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2027 से कारों का Safety Test होगा मुश्किल, बदल जाएगा पूरा सिस्टम

भारत में 1 अक्टूबर 2027 से कारों के क्रैश टेस्ट नियम बदलने जा रहे हैं. जानिए 'Bharat NCAP 2.0' के तहत लागू होने वाले नए 5-पिलर असेसमेंट और सख्त सुरक्षा मानकों की पूरी रिपोर्ट.

इंडिया में कार सेफ्टी को लेकर सरकार बहुत सतर्क होती जा रही है. क्योंकि, सरकार का लक्ष्य है कि, भविष्य में सड़क दुर्घटना को बेहद कम कर दिया जाए. जिसके चलते कारों की सेफ्टी रेटिंग तय करने वाला भारत NCAP अब अपने नए और बेहद एडवांस अवतार में सामने आने वाला है. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने अक्टूबर 2027 से भारत NCAP 2.0 को लागू करने का खाका तैयार कर लिया है. मौजूदा सुरक्षा नियम केवल यह परखते हैं कि दुर्घटना के वक्त गाड़ी के अंदर बैठे यात्री कितने सुरक्षित हैं.

बता दें कि, लेकिन नया 2.0 वर्जन एक्सीडेंट से पहले एक्सीडेंट के दौरान और एक्सीडेंट के बाद की पूरी सेफ्टी चेन का बारीकी से मूल्यांकन करेगा. इस नई नियम का मुख्य लक्ष्य भारतीय सड़कों पर हादसों में होने वाले जोखिम को कम करना और देश में बनने वाली गाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के सुरक्षा मानकों के बराबर लाकर खड़ा करना है. चलिए जानतें हैं, विस्तार से पुरे खबर के बारें में.

अब होंगे 5 कठिन क्रैश टेस्ट

आपको बता दें कि, नए सुरक्षा नियमों के तहत वाहनों को परखने का मापदंड पहले से काफी ज्यादा सख्त और व्यापक हो जाएगा. अभी गाड़ियों को 1 से 5 स्टार रेटिंग देने के लिए केवल 3 मुख्य टेस्ट किए जाते हैं लेकिन अक्टूबर 2027 से हर कार को 5 कड़े क्रैश टेस्ट से सफलतापूर्वक गुजरना होगा.

जिसमें 64 किमी/घंटा की रफ्तार से ऑफसेट फ्रंटल इम्पैक्ट, 50 किमी/घंटा की स्पीड से फुल-विड्थ रिजिड बैरियर टेस्ट, 50 किमी/घंटा पर लेटरल इम्पैक्ट, 32 किमी/घंटा पर पोल साइड इम्पैक्ट और 50 किमी/घंटा की रफ्तार से होने वाला रियर इम्पैक्ट टेस्ट शामिल है. ये सभी टेस्ट कार की बॉडी शेल और ओवरऑल मजबूती को गहराई से परखेंगे.

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क्रैश अवॉइडेंस और ADAS तकनीकों का होगा मूल्यांकन

जानकारी दें दे कि, भारत NCAP 2.0 का एक प्रमुख ध्यान इस बात पर फोकस रहेगा कि हादसा होने की नौबत ही न आए. इसके लिए गाड़ियों में मिलने वाले सेफ्टी असिस्टेंस फीचर्स और सेफ ड्राइविंग तकनीकों को अलग से स्कोर दिया जाएगा.

वहीं, कार में मौजूद ADAS, ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग, लेन डिपार्चर वॉर्निंग और ब्लाइंड स्पॉट मॉनिटरिंग जैसी आधुनिक तकनीकों की कार्य क्षमता को जांचा जाएगा. जो गाड़ियां दुर्घटना को पहले ही रोकने में जितनी अधिक सक्षम होंगी उन्हें सेफ्टी रेटिंग में उतना ही ज्यादा फायदा मिलेगा.

इन लोगों की सुरक्षा पर रहेगा जोर

बता दें कि, अक्सर सड़क दुर्घटनाओं में कार सवारों के अलावा बाहर चल रहे पैदल यात्री या दोपहिया चालक सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं. नए 2.0 फ्रेमवर्क में असुरक्षित रोड यूजर प्रोटेक्शन को एक अनिवार्य पिलर के रूप में जोड़ा गया है.

इसके तहत कार के अगले हिस्से यानी बोनट, बंपर और विंडशील्ड के बाहरी डिजाइन का गहराई से परीक्षण होगा. इसका सीधा मकसद यह सुनिश्चित करना है कि यदि कोई पैदल यात्री या साइकिल चालक कार से टकराता है तो उसके शरीर पर कोई गंभीर चोट न आएं.

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हादसे के तुरंत बाद का रेस्क्यू सिस्टम

वहीं, जब भी कोई सड़क एक्सीडेंट होता है तो शुरुआती कुछ मिनट बेहद नाजुक होते हैं और नई व्यवस्था इस जीवन-रक्षक समय पर विशेष ध्यान देगी. भारत NCAP 2.0 के तहत पोस्ट-क्रैश सेफ्टी फीचर्स को सीधे कार की ओवरऑल स्टार रेटिंग से जोड़ा जाएगा.

इसमें यह देखा जाएगा कि इम्पैक्ट के तुरंत बाद कार के सभी दरवाजे अपने आप अनलॉक होते हैं या नहीं. वहीं, फ्यूल सप्लाई तुरंत कट-ऑफ होती है या नहीं और क्या गाड़ी  इमरजेंसी सेवाओं को लोकेशन और अलर्ट भेज पाती है. ये फीचर्स यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने में बेहद मददगार साबित होंगे.

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हिमांशु सिंह पिछले साढ़े तीन साल से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं. फिलहाल वह ABP News में ऑटो बीट पर कार्यरत हैं. ऑटो सेक्टर में उन्हें नई कारों और बाइक्स के लॉन्च, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, फीचर्स, माइलेज, टेक्नोलॉजी और ऑटो मार्केट से जुड़ी खबरों की अच्छी जानकारी है. वह ऑटो से जुड़ी हर जरूरी और नई जानकारी आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करते हैं, ताकि लोग बिना किसी परेशानी के खबरों को समझ सकें.

ABP News से पहले हिमांशु DNP India, Sports Wiki और Hawk E Commerce के साथ काम कर चुके हैं. इस दौरान उन्होंने स्पोर्ट्स, राजनीति और वायरल खबरों पर भी काम किया. अलग-अलग बीट्स पर काम करने की वजह से उन्हें कई तरह की खबरों को समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने का अनुभव मिला.

हिमांशु की कोशिश रहती है कि उनकी खबरें सरल, भरोसेमंद और सीधे लोगों से जुड़ी हों. उन्हें ऐसी खबरों पर काम करना पसंद है, जिनका असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है. डिजिटल मीडिया की अच्छी समझ होने की वजह से वह ट्रेंडिंग और जरूरी खबरों को तेजी से पाठकों तक पहुंचाते हैं.

काम के अलावा हिमांशु को क्रिकेट खेलना, स्टैंडअप कॉमेडी करना और नई जगहों पर घूमना पसंद है. उनका मानना है कि नई जगहों को देखना और नए लोगों से मिलना सोच को बेहतर बनाता है, जिसका फायदा उनके काम में भी मिलता है.

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