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Pashu jan Aushadhi kendra: यूपी में कैसे खोल सकते हैं पशु जन औषधि केंद्र, इसमें कितना आता है खर्चा?
Pashu jan Aushadhi kendra: सरकार की इस योजना के तहत प्रत्येक विकास खंड में एक-एक पशु औषधि केंद्र स्थापित किया जाएगा. इन केंद्रों पर करीब 400 तक की दवाइयां उपलब्ध होंगी.

पशु जन औषधि केंद्र
Source : @pinterest
Pashu jan Aushadhi kendra: उत्तर प्रदेश में पशुपालकों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाइयां उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने नई पहल शुरू की है. राज्य के हर ब्लॉक में अब ब्लॉक स्तर पर पशु औषधि केंद्र खोले जाएंगे. ये केंद्र प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र की तर्ज पर काम करेंगे. जहां बाजार से कम कीमत पर पशुओं के इलाज के लिए दवाइयां मिल सकेगी. इस योजना का मकसद पशुपालकों का खर्च कम करना और पशुधन की सेहत बेहतर बनाना है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि यूपी में पशु जन औषधि केंद्र कैसे खोल सकते हैं और इसमें कितना खर्च आता है.
अब हर ब्लॉक में खुलेगा पशु औषधि केंद्र
सरकार की इस योजना के तहत प्रत्येक विकास खंड में एक-एक पशु औषधि केंद्र स्थापित किया जाएगा. इन केंद्रों पर करीब 400 तक की दवाइयां उपलब्ध होगी. खास बात यह है कि यह दवाइयां बाजार दर से लगभग 20 प्रतिशत तक सस्ती मिलेगी. इससे पशुपालकों को इलाज के लिए ज्यादा खर्च नहीं करना पड़ेगा.
केंद्र खोलने के लिए क्या है शर्तें?
पशु औषधि केंद्र खोलने के लिए कुछ जरूरी नियम तय किए गए हैं. आवेदक के पास कम से कम 120 वर्ग फुट की जगह होनी चाहिए. इसके साथ ही फार्मासिस्ट का रजिस्ट्रेशन और ड्रग लाइसेंस होना अनिवार्य है. आवेदन के दौरान इन सभी डाक्यूमेंट्स को जमा करना भी जरूरी होगा.
सरकार की इस योजना के तहत प्रत्येक विकास खंड में एक-एक पशु औषधि केंद्र स्थापित किया जाएगा. इन केंद्रों पर करीब 400 तक की दवाइयां उपलब्ध होगी. खास बात यह है कि यह दवाइयां बाजार दर से लगभग 20 प्रतिशत तक सस्ती मिलेगी. इससे पशुपालकों को इलाज के लिए ज्यादा खर्च नहीं करना पड़ेगा.
केंद्र खोलने के लिए क्या है शर्तें?
पशु औषधि केंद्र खोलने के लिए कुछ जरूरी नियम तय किए गए हैं. आवेदक के पास कम से कम 120 वर्ग फुट की जगह होनी चाहिए. इसके साथ ही फार्मासिस्ट का रजिस्ट्रेशन और ड्रग लाइसेंस होना अनिवार्य है. आवेदन के दौरान इन सभी डाक्यूमेंट्स को जमा करना भी जरूरी होगा.
पशु औषधि केंद्र के लिए कैसे कर सकते हैं आवेदन?
जो लोग पशु औषधि केंद्र खोलना चाहते हैं, उन्हें ऑनलाइन आवेदन करना होगा. इसके लिए पशुपालन विभाग के पोर्टल पर जाकर प्रक्रिया पूरी करनी होगी. आवेदन शुल्क 5000 रुपये रखा गया है, जो वापस नहीं किया जाएगा. हालांकि कुछ विशेष जिलों और क्षेत्र के आवेदकों को शुल्क में राहत दी जा सकती है. वहीं इस योजना में प्रधानमंत्री कृषक समृद्धि केंद्र और सहकारी समितियां से जुड़े लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी. इससे ग्रामीण इलाकों में इन केंद्रों का तेजी से विस्तार हो सकेगा और ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसका फायदा मिलेगा.
योजना से क्या होगा फायदा?
पशु औषधि केंद्र खुलने से पशुपालकों को अपने पशुओं के इलाज के लिए सस्ती दवाइयां आसानी से मिल सकेगी. इससे पशुओं की सेहत में सुधार होगा और दूध व अन्य उत्पादों का उत्पादन भी बढ़ेगा. साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी तैयार होंगे.
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Source: IOCL

























