एक्सप्लोरर

क्या प्रशांत किशोर बनेंगे बिहार के मुख्यमंत्री? ग्रहों का खेल और 'जन सुराज' का भविष्य!

Prediction: प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) क्या मुख्यमंत्री बन सकते हैं? अंक ज्योतिष और कुंडली में बैठे ग्रह इस प्रश्न का क्या उत्तर दे रहे हैं, आइए जानते हैं.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • प्रशांत किशोर की अंक ज्योतिष के अनुसार 2026-27 में सीएम बनने की प्रबल संभावना है।
  • उनकी कुंडली वृश्चिक लग्न और मीन राशि की है, जो गहरी सोच और जनसंपर्क दर्शाती है।
  • ग्रहों के अनुसार, शुक्र महादशा लोकप्रियता और सत्ता प्राप्ति में सहायक सिद्ध होगी।
  • सावधानियों में बुध का नीच होना और शनि का वक्री होना, धैर्य व संयम की आवश्यकता बताते हैं।

Prediction: बिहार की राजनीति में अगर किसी एक नाम ने पिछले कुछ सालों में सबसे ज़्यादा हलचल मचाई है तो वह है प्रशांत किशोर. कभी नरेंद्र मोदी के प्रचार रणनीतिकार, तो कभी ममता बनर्जी और नीतीश कुमार के भरोसेमंद सलाहकार. प्रशांत किशोर हमेशा सत्ता के इर्द-गिर्द रहे हैं, लेकिन स्वयं उससे दूर. अब जब उन्होंने 'जन सुराज' का रास्ता चुना है, सवाल उठता है, क्या वे मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंच सकते हैं? ग्रहों और अंक-ज्योतिष दोनों ने इस रहस्य का दिलचस्प जवाब दिया है.

कुछ वेबसाइट पर प्रशांत किशोर के जन्म की डेट 20 मार्च 1977 बताई जा रही है. इसके अनुसार उनका मूलांक 2 है, जो चंद्रमा ग्रह का प्रतीक माना जाता है. अंक 2 वाले व्यक्ति भावनात्मक, कल्पनाशील और रणनीति में बेहद निपुण होते हैं. वे सामने से नहीं, बल्कि पीछे रहकर इतिहास रचते हैं. यही वजह है कि प्रशांत किशोर का पूरा राजनीतिक सफर पर्दे के पीछे से सत्ता का चेहरा तय करने में बीता है. लेकिन अब जब उनके सितारे बदल रहे हैं, तो भाग्य कहता है कि यह शख्स अब खुद केंद्र में आ सकता है.

उनकी कुंडली के अनुसार चंद्रमा मीन राशि में है और लग्न वृश्चिक का है. यह संयोजन व्यक्ति को गहरा सोचने वाला और परिस्थितियों में छिपे अवसरों को पहचानने में सक्षम बनाता है. इसीलिए वे 'जनभावना' और 'रणनीति' दोनों की नब्ज़ को एक साथ पकड़ लेते हैं. वृश्चिक लग्न उन्हें गहराई, रहस्य और नियंत्रण देता है जबकि मीन चंद्र उन्हें जनसंपर्क और भावनात्मक जुड़ाव की शक्ति देता है. यही दो गुण किसी भी नेता को शीर्ष पर पहुंचाने की कुंजी होते हैं.

अंक-ज्योतिष के हिसाब से आने वाला समय, यानी 2026-27, उनके लिए निर्णायक साबित हो सकता है. उस समय वे शुक्र महादशा में प्रवेश करेंगे और शुक्र राजनीति में लोकप्रियता, करिश्मा और सार्वजनिक छवि का ग्रह है. यह ग्रह व्यक्ति को भीड़ से जुड़ने, सम्मान पाने और सत्ता तक पहुंचने का अवसर देता है. ग्रहों के संकेत कहते हैं कि अगर प्रशांत किशोर आने वाले दो वर्षों में अपनी संगठनात्मक शक्ति और जनता के भरोसे को ठोस रूप दें, तो मुख्यमंत्री बनने का मार्ग उनके लिए खुल सकता है.

हालांकि राह आसान नहीं है. इंटरनेट पर उपलब्ध उनकी कुंडली में बुध नीच का है और शनि वक्री स्थिति में. इसका अर्थ यह है कि कभी-कभी उनके विचार जनता तक देर से पहुंचते हैं या विरोध में गलत व्याख्या हो जाती है. यही ग्रह उन्हें सिखाते हैं, जल्दबाज़ी से नहीं, बल्कि दृढ़ रणनीति और संयम से आगे बढ़ना होगा. अगर वे व्यक्तिगत अहंकार से ऊपर उठकर सहयोगियों के साथ टीम बनाते हैं, तो यही लोग आने वाले समय में उनकी शक्ति का आधार बनेंगे.

वर्तमान ग्रह स्थिति कहती है कि अभी वे 'रणनीतिकार' से 'नेता' में बदलने की प्रक्रिया में हैं. वर्ष 2026-27 में यदि वे अपने 'जन सुराज' अभियान को व्यापक आंदोलन का रूप दे सके, तो भाग्य और ग्रह दोनों उनके पक्ष में होंगे. सिंह चंद्र और शुक्र की ऊर्जा उनके लिए 'राजयोग' का निर्माण कर सकती है. लेकिन अगर वे अकेले चलने की कोशिश करेंगे, तो राह कठिन होगी.

संक्षेप में कहा जाए तो प्रशांत किशोर मुख्यमंत्री बन सकते हैं, पर समय मांगता है धैर्य और संतुलन. उनका भाग्य अगले दो वर्षों में तय करेगा कि वे बिहार की राजनीति के 'किंगमेकर' रहेंगे या 'किंग' बन जाएंगे. ग्रहों ने संकेत दे दिए हैं, अब चाल उन्हें चलनी है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

About the author Hirdesh Kumar Singh

हृदेश कुमार सिंह, Senior Vedic Astrologer | Astro Media Editor | Digital Strategy Leader

"ज्योतिष केवल भविष्य बताने की विद्या नहीं, बल्कि समय को समझने की कला है."

हृदेश कुमार सिंह लंबे समय से ज्योतिष, धर्म, अध्यात्म और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वे उन चुनिंदा लोगों में माने जाते हैं जिन्होंने पारंपरिक ज्योतिष को आज की बदलती दुनिया, डिजिटल संस्कृति और नई पीढ़ी की सोच से जोड़ने का प्रयास किया है. उनके लिए ज्योतिष केवल ग्रहों की गणना नहीं, बल्कि मानव व्यवहार, सही समय और जीवन के निर्णयों को समझने का माध्यम है.

वर्तमान में वे ABP Live में Astro, Religion और Dharma LIVE से जुड़े कंटेंट और डिजिटल रणनीति का नेतृत्व कर रहे हैं. यहां उनका फोकस ज्योतिष और धर्म को ऐसे रूप में प्रस्तुत करना है, जो आज के पाठकों और दर्शकों की जिंदगी से सीधे जुड़ सके. यही कारण है कि उनके लेखन और विश्लेषण में केवल पारंपरिक बातें नहीं, बल्कि करियर, रिश्ते, मानसिक तनाव, सामाजिक बदलाव, तकनीक और बदलती जीवनशैली जैसे विषय भी दिखाई देते हैं.

उन्होंने Indian Institute of Mass Communication (IIMC), New Delhi से पत्रकारिता और IIMT University Meerut से ज्योतिष शास्त्र व वास्तु शास्त्र की पढ़ाई की है और Astrosage व Astrotalk जैसे प्लेटफॉर्म्स के साथ भी काम किया है. मीडिया, ऑडियंस बिहेवियर, डिजिटल पब्लिशिंग और कंटेंट रणनीति की समझ ने उनके काम को अलग पहचान दी है.

हृदेश कुमार सिंह के कई ज्योतिषीय और सामाजिक विश्लेषण समय-समय पर चर्चा में रहे हैं. राजनीति, शेयर बाजार, मनोरंजन जगत, AI और बदलते सामाजिक माहौल जैसे विषयों पर उनके आकलनों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है. उनके विश्लेषण वैदिक गणना, गोचर, मेदिनी ज्योतिष और समाज की बदलती मानसिकता की समझ पर आधारित होते हैं.

वे वैदिक ज्योतिष, होरा शास्त्र, संहिता, मेदिनी ज्योतिष, अंक ज्योतिष और वास्तु शास्त्र जैसे विषयों पर अध्ययन और लेखन करते रहे हैं. करियर, विवाह, व्यापार, शिक्षा और जीवन के महत्वपूर्ण फैसलों से जुड़े विषयों पर वे पारंपरिक ज्योतिष को आधुनिक जीवन की वास्तविक परिस्थितियों से जोड़कर देखने का प्रयास करते हैं.

डिजिटल दौर में ज्योतिष को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए उन्होंने 'Gen-Z Horoscope' जैसे कॉन्सेप्ट पर भी काम किया, जिसमें राशिफल को केवल भाग्य या डर से जोड़कर नहीं, बल्कि career pressure, relationship confusion, emotional wellbeing और real-life decision making जैसी बातों से जोड़ा गया.

उनका मानना है कि आज के समय में सबसे बड़ी चुनौती जानकारी की कमी नहीं, बल्कि सही समझ की कमी है. वे ज्योतिष को ऐसा माध्यम मानते हैं, जो व्यक्ति को डराने के बजाय उसे बेहतर निर्णय लेने और खुद को समझने में मदद कर सकता है.

श्रीमद्भगवद्गीता के कर्म सिद्धांत, भगवान बुद्ध के संतुलन के विचार, सूफी चिंतन और आधुनिक मनोविज्ञान से प्रभावित उनकी सोच उनके लेखन में भी दिखाई देती है. यही वजह है कि उनका काम केवल भविष्यवाणी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि लोगों को सोचने और अपने जीवन को नए नजरिए से देखने के लिए प्रेरित करता है.

ज्योतिष और मीडिया के अलावा उन्हें सिनेमा, संगीत, साहित्य, राजनीति, बाजार, पर्यावरण, ग्रामीण जीवन और यात्राओं में विशेष रुचि है. इन अनुभवों का असर उनके विषय चयन और लेखन शैली में साफ दिखाई देता है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Numerology: जन्म की तिथि से खुलता है आपका दिव्य रहस्य! जानिए कौन-से देवता हैं आपके अदृश्य रक्षक और कैसे पाएं उनकी कृपा
जन्म की तिथि से खुलता है आपका दिव्य रहस्य! जानिए कौन-से देवता हैं आपके अदृश्य रक्षक और कैसे पाएं उनकी कृपा
Numerology: सूर्य-शिव संयोग में करें सही मंत्र का जाप, मूलांक के अनुसार जानें सावन का उपाय
मूलांक के अनुसार सावन में कौन-सा शिव मंत्र जपें?
Rahul Gandhi Birthday: मूलांक 1 के हैं राहुल गांधी, जानें इस अंक के लोगों की खासियत
Rahul Gandhi Birthday: मूलांक 1 के हैं राहुल गांधी, जानें इस अंक के लोगों की खासियत
Ank Rashifal 19 June 2026: आज सूर्य-शनि का टकराव! इन 4 मूलांक वालों के जीवन में अचानक आएगा बड़ा बदलाव
अंक राशिफल 19 जून 2026: शुक्रवार को संभलकर रहें ये मूलांक वाले, एक छोटी सी गलती से हो सकता है बड़ा आर्थिक नुकसान!

वीडियोज

Sairaab: Nayanika को हुआ कैंसर, बीमारी की खबर सुन गहरी चिंता में डूबा Ishan
Sansani | Crime News:कौन है रजनी की जिंदगी के खूंखार विलेन? | Parking Controversy
Bollywood News: यश की नई फिल्म 'टॉक्सिक' का धमाका, फादर्स डे पर हुआ आधिकारिक ऐलान (21.06.26)
BMW iX1 Range Test | The best entry level luxury ev? | Auto Live #bmw #bmwix1 #ev
Sansani | Bharat Tiwari Encounter Case | Bhojpur: एनकाउंटर या Murder?

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
एकनाथ शिंदे ने तोड़े उद्धव ठाकरे के सांसद तो भड़की कांग्रेस, पवन खेड़ा बोले- 'ये ऑपरेशन कीचड़, जहां कमल...'
शिंदे ने तोड़े ठाकरे के सांसद तो भड़की कांग्रेस, पवन खेड़ा बोले- 'ये ऑपरेशन कीचड़, जहां कमल...'
लालू राज में भी हुआ फर्जी एनकाउंटर, भरत तिवारी केस से चर्चा में आया 33 साल पुराना कांड
लालू राज में भी हुआ फर्जी एनकाउंटर, भरत तिवारी केस से चर्चा में आया 33 साल पुराना कांड
भारत संग बॉर्डर विवाद पर बालेन शाह मान ही नहीं रहे, यूके के मीडिएशन पर सफाई भी दी और अड़े भी, 'जरूरत पड़ी तो...'
भारत संग बॉर्डर विवाद पर बालेन शाह मान ही नहीं रहे, यूके के मीडिएशन पर सफाई भी दी और अड़े भी, 'जरूरत पड़ी तो...'
‘सॉरी यूनिवर्स बॉस’, कीरोन पोलार्ड ने तोड़ा क्रिस गेल का महारिकॉर्ड, फिर मांगी माफी
‘सॉरी यूनिवर्स बॉस’, कीरोन पोलार्ड ने तोड़ा क्रिस गेल का महारिकॉर्ड, फिर मांगी माफी
पंकज त्रिपाठी के बड़े भाई पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला, हालत नाजुक, एक आरोपी गिरफ्तार
पंकज त्रिपाठी के बड़े भाई पर पुरानी रंजिश के चलते जानलेवा हमला, एक आरोपी गिरफ्तार
थलापति विजय का 52वां बर्थडे, राहुल गांधी ने खास अंदाज में किया विश, कहा- 'तमिल लोगों के...'
थलापति विजय का 52वां बर्थडे, राहुल गांधी ने खास अंदाज में किया विश, कहा- 'तमिल लोगों के...'
अरविंद केजरीवाल ने किया अयोध्या जाने का ऐलान तो कपिल मिश्रा ने कसा तंज, 'जुमे की नमाज के बाद जाएंगे या...'
रामलला के दर्शन करने अयोध्या जाएंगे अरविंद केजरीवाल, कपिल मिश्रा का तंज- 'जुमे की नमाज के बाद...'
Yoga Day का पहला रुझान, योगा मैट लूटने के लिए टूट पड़ी पब्लिक; देखें वायरल वीडियो 
Yoga Day का पहला रुझान, योगा मैट लूटने के लिए टूट पड़ी पब्लिक; देखें वायरल वीडियो 
Embed widget