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UP Wheat Procurement 2026: यूपी में MSP पर गेहूं की खरीद शुरू, किसान भाई यहां करें रजिस्ट्रेशन; देखें पूरा प्रोसेस

UP Wheat Procurement 2026: गेहूं खरीद शुरू होने से पहले ही 2.24 लाख से ज्यादा किसान अपनी उपज बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन कर चुके हैं. सरकार को बड़ी मात्रा में गेहूं की खरीद की उम्मीद है.

UP Wheat Procurement 2026: उत्तर प्रदेश में रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं की सरकारी खरीद आज यानी सोमवार से शुरू हो गई है. राज्य सरकार ने किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य देने के लिए व्यापक तैयारी की है. इस बार खरीद 15 जून तक चलेगी और शुरुआत से पहले ही बड़ी संख्या में किसानों ने इसमें भाग लेने के लिए रजिस्ट्रेशन कर लिया है.

सरकार का कहना है की इस पूरी प्रक्रिया को आसान, पारदर्शी और किसानों के लिए सुविधाजनक बनाया गया है, ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि यूपी में गेहूं की खरीद को लेकर किसान भाई रजिस्ट्रेशन कहां कर सकते हैं और इसका पूरा प्रोसेस क्या है.

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2.24 लाख से ज्यादा किसानों ने किया रजिस्ट्रेशन

गेहूं खरीद शुरू होने से पहले ही 2.24 लाख से ज्यादा किसान अपनी उपज बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन कर चुके हैं. सरकार को उम्मीद है कि इस बार अच्छी पैदावार के चलते बड़ी मात्रा में गेहूं की खरीद होगी. इसी को देखते हुए खरीद लक्ष्य को भी बढ़ाया गया है. इस बार गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है जो पिछले साल की तुलना में 160 रुपये ज्यादा है. इसके अलावा किसानों को उतराई, छनाई और सफाई के लिए 20 रुपये प्रति क्विंटल एक्स्ट्रा दिए जाएंगे, जिससे उनकी आय में बढ़ोतरी होगी.

6500 क्रय केंद्र होंगे संचालित, 3574 पहले से तैयार

सरकार की ओर से इस खरीद के लिए प्रदेश में कुल 6500 क्रय केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जिनमें से 3574 पहले केंद्र पहले ही चालू हो चुके हैं. यह केंद्र रोजाना सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक खुले रहेंगे. खाद्य एवं रसद विभाग समेत 8 एजेंसी मिलकर इस पूरी व्यवस्था को संचालित करेगी. सरकार ने निर्देश दिए हैं कि केंद्रों पर किसानों के लिए छाया, पीने का पानी और बैठने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए. वहीं शुरुआत में 30 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य रखा गया था, जिसे बढ़ाकर 50 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है. अच्छी फसल को देखते हुए सरकार ज्यादा से ज्यादा गेहूं खरीदने की तैयारी में है, ताकि किसानों को बाजार में कम दाम पर बेचने की जरूरत न पड़े.

48 घंटे में सीधे खाते में होगा पेमेंट

सरकार ने पेमेंट को लेकर भी सख्त निर्देश दिए हैं. किसानों को गेहूं बेचने के 48 घंटे के भीतर डीबीटी के जरिए सीधे उनके बैंक खाते में पैसे भेजे जाएंगे. पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है, जिससे बिचौलियों की भूमिका खत्म हो और किसानों को पूरा लाभ मिल सके.

किसान भाई कहां कर सकते हैं रजिस्ट्रेशन

सरकारी खरीद में हिस्सा लेने के लिए किसानों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है. इसके लिए किसान ऑफिशल पोर्टल fcs.up.gov.in या UP Kisan Mitra मोबाइल ऐप के जरिए आवेदन कर सकते हैं. वहीं नए किसानों को रजिस्ट्रेशन करना होगा, जबकि पहले से जुड़े किसानों को अपने विवरण अपडेट करने होंगे. रजिस्ट्रेशन के दौरान सही मोबाइल नंबर देना जरूरी है. क्योंकि ओटीपी के जरिए प्रक्रिया पूरी की जाएगी साथ ही आधार से लिंक बैंक खाता भी अनिवार्य है, ताकि पेमेंट सीधे खाते में किया जा सके.

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कविता गाडरी बीते कुछ साल से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता की दुनिया से जुड़ी हुई है. राजस्थान के जयपुर से ताल्लुक रखने वाली कविता ने अपनी पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स और अपेक्स यूनिवर्सिटी जयपुर से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में की है. 
पत्रकारिता में अपना सफर उन्होंने राजस्थान पत्रिका से शुरू किया जहां उन्होंने नेशनल एडिशन और सप्लीमेंट्स जैसे करियर की उड़ान और शी न्यूज के लिए बाय लाइन स्टोरी लिखी. इसी दौरान उन्हें हेलो डॉक्टर शो पर काम करने का मौका मिला. जिसने उन्हें न्यूज़ प्रोडक्शन के लिए नए अनुभव दिए. 

इसके बाद उन्होंने एबीपी नेटवर्क नोएडा का रुख किया. यहां बतौर कंटेंट राइटर उन्होंने लाइफस्टाइल, करंट अफेयर्स और ट्रेडिंग विषयों पर स्टोरीज लिखी. साथ ही वह कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी लगातार सक्रिय रही. कविता गाडरी हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में दक्ष हैं. न्यूज़ राइटिंग रिसर्च बेस्ड स्टोरीटेलिंग और मल्टीमीडिया कंटेंट क्रिएशन उनकी खासियत है. वर्तमान में वह एबीपी लाइव से जुड़ी है जहां विभिन्न विषयों पर ऐसी स्‍टोरीज लिखती है जो पाठकों को नई जानकारी देती है और उनके रोजमर्रा के जीवन से सीधे जुड़ती है.

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