कम हो रही है तो इसका मतलब कहीं न कहीं लीकेज है. यह लीकेज अक्सर पाइप, रबर सील, जोड़ या कंप्रेसर के हिस्सों से होता है. गैस कम होने पर AC की ठंडक धीरे-धीरे कम हो जाती है और अंत में हवा गर्म लगने लगती है.
कंप्रेसर में खराबी आना
दूसरा बड़ा कारण कंप्रेसर की खराबी है. कंप्रेसर को AC का दिल कहा जाता है क्योंकि यही गैस को पूरे सिस्टम में चलाता है. अगर कंप्रेसर का क्लच खराब हो जाए या यह सही से काम न करे तो गैस का सर्कुलेशन रुक जाता है और AC बिल्कुल ठंडी हवा नहीं देता. कई बार इसमें आवाज भी आने लगती है या यह पूरी तरह बंद हो सकता है.
कंडेनसर का गंदा या ब्लॉक होना
तीसरी वजह कंडेनसर का गंदा या ब्लॉक होना है. कंडेनसर कार के आगे लगा होता है और इसका काम गर्म गैस को ठंडा करना है. अगर इसके ऊपर धूल, मिट्टी या कीड़े जमा हो जाएं, तो यह ठीक से गर्मी बाहर नहीं निकाल पाता और AC की कूलिंग कम हो जाती है. इसके अलावा कूलिंग फैन की खराबी, केबिन एयर फिल्टर का जाम होना और इलेक्ट्रिकल फॉल्ट (फ्यूज, वायरिंग या सेंसर की समस्या) भी AC की कूलिंग को प्रभावित कर सकते हैं. जब फैन ठीक से काम नहीं करता या फिल्टर गंदा होता है तो हवा का फ्लो कम हो जाता है और AC कमजोर लगने लगता है.
कई मामलों में समस्या बहुत छोटी होती है, जैसे सिर्फ फिल्टर बदलने या कंडेनसर साफ करने से AC फिर से ठीक से काम करने लगता है. लेकिन अगर गैस लीकेज या कंप्रेसर खराब है, तो इसे ठीक कराने में ज्यादा खर्च आ सकता है.इसलिए बिना जांच के बार-बार गैस भरवाना सही नहीं माना जाता, पहले लीकेज पकड़ना जरूरी होता है.
यह भी पढ़ें:- लंबे इंतजार के बाद डीलरशिप पर पहुंचा Maruti Suzuki SUV का बेस वेरिएंट, फीचर्स देखकर रह जाएंगे हैरान
Source: IOCL


























