ऑटो सेक्टर ने बनाया रिकॉर्ड, सितंबर में बिकीं 25.37 लाख गाड़ियां
भारतीय ऑटो सेक्टर ने सितंबर में बनाया नया रिकॉर्ड फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर एसोसिएशन (FADA) के अनुसार इस महीने कुल 25.37 लाख गाड़ियां बिकीं.

इंडिया में गाड़ियों की बिक्री ने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. क्योंकि पिछला महीना यानी सितंबर में ऑटो खुदरा बिक्री ने अब तक के सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. हाल ही में फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर एसोसिएशन (FADA) की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार सितंबर महीने में देश भर में कुल 25,36,920 वाहनों की बिक्री दर्ज की गई है. चलिए जानतें हैं कौन सी सेगमेंट की गाड़ियों का बोलबाला रहा है.
दोपहिया वाहनों की हुई खूब बिक्री
बता दें कि इस रिकॉर्ड तोड़ बिक्री में सबसे बड़ा योगदान टू-व्हीलर सेगमेंट का रहा है. गांव और शहरी दोनों ही क्षेत्रों से मोटरसाइकिल और स्कूटरों की जबरदस्त मांग देखने को मिली. बजट और डेली कम्यूटर्स की जरूरत को पूरा करने वाले इन दोपहिया वाहनों ने कुल बिक्री के आंकड़ों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है.
जिसके चलते पैसेंजर व्हीकल यानी कारों और एसयूवी सेगमेंट में भी ग्राहकों की तरफ से लगातार मजबूत बुकिंग और डिलीवरी दर्ज की गई है. जिससे वाहन कंपनियों की जमकर बिक्री हुई है.
पेट्रोल वाहन का रहा दबदबा
सितंबर 2026 में कुल पैसेंजर वाहन बिक्री का 41.27% पेट्रोल कारों का रहा है. कम बजट वाली कारों से लेकर कई बड़ी एसयूवी तक में पेट्रोल का विकल्प आज भी सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है. लेकिन अब कई फ्यूल ऑप्शन के तेजी से आगे बढ़ने के कारण यह पारंपरिक बढ़त लगभग बराबरी पर आ गई है. कम रखरखाव लागत और एंट्री-लेवल सेगमेंट में उपलब्धता के चलते खरीदारों के बीच पेट्रोल की मांग अभी भी मजबूत बनी हुई है.

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डीजल वाहन का गिरा ग्राफ
जबकि बात करें अगर डीजल सेगमेंट की तो सितंबर 2026 के आंकड़ों के अनुसार पैसेंजर व्हीकल बाजार में डीजल की हिस्सेदारी लगभग 17.74% दर्ज की गई है. हालांकि कड़े एमिशन नॉर्म्स और पेट्रोल-हाइब्रिड की तरफ शिफ्ट होते रुझान के कारण इसकी हिस्सेदारी घटी है. लेकिन लंबी दूरी तय करने वाले चालकों, फ्लीट ऑपरेटर्स और भारी-भरकम एसयूवी प्रेमियों के बीच टॉर्क और पावर के लिए डीजल की मांग अभी भी स्थिर बनी हुई है.
सीएनजी वाहन भी जमकर बिकी
बजट सेगमेंट के ग्राहकों और कम खर्च में रोजाना सफर करने वालों के लिए सीएनजी गाड़ियां पहली पसंद बनी हुई हैं. सितंबर महीने में सीएनजी और एलपीजी वाहनों ने पैसेंजर गाड़ियों की कुल बिक्री में 23.11% की मजबूत हिस्सेदारी दर्ज की है. मारुति सुजुकी, टाटा और हुंडई जैसी कंपनियों की फैक्ट्री-फिटेड सीएनजी कारों की ताबड़तोड़ बुकिंग्स ने इस सेगमेंट को आसमान पर पहुंचा दिया है.

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हाइब्रिड वाहन भी पकड़ रही रफ़्तार
वहीं भारतीय ऑटो बाजार में स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड और प्लग-इन हाइब्रिड तकनीक तेजी से उभर रही है. सितंबर 2026 में पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में हाइब्रिड गाड़ियों की हिस्सेदारी उछलकर 9.44% पर पहुंच गई है. मर्सिडीज-मायबाक जैसी लग्जरी कारों से लेकर मास-मार्केट सेगमेंट तक हाइब्रिड तकनीक को खरीदारों का भरपूर समर्थन मिल रहा है.
EV ने बनाया नया रिकॉर्ड
सितंबर महीने में भारत के इलेक्ट्रिक वाहन बाजार ने इतिहास रच दिया है. क्योंकि, देश में कुल ईवी खुदरा बिक्री 74 प्रतिशत की जबरदस्त उछाल के साथ रिकॉर्ड 3,33,364 यूनिट्स पर पहुंच गई है जिससे कुल ईवी हिस्सेदारी बढ़कर करीब 13 प्रतिशत हो गई है.
इस ऐतिहासिक बढ़ोतरी में सबसे बड़ा योगदान इलेक्ट्रिक कारों और दोपहिया वाहनों का रहा है. सितंबर में इलेक्ट्रिक पैसेंजर गाड़ियां लगभग दोगुनी होकर 36,108 यूनिट्स पर पहुंच गईं. जबकि इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन भी बढ़कर 2,07,314 यूनिट्स के नए ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गए.
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