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अब मंडी जाने का झंझट खत्म, घर के छोटे से स्पेस में उगाएं ये 5 आसान सब्जियां और हर महीने बचाएं हजारों रुपये

Vegetables Growing Tips: बाजार की महंगी और केमिकल वाली सब्जियों को छोड़ अब लोग घर की बालकनी या छत पर ही होम गार्डनिंग कर रहे हैं. मिर्च, धनिया, टमाटर, पालक और पुदीना बहुत कम जगह में उग जाती हैं.

Vegetables Growing Tips:  बाजार में सब्जियों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं जिससे हर महीने किचन का बजट बिगड़ जाता है. ऐसे में महंगाई से परेशान होने के बजाय होम गार्डनिंग एक स्मार्ट ऑप्शन है. अगर आपके घर में बड़ा बगीचा नहीं है तो भी चिंता की बात नहीं है. आप अपने घर की छोटी सी बालकनी या छत के खाली स्पेस का इस्तेमाल करके आसानी से अपनी जरूरत की हरी सब्जियां उगा सकते हैं. 

घर पर सब्जियां उगाने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपको एकदम फ्रेश और केमिकल फ्री ऑर्गेनिक चीजें खाने को मिलती हैं. तो चलिए आपको बताते हैं ऐसी ही 5 सब्जियों के बारे में जिन्हें आप बहुत कम जगह में फटाफट उगा सकते हैं और हर महीने अपने हजारों रुपये बचा सकते हैं.

गमले में आसानी से उगाएं हरी मिर्च

हमारे खाने में हरी मिर्च का इस्तेमाल रोज होता है, और इसके बढ़ते दाम अक्सर बजट बिगाड़ देते हैं. अच्छी बात यह है कि हरी मिर्च को आप बालकनी या छत पर आसानी से उगा सकते हैं. इसे लगाने के लिए बहुत बड़े स्पेस की जरूरत नहीं है बस एक 10-12 इंच का गमला काफी होता है.

मिर्च के पौधे को दिन में 5-6 घंटे की सीधी धूप चाहिए होती है. इसके बीज आप मार्केट से ला सकते हैं या घर की सूखी लाल मिर्च के बीजों से भी पौध तैयार कर सकते हैं. एक बार पौधा बड़ा होने पर यह महीनों तक ताजी मिर्च देता रहेगा.

घर की बालकनी में उगाएं हरा धनिया

किचन गार्डनिंग की शुरुआत के लिए हरा धनिया सबसे आसान और बेस्ट ऑप्शन है. धनिया उगाने के लिए गहरे गमले की जगह चौड़े और कम गहराई वाले बर्तनों या प्लास्टिक ट्रे का इस्तेमाल करें. घर के किचन वाले साबुत धनिये के बीजों को हल्का रगड़कर दो भागों में तोड़ लें और मिट्टी के ऊपर बिखेरकर हल्की मिट्टी से ढक दें.

इसके बाद स्प्रे बोतल से थोड़ा पानी छिड़कें ताकि नमी बनी रहे. धनिये को बहुत तेज धूप की जरूरत नहीं होती, इसलिए यह हल्की धूप में भी बहुत शानदार तरीके से बढ़ जाता है. मात्र 25-30 दिनों में आपका हरा धनिया कटाई के लिए तैयार हो जाता है.

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ताजे और रसीले टमाटरों की बंपर पैदावार

बाजार में टमाटर के भाव कब बढ़ जाएं, इसका कोई भरोसा नहीं होता. ऐसे में घर की छत पर टमाटर उगाना समझदारी भरा फैसला है. टमाटर का पौधा लगाने के लिए कम से कम 12-15 इंच का गमला चुनें ताकि जड़ें अच्छी तरह फैल सकें.

टमाटर के बीजों से पहले छोटी पौध तैयार की जाती है और फिर उन्हें बड़े गमले में शिफ्ट करते हैं. इस पौधे को सीधे खड़े रहने के लिए एक लकड़ी का सपोर्ट देना बहुत जरूरी होता है. टमाटर के पौधे को भरपूर धूप और समय पर पानी चाहिए. दो-तीन महीनों में इसमें लाल-रसीले टमाटर आने लगते हैं.

गमले में उगाएं सेहतमंद पालक

पालक एक ऐसी हरी पत्तेदार सब्जी है जिसे घर पर उगाना बहुत सरल है. धनिये की तरह पालक के लिए भी चौड़े गमले सबसे बेस्ट रहते हैं. इसके बीजों को मिट्टी में सीधे बोया जाता है और यह बहुत तेजी से अंकुरित होते हैं. पालक की खासियत यह है कि यह कम धूप वाली बालकनी में भी शानदार तरीके से ग्रो करता है.

इसे उगाने के लिए मिट्टी में अच्छी मात्रा में गोबर की खाद या वर्मीकंपोस्ट मिलाएं ताकि पत्तियां बड़ी और चमकदार हों. बोने के लगभग 4-5 हफ्ते बाद आप इसकी पत्तियां काट सकते हैं, जिसके बाद नई पत्तियां दोबारा निकल आती हैं.

छोटे से स्पेस में लगाएं खुशबूदार पुदीना

गर्मियों के मौसम में पुदीने की डिमांड बहुत ज्यादा होती है और इसे घर में उगाना सबसे आसान है. पुदीने को उगाने के लिए बीजों की जरूरत नहीं पड़ती, आप बाजार वाले पुदीने की डंडियों से ही इसे आसानी से उगा सकते हैं. पुदीने की स्वस्थ डंडियों की नीचे की पत्तियां हटाकर उन्हें सीधे गीली मिट्टी में लगा दें.

कुछ ही दिनों में जड़ें निकल आती हैं. पुदीना बहुत तेजी से फैलता है इसलिए इसके लिए चौड़ा गमला बढ़िया रहता है. इसकी मिट्टी में हमेशा हल्की नमी बनाए रखें. इसकी खुशबू आपके घर के वातावरण को एकदम फ्रेश रखती है.

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About the author नीलेश ओझा

नीलेश ओझा पिछले पांच साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उनकी लेखन शैली में तथ्यों की सटीकता और इंसानी नजरिए की गहराई दोनों साथ-साथ चलती हैं.पत्रकारिता उनके लिए महज़ खबरें इकट्ठा करने या तेजी से लिखने का काम नहीं है. वह मानते हैं कि हर स्टोरी के पीछे एक सोच होनी चाहिए.  

कुछ ऐसा जो पाठक को सिर्फ जानकारी न दे बल्कि सोचने के लिए भी मजबूर करे. यही वजह है कि उनकी स्टोरीज़ में भाषा साफ़ होती है.लिखने-पढ़ने का शौक बचपन से रहा है. स्कूल की नोटबुक से शुरू हुआ यह सफर धीरे-धीरे पेशेवर लेखन और पत्रकारिता तक पहुंचा. आज भी उनके लिए लेखन सिर्फ पेशा नहीं है यह खुद को समझने और दुनिया से संवाद करने का ज़रिया है.

पत्रकारिता के अलावा वह साहित्य और समकालीन शायरी से भी गहराई से जुड़े हुए हैं. कभी भीड़ में तो कभी अकेले में ख्यालों को शायरी की शक्ल देते रहते हैं. उनका मानना है कि पत्रकारिता का काम सिर्फ घटनाएं गिनाना नहीं है. बल्कि पाठक को उस तस्वीर के उन हिस्सों तक ले जाना है. जो अक्सर नजरों से छूट जाते हैं.

उन्होंने स्पोर्ट्सविकी, क्रिकेट एडिक्टर, इनशॉर्ट्स और जी हिंदुस्तान जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है.

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