एक्सीडेंट के कितने समय बाद तक करना होता है इंश्योरेंस क्लेम, नहीं तो हो सकता है रिजेक्ट
Car Accident Insurance Claim: कार या बाइक एक्सीडेंट के बाद इंश्योरेंस क्लेम करने की एक समय सीमा होती है. जानिए कितने दिनों के भीतर कंपनी को सूचना देना जरूरी है, नहीं तो क्लेम रिजेक्ट हो सकता है.

Car Accident Insurance Claim: आजकल भाग दौड़ भरी जिंदगी में किसी के पास समय नहीं है. जिसके चलते अक्सर देखा जाता है कि, लोग सड़कों पर बहुत तेजी से ही गाड़ी चलाते हैं. जिसके चलते भारत में एक्सीडेंट के नंबर लगातार बढ़ रहे हैं. बता दें कि, जब कोई एक्सीडेंट होता है तो इंसान सबसे पहले अपनी और गाड़ी की सुरक्षा को लेकर परेशान हो जाता है. उस हड़बड़ाहट में ज्यादातर लोग एक बहुत जरूरी काम भूल जाते हैं और वह है इंश्योरेंस कंपनी को समय पर सूचना देना.
कई बार लोग सोचते हैं कि गाड़ी लड़ने के बाद थोड़ा रुक लेते हैं और उसके बाद आराम से क्लेम लेने का सोचते हैं. लेकिन ऐसा सोचना आपकी जेब पर बहुत भारी पड़ सकता है. हर इंश्योरेंस पॉलिसी के कुछ कड़े नियम होते हैं जिनके तहत अगर आपने तय समय के भीतर क्लेम फाइल नहीं किया, तो कंपनी आपके क्लेम को सीधे रिजेक्ट कर सकती है. तो चलिए जानतें हैं कि, एक्सीडेंट के बाद कितने समय बाद तक इंश्योरेंस क्लेम कर सकते हैं.
24 से 72 घंटे बेहद खास समय
बता दें कि, आमतौर पर सभी बड़ी इंश्योरेंस कंपनियां एक्सीडेंट होने के बाद क्लेम की सूचना देने के लिए 24 से 72 घंटे यानी 1 से 3 दिन का समय तय करती हैं. इस टाइम लिमिट को पॉलिसी की भाषा में इंटीमेशन पीरियड कहा जाता है. एक्सीडेंट चाहे छोटा हो या बड़ा आपको इस समय सीमा के भीतर कस्टमर केयर पर कॉल करके या उनकी वेबसाइट या ऐप के ज़रिए हादसे की जानकारी दे देनी चाहिए.
अगर आप इस तय वक्त के बाद कंपनी से संपर्क करते हैं तो आपको देरी करने की एक बहुत ठोस और वाजिब वजह बतानी होगी. नहीं तो कंपनी बिना देर किए आपका क्लेम खारिज कर देगी.
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इन गलतियों से बचें
आपको बता दें कि, समय पर सूचना देने के अलावा कुछ और ऐसी बातें भी हैं जो क्लेम पास कराने के लिए जरूरी हैं. एक्सीडेंट होते ही सबसे पहले घटनास्थल और गाड़ी के नुकसान की तस्वीरें और वीडियो जरूर बना लें. कंपनी का सर्वेयर आने से पहले गाड़ी को खुद से किसी लोकल गैरेज में ठीक कराने की गलती बिल्कुल न करें.
क्योंकि इससे सर्वेयर को नुकसान का सही अंदाजा नहीं मिल पाता. इसके साथ ही, क्लेम फॉर्म भरते समय हादसे की बिल्कुल सही और सच्ची जानकारी दें. अगर कंपनी को लगा कि आपने कोई बात छुपाई है या गलत जानकारी दी है तो समय पर अप्लाई करने के बाद भी आपका क्लेम अटक सकता है.
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