क्या है Honda का बड़ा प्लान? भारत में ला सकती है 10 नई गाड़ियां
Honda भारत में 2030 तक 10 से ज्यादा प्रोडक्ट्स लाने का लक्ष्य लेकर चल रही है. कंपनी का फोकस SUVs, EVs और Hybrid मॉडल पर रहेगा

Honda Cars India भारतीय बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए बड़ा प्रोडक्ट प्लान तैयार कर रही है. कंपनी का लक्ष्य 2030 तक भारत में 10 से ज्यादा प्रोडक्ट्स का पोर्टफोलियो तैयार करना है. इस पोर्टफोलियो में SUVs की हिस्सेदारी काफी ज्यादा रहने वाली है. Honda के मुताबिक, कंपनी छोटी यानी 4 मीटर से कम लंबाई वाली SUVs से लेकर 4 मीटर से बड़ी SUVs तक अपनी मौजूदगी बढ़ाएगी.
कंपनी के सेल्स एंड मार्केटिंग वाइस प्रेसिडेंट Kunal Behl ने बताया कि SUV सेगमेंट में कंपनी की रणनीति पेट्रोल और इलेक्ट्रिक दोनों तरह के मॉडल लाने की है. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि Honda ने 10 नई गाड़ियों के नाम या लॉन्च डेट की पूरी लिस्ट जारी कर दी है. यह कंपनी का 2030 तक 10 से ज्यादा प्रोडक्ट्स का लक्ष्य है.
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छोटी SUV से लेकर नई Electric SUV तक तैयारी
Honda के इस प्लान में सबसे अहम भूमिका SUVs की होगी. कंपनी फिलहाल Elevate के साथ मिड-साइज SUV सेगमेंट में मौजूद है और इसके बाद कई नए मॉडल जोड़ने की तैयारी है. Honda की पहली भारत-केन्द्रित इलेक्ट्रिक SUV 0 Alpha भी इस रणनीति का हिस्सा है. कंपनी ने साफ किया है कि 0 Alpha, Elevate का इलेक्ट्रिक वर्जन नहीं होगी, बल्कि यह 4 मीटर से बड़ी एक बिल्कुल नई SUV होगी. इसके अलावा Honda एक सब-4-मीटर SUV पर भी काम कर रही है, जिससे कंपनी भारत के बड़े कॉम्पैक्ट SUV सेगमेंट में एंट्री कर सकेगी. हालांकि, इस नई छोटी SUV की कीमत, नाम और सटीक लॉन्च डेट अभी सामने नहीं आई है.
Petrol और EV के साथ Hybrid पर भी फोकस
Honda आने वाले वर्षों में सिर्फ इलेक्ट्रिक कारों पर निर्भर रहने की तैयारी नहीं कर रही है. कंपनी के मुताबिक, पेट्रोल और BEV यानी Battery Electric Vehicle फिलहाल उसकी रणनीति के दो प्रमुख हिस्से हैं. इसके साथ ही Hybrid तकनीक को भी भविष्य के लिए अहम माना जा रहा है. Honda ने बताया है कि उसकी अगली पीढ़ी की Hybrid तकनीक 2027 में ग्लोबल स्तर पर पेश की जाएगी और इसके बाद इसे भारत में भी लाया जाएगा. यानी आने वाले समय में Honda के पोर्टफोलियो में पेट्रोल, Hybrid और Electric तीनों तरह की गाड़ियां देखने को मिल सकती हैं. कंपनी का मानना है कि अलग-अलग सेगमेंट में ग्राहकों की जरूरत के हिसाब से पावरट्रेन का चुनाव किया जाएगा.
Honda क्यों बदल रही है अपनी रणनीति
भारत में Honda का कार पोर्टफोलियो लंबे समय से सीमित रहा है, इसलिए कंपनी अब ज्यादा सेगमेंट को कवर करने की कोशिश कर रही है. नए मॉडल लाने के साथ Honda भारत में अपनी कारों की लागत और डेवलपमेंट टाइम को भी कम करना चाहती है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी ने भारत में ज्यादा किफायती और स्थानीय जरूरतों के हिसाब से मॉडल विकसित करने के लिए Tata Technologies के साथ काम शुरू किया है. पहली ऐसी सब-4-मीटर SUV के 2028 के आसपास आने की जानकारी सामने आई है. इसके बाद मिड-साइज SUV भी लाई जा सकती है. Honda की EV रणनीति में सिर्फ कार लॉन्च करना ही नहीं, बल्कि चार्जिंग स्टेशन और होम चार्जिंग जैसे पूरे EV इकोसिस्टम को मजबूत करना भी शामिल है. ऐसे में 2030 तक 10 से ज्यादा प्रोडक्ट्स का लक्ष्य Honda को भारत में ज्यादा सेगमेंट में मुकाबला करने का मौका दे सकता है, लेकिन इनमें से हर मॉडल का लॉन्च अभी आधिकारिक तौर पर तय नहीं हुआ है.
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